Home देश बिग ब्रेकिंग – CAA पर अधिसूचना जारी, चुनाव में बनेगा बड़ा मुद्दा

बिग ब्रेकिंग – CAA पर अधिसूचना जारी, चुनाव में बनेगा बड़ा मुद्दा

पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को मिल सकेगी भारत की नागरिकता

अविनाश सिंह। 9406725725
लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भारत सरकार ने CAA पर अधिसूचना जारी कर दी CAA को राष्ट्रपति की अनुमति पहले ही मिल चुकी थी लेकिन सरकार ने अब तक CAA लागू नहीं किया था। इसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई थी। नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पाया था। लेकिन अचानक आचार संहिता लगने के कुछ दिन पहले ही सरकार ने CAA लागू कर दिया।
यह मुद्दा अब लोकसभा चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा । इससे पड़ोसी देशों में रहने वाले उन अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी जो उन देशों में प्रताड़ित होकर भारत में रहे हैं। यह देश तीन पड़ोसी देश है जिनमें पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश शामिल है। बांग्लादेश के कई अल्पसंख्यक पहले ही भारत में शरण लिए हुए लेकिन उन्हें भारत की नागरिकता नहीं नहीं मिली है। अब CAA कानून लागू होने के बाद इन तीनों देशों से भारत में शरण लेने वाले अल्पसंख्यक को जिनमे हिंदू, सिक्ख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई अल्पसंख्यक शामिल है को भारत की नागरिकता मिल सकेगी। सीएए लागू होने के बाद अब राजनीति में एक नया भूचाल देखने को मिल सकता है । भाजपा को इसका फायदा होता है या भाजपा के नेता नुकसान में जाते हैं यह अब लोकसभा चुनाव में सामने आयेगा।

क्या है सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट-
सीएए यानी सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है। इसके अलावा इस अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी भी पहले ही मिल चुकी थी लेकिन कुछ राज्यों में जहां पर भाजपा की सरकार नहीं है वहां इस बात का विरोध हुआ जिसके कारण अब तक सीएए लागू नहीं किया जा सका था। वास्तव में सीएए कानून जो है वह ऐसे अल्पसंख्यक शरणार्थियों जो पाकिस्तान अफगानिस्तान या बांग्लादेश से आकर भारत में रह रहे हैं को भारत की नागरिकता प्रदान करने वाला कानून है जो अल्पसंख्यक है और इन तीनों पड़ोसी देशों में प्रताड़ित होकर भारत की शरण में आए हैं। इनमें 6 अल्पसंख्यक समूह शामिल है जिसमें हिंदू सिख बौद्ध ईसाई जैन और पारसी शामिल हैं। सीएए कानून लागू होने के बाद इन सभी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी और वह भारत में शरणार्थी नहीं बल्कि एक सम्मानित जीवन जी सकेंगे।