Home अपना शहर गरीबों के आशियाने उजाड़े, रईसों की कॉलोनी पर कब चलेगा बुलडोजर !

गरीबों के आशियाने उजाड़े, रईसों की कॉलोनी पर कब चलेगा बुलडोजर !

गुरैया रोड पर सरकारी जमीन पर बने रईसों के मकान

कॉलोनाइजर का खुद का मकान रोड की जमीन पर

छिंदवाड़ा। शहर में इन दिनों बुलडोजर चल रहे है। सरकारी जमीनों पर बने मकान, भू माफिया के द्वारा सरकारी जमीनों को बेचने के मामले और पहाड़ियों पर हुए कब्जे पर नगर निगम और राजस्व विभाग दोनों ही सक्रिय नजर आ रहे हैं। अब तक लगभग 25 से 30 मकान तोड़े जा चुके जो कि पूरे बन चुके थे। जिसमें खरीदारों की कोई गलती नहीं थी । लेकिन भूमाफिया ने सरकारी जमीनों को अपना बताकर बेच दिया था और गरीबों ने वहां अपने आशियाने बना लिए थे। इन आशियानों को नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम ने धराशाई कर दिया। यह कार्रवाई बिल्कुल नियम अनुसार हुई है जिस पर कोई आरोप नहीं लगाया जा सकता। लेकिन एक सवाल फिर भी खड़ा होता है कि गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर चलाना बड़ा आसान है।

वहीं दूसरी तरफ शहर के नाम चीन भूमिया और कॉलोनाइजर सरकारी जमीनों पर अपने आशियाने बनाए बैठे हैं। जिस पर नगर निगम के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। भू माफिया ने कॉलोनी काट दी और सरकारी जमीनों पर मकान बना डालें । लेकिन नगर निगम इस मामले में कार्रवाई करना तो दूर सरकारी जमीन का सीमांकन तक करने की जहमत नहीं उठा रही रही है। ऐसी एक कॉलोनी गुरैया रोड में बनी है। जिसमें कॉलोनाइजर ने सरकारी सड़क पर ही कब्जा कर लिया और कई लोगों को सरकारी जमीन बेच डाली। इतना ही नहीं इस कॉलोनाइजर ने खुद का मकान भी वही बनाया है। जो आधे से ज्यादा सरकारी जमीन पर बना हुआ है। फिर भी कॉलोनाइजर बनाम भूमाफिया के हौसले बुलंद हैं।

पहले थी सड़क, सड़क की जगह बदली तो हो गया कब्जा

गुरैया रोड की जिस कॉलोनी की हम बात कर रहे हैं। पहले उस कॉलोनी के बीचो-बीच से एक 25 फीट की सड़क गुजराती थी। लेकिन बाद में सड़क को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन यह सड़क सरकारी जमीन के नाम पर आज भी दर्ज है। यह सड़क कॉलोनी के बीच से जाती है। और राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जमीन है। लेकिन भूमाफिया ने जब कॉलोनी काटी तो इस सड़क को अपनी कॉलोनी का हिस्सा बना लिया। इस सड़क की सरकारी जमीन को भू माफिया ने अपनी जमीन के साथ मिलाकर अलग-अलग लोगों को बेच दिया। वहाँ मकान बनाकर तैयार हो गए। कॉलोनाइजर की जमीन के साथ ही सरकारी जमीन के भी सौदे हो गए और नोट भू माफिया की जेब में चले गए। लेकिन इस तरफ शहर प्रशासन का ध्यान आज तक नहीं गया । कि उसे कॉलोनी में सरकारी जमीन कहां गई जो कि पहले एक सरकारी सड़क हुआ करती थी लेकिन अब वहां पक्के बंगले बने हुए हैं।

कॉलोनाइजर ने खुद आधा मकान सरकारी जमीन पर बनाया

इस कॉलोनी को काटने वाले भूमाफिया ने बड़ी सफाई से सरकारी जमीन का उपयोग कर लिया। पहले तो अपनी कॉलोनी के साथ मिलकर सरकारी जमीन को कई लोगों को बेच दिया गया यहां लगभग छह मकान सरकारी जमीन पर बने हुए हैं। इतना ही नहीं इस सरकारी जमीन का उपयोग खुद कॉलोनाइजर ने भी किया है। इस कॉलोनाइजर बनाम भू माफिया ने इसी कॉलोनी में अपना बांग्ला भी बनाया है। और कॉलोनी की जमीन के साथ-साथ आधा बांग्ला सरकारी जमीन पर बना हुआ है। इस खबर के साथ दिए गए नशे में सड़क अलग से नजर आ रही है। और इस सड़क के बीचो-बीच बने मकान सरकारी जमीन पर बने है। यह पूरा मामला बड़ा साफ है । सिर्फ सरकारी जमीन के सीमांकन पर ही पूरा मामला खुल जाएगा। और दूध का दूध पानी के पानी हो जाएगा। अब देखना है कि नगर निगम गरीबों के आशियाने तोड़ने के साथ-साथ इन रईसों के बंगलो पर कब बुलडोजर चलाती है।

भू माफिया… Avinash Singh
9406725725/7697930555