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“मौत दुल्हन बनी मुस्कुराती रही..” सुख सिसकता रहा दुख के सामने..और खुशियों की बारात जाती रही”

उमंग सिंघार ने पीड़ित परिवार को दिया ऑटो रिक्शा…

इधर सांसद स्वदेशी मेले में करोड़ों रुपयों के वारे – न्यारे

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिला पूरा ही मातम के दौर से गुजर रहा है। यहां ऐसे मासूम बच्चों की हत्या एक जहरीले कफ सिरप और सरकार के सिस्टम ने कर दी । जिन्होंने अब तक ठीक से दुनिया भी नहीं देखी थी। बच्चों की मौत पर देर से जागी सरकार और जिला प्रशासन भी इन हत्याओं की जिम्मेदार है। छिंदवाड़ा में हुई इन मौतों ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। हर कोई सरकार के सिस्टम पर उंगलियां उठ रहा है और छिंदवाड़ा में जारी है मातम। पूरा कोयलांचल मातम में डूबा हुआ है और छिंदवाड़ा जिले के लोग भी इस मातम में कहीं ना कहीं शामिल हैं। एक तरफ मातम में मरहम लगाने का काम भी लोग कर रहे हैं और दूसरी तरफ छिंदवाड़ा शहर में मातम पर उत्सव मनाया जा रहा है । यह जो चंद लाइन आज मैंने इस खबर की हेडिंग में लिखी है। “मौत दुल्हन बनी मुस्कुराती रही, सुख सिसकता रहा दुख के सामने… और खुशियों की बारात जाती रही।

यह कविता 30-35 साल पहले मेरे पिता के दस्तावेजों में मुझे मिली थी। लेकिन आज मातम पर मरहम और मातम पर उत्सव की कहानी छिंदवाड़ा में देखकर एक बार फिर इस कविता की चंद लाइन मुझे याद आ गई। दरअसल छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस के आला नेता भी परासिया पहुंचे। यह सभी नेता उन परिवारों के घर भी पहुंचे जिन परिवारों के चिराग एक जहरीले कफ सिरप ने बुझा दिए। इसी दौरान प्रदेश के एक आदिवासी नेता ने सियासत को दूर रखकर एक परिवार के मातम पर मरहम लगाने का काम किया है । वह नेता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सरकार में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जो बुधवार को परासिया पहुंचे थे । उन्होंने एक पीड़ित परिवार को ऑटो रिक्शा देकर उनके मातम पर मरहम लगाने का काम किया। वहीं दूसरी तरफ छिंदवाड़ा शहर में बुधवार से ही एक उत्सव शुरू किया गया और इस उत्सव का नाम है सांसद स्वदेशी मेला। जहां मातम पर उत्सव मनाया जा रहा है। यह दोनों ही मामले मन की गहराइयों की हद तक संवेदनशील हैं। और बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के आज इस खबर को लिखना पत्रकारिता के साथ मुझे न्याय करने जैसा लग रहा है।

ऑटो रिक्शा क्यों… क्या इसमें कोई सियासत है ?

परासिया क्षेत्र में जहरीले कफ सिरप से गंभीर किडनी रोग से ग्रसित हुए बच्चों की जान बचाने के लिए उनके माता-पिता ने अपना सर्वस्व लगा दिया। और सब कुछ दांव पर लगाकर भी बच्चों की जान बचाने का प्रयास किया। ऐसे ही एक परिवार की खबरें पिछले 10 दिनों से जिले के हर खबर की सुर्खियों में है। की अपने मासूम बच्चे की जान बचाने के लिए एक मुस्लिम परिवार ने अपनीरोजी-रोटी का एकमात्र साधन ऑटो रिक्शा तक बेच दिया। यह बात जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के हर नुमाइंदे के साथ-साथ छिंदवाड़ा के हर बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं तक भी पहुंची। यहां तक की यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के पास भी आई। लेकिन बुधवार को जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार परासिया के इस परिवार के पास पहुंचे तो उन्हें इस परिवार के चेहरे पर दो दुख दिखाई दिए। एक दुख था उनके चश्मों चिराग के इस दुनिया से चले जाने का । और दूसरा दुख था कि अब रोजी-रोटी कैसे चलेगी। उमंग सिंघार ने उस मुस्लिम परिवार जिसके घर खुद मुख्यमंत्री बैठने गए थे। उस मुस्लिम परिवार को उनकी रोजी-रोटी का साधन जो उनके चश्मों चिराग की जान बचाने में बिक गया था। वह रोजी-रोटी का साधन ऑटो रिक्शा देकर उनके एक दुख पर मरहम लगाने का काम किया।

सांसद स्वदेशी मेला में उपहार दी जा रही पांच स्कूटर

इधर दूसरी तरफ छिंदवाड़ा जिले के 20 बच्चों की दर्दनाक मौत के मातम के बीच सांसद स्वदेशी मेला संचालित हो रहा है। इस मेले को सफल बनाने में मेले का आयोजन करने वाले भरपूर प्रयास कर रहे हैं। यहां तक की लोगों तक मेले की बात पहुंचाने के लिए लाखों रुपए के विज्ञापन लगवाए गए हैं । और लोगों को आमंत्रण दिया जा रहा है कि वह मेले में पहुंचे। इस मेले में जहां रंगारंग कार्यक्रम में शहर के कई नेता, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और व्यापारी शामिल हो रहे हैं। वही इस मेले में हर दिन एक स्कूटर भी लोगों को उपहार में दी जा रही है। दरअसल सांसद स्वदेशी मेले की आयोजन समिति ने मेले में आने वालों के लिए एक उपहार योजना भी रखी है। जिसमें लकी ड्रा के तहत 8 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक हर दिन एक लकी ड्रा निकाला जाएगा । मेले में पहुंचने वाले उसे इंसान को जो खुशकिस्मत होगा उसको मिलेगी सांसद स्वदेशी मेले में एक स्कूटर । 5 दिन में सांसद स्वदेशी मेले का आयोजन करने वाले लगभग 5 लाख की स्कूटर बांट देंगे। 5 दिन में मेले में करोड़ों रुपए के बारे न्यारे हो जाएंगे और छिंदवाड़ा शहर के नेता, अधिकारी, व्यापारी और जनप्रतिनिधि 5 दिन मातम पर उत्सव मनाएंगे।

मेले में विदेशी कंपनियों की ब्रांडिंग से स्वदेशी राग

छिंदवाड़ा शहर के दशहरा मैदान में आयोजित सांसद स्वदेशी मेले की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस अपील पर आधारित है । जिसमें उन्होंने कहा है कि लोग ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी सामान खरीदे और स्वदेशी प्रोडक्ट अपनाए । ताकि देश का पैसा देश के काम आए । लेकिन जो मेला छिंदवाड़ा शहर में लगाया गया । उस मेले के ज्यादातर स्टॉल विदेशी ब्रांडिंग से भरे हुए हैं। यहां कई विदेशी कंपनियों के डिस्प्ले हैं। और कई विदेशी कंपनियों की कारें, दोपहिया वाहन सहित कई अन्य ब्रांड भी मेले में खड़े हैं। ताकि जो लोग मेले में पहुंचे उन्हें इन विदेशी ब्रांड पर मिलने वाली छूट, जीएसटी की छूट सहित पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। यानी कि सांसद स्वदेशी मेले में विदेशी ब्रांडिंग के साथ स्वदेशी राग सुनाया जा रहा है। इससे भी बड़ी बात यह है कि आगामी दीपावली के समय जिन कंपनियों और व्यापारियों के विज्ञापन अखबारों में छपने चाहिए थे उन विज्ञापनों के रुपए तो स्वदेशी मेले में आयोजकों ने ही ले लिए जिसकी कटौती व्यापारी और कंपनियां दिवाली के विज्ञापनों में करेगी।

मातम की हकीकत…Avinash Singh
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