लुटेरों से सीधी सांठ – गांठ, दे रहे खुला संरक्षण
मोहखेड़ थाने की सेटिंग भी संभाल रहे आर – आर
छिंदवाड़ा। सागवन चोरों से लूट की वारदात लगातार जारी है। खबर लगाए जाने के बाद भी अब तक लुटेरों ने अपना काम बंद नहीं किया और ना ही पुलिस ने और वन विभाग ने इस पर रोक लगाने का कोई प्रयास किया । चोरों से सागवन लूटने का सिलसिला जिले के तीन विकासखंड क्षेत्र में लगातार चल रहा है। इसको संरक्षण दे रहा है उमरानाला चौकी के आर – आर जो लुटेरों को सागौन से भरी पिकअप लूटने में मदद करते हैं। और उनकी तरफ से पूरे मोहखेड़ क्षेत्र में सेटिंग करने का काम भी उमरानाला चौकी के यह आर – आर कर रहे हैं। दरअसल इतना बड़ा खेल सागवन लूटने का चल रहा है और लुटेरे हर महीने लाखों रुपए के वारे न्यारे कर रहे हैं। जबकि जंगल से लकड़ी कोई और चुरा रहा है और लुटेरे उस माल को लूट कर मौज उड़ा रहे। हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस और वन विभाग दोनों की ही भूमिका संदेह के घेरे में है।
किस तरह जंगलों से लकड़ी कट रही है पिकअप पर भरकर तस्करी की जा रही है और फिर उसी पिकअप को लूट लिया जा रहा है। यह पूरी वारदात वन विभाग के कुछ कर्मचारियों और पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारियों के संरक्षण में चल रहा है । पुलिस विभाग के उमरानाला चौकी और मोहखेड़ थाने की पुलिस को तो दो प्रधान आरक्षक और आरक्षक मिलकर संभाल रहे हैं। लुटेरों को खुला संरक्षण दिलवा रहे हैं। यह लुटेरे एक टीम के रूप में काम करते हैं ।और जैसे ही उन्हें पता लगता है कि आज सागौन निकलने वाली है तो पिकअप के रास्ते में अपना जाल बिछा लेते हैं । और वही सागवन लूट कर दूसरे वाहनों में डालकर दूसरी जगह भेज देते हैं यह सिलसिला लगातार जारी है।
सागौन का चोर कोई, तस्कर कोई , लुटेरे उड़ा रहे मौज
बिछुआ, लावागोगरी, सांवरी सिलवानी के जंगलों से लगातार सागौन की चोरी सागवान के पेड़ काटकर की जा रही है । यह काम तस्कर या तो मजदूरों के सहारे कर रहे हैं या ग्रामीण क्षेत्र के लकड़ी चोर लकड़ी काटकर तस्करों को बेच रहे। लेकिन सागौन की कटाई इन क्षेत्रों में बेदर्दी चल रही है। जिस पर वन विभाग अंकुश नहीं लग पा रहा है। वन विभाग का जंगल पर ध्यान नहीं है कभी कभार सागौन की तस्करी होते हुए वाहन पकड़ने के बाद वन विभाग के अधिकारी पिकअप के ड्राइवर के साथ फोटो खींचने को अपनी शान समझते हैं। और वही फोटो मीडिया में वायरस की जाती है कि वन विभाग ने लकड़ी चोरी पकड़ ली।
लेकिन जिस तेजी से सागौन की कटाई चल रही है वह दिन दूर नहीं जब जंगल से सागवान के पके हुए पेड़ खत्म हो जाएंगे और वन विभाग के आल्हा अधिकारी अपना तबादला कराकर दूसरी जगह पेड़ काटने पहुंच जाएंगे। पेड़ काटने के बाद चोर तस्करों को यह सागौन बेचते और तस्कर वाहनों में भरकर इस सागौन की तस्करी करते हैं। लेकिन चोर पर मोर वाली कहावत यहां चरितार्थ होती नजर आ रही है। इन तस्करों से मोहखेड़ क्षेत्र के यह लुटेरे रास्ते में ही सागौन लूट लेते हैं। और उसे बाजार में बेच देते जिससे लाखों रुपए की कमाई लुटेरे कर रहे और उसका हिस्सा भी बांट रहे हैं।
Next Episode – कौन हैं चौकी के आर – आर और लुटेरे !
वन अपराध… Avinash Singh
9406725725/7697930555









