Home राजनीति अपाहिज प्रशासन, बेबस पुलिस और बेकाबू प्रदर्शन !

अपाहिज प्रशासन, बेबस पुलिस और बेकाबू प्रदर्शन !

वाटर कैनन शुरू नहीं कर पाया प्रशासन

पुलिस ने खाये भीड़ और नेताओं के धक्के

छिंदवाड़ा। रविवार को छिंदवाड़ा में हुए उग्र आंदोलन और प्रदर्शन में कई नजारे देखने को मिले । प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन अपाहिज नजर आया, भीड़ को नियंत्रित करने में और उग्र आंदोलन को रोकने में पुलिस बेबस नजर आई, और भीड़ बेकाबू नजर आई। जिसका नियंत्रण किसी नेता के पास नहीं था। यहां तक की खुद आला नेता इस भीड़ की अगुआई कर रहे थे और भीड़ को बेकाबू होते देख रहे थे। मामला है भाजपा के कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन का। दरअसल इंडिया एआई मीट के दौरान कांग्रेस के प्रदर्शन के खिलाफ पूरे देश में भाजपा प्रदर्शन कर रही है। इसी कड़ी में रविवार को छिंदवाड़ा में भी कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन और पुतला दहन की तैयारी जिला भाजपा ने की थी। जिसके तहत प्रदर्शन होना था।

प्रदर्शन शुरू हुआ भीड़ उग्र हुई और इंदिरा तिराहे से लेकर कांग्रेस कार्यालय तक चार जगह रोके जाने के बाद भी भाजपा के नेता लगातार आगे बढ़ते रहे और बैरिकेड तोड़ते रहे। आखिरकार उग्र भीड़ कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गई। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने का सबसे आसान तरीका वाटर कैनन था । लेकिन यह वाटर कैनन शुरू ही नहीं हो पाई। यहां तक की इस वाटर कैनन की जगह-जगह से कैन फटी हुई थी। जिसके चलते पुलिस को नेताओं और उग्र भीड़ के धक्के खाने पड़े। यहां तक की पुलिस अधिकारी जमीन पर गिर गए फिर भी नहीं रुकी। आखिरकार बल प्रयोग और आंसू गैस छोड़े गए तब जाकर भीड़ को नियंत्रित किया जा सका।

दूसरे जिलों से सबक नहीं, आखिर ये कैसी तैयारी ?

भाजपा पहले अन्य जिलों में भी प्रदर्शन कर चुकी है । यहां तक की भोपाल में भी उग्र आंदोलन और प्रदर्शन हुआ। जिसके चलते कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ तक की गई। कई जगह से उग्र प्रदर्शन की खबर आने के बाद भी छिंदवाड़ा जिला प्रशासन यह कैसी तैयारी की की वाटर कैनन तक शुरू नहीं हो पाई। दरअसल ऐसे किसी भी आंदोलन या प्रदर्शन में पुलिस लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल करने की भूमिका में रहती है। और केवल आदेश का पालन करती है। लेकिन ऐसे आंदोलन और प्रदर्शन में प्रशासन की कमान कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर या एसडीएम स्तर के किसी अधिकारी के पास होती है। और प्रदर्शन के दौरान लगने वाले साजो समान को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी भी इसी अपर कलेक्टर या एसडीएम स्तर के अधिकारी की ही होती है । जिनके निर्देश पर पूरा प्रशासन और पुलिस काम करता है। लेकिन यहां तो जिला प्रशासन एक अपाहिज की तरह नजर आया। आधा किलोमीटर दूर फायर ब्रिगेड खड़ी की गई उस पर भी जो वाटर कैनन फायर ब्रिगेड में लगाई गई वह जगह – जगह से फटी हुई थी। जिसके चलते पुलिस को धक्के खाने पड़े और पूरे मामले में पुलिस बेबस नजर आई।

छिंदवाड़ा में अब नई राजनैतिक परंपरा की शुरुआत

रविवार को भाजपा के द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन के बाद अब यह साफ हो गया है कि छिंदवाड़ा में कमलनाथ और पुरानी भाजपा का राज लगभग समाप्त हो गया। जबकि 45 साल यहां कांग्रेस और भाजपा के नेता आपस में सामंजस्य बनाकर आंदोलन और प्रदर्शन करते रहे। कोई कांग्रेस या भाजपा के कार्यालय तक नहीं पहुंचा। वह दौर अब खत्म हुआ। अब नई राजनीतिक परंपरा की शुरुआत हो चुकी है। जो तेजी से आगे बढ़ेगी अब युवाओं को समझाना किसी नेता के वश में नहीं है। जहां उग्र प्रदर्शन में भाजपा ने अपनी सारी हदें पार की। वहीं कांग्रेस ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां तक की प्रदर्शन के बाद जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकट ने आत्मदाह की धमकी तक दे डाली। तो वही उग्र भीड़ की कमान खुद जिला भाजपा अध्यक्ष शेषराव यादव ने संभाली और भीड़ के साथ उतनी उग्रता से आगे बढ़ते रहे। नए छिंदवाड़ा में अब नए राजनीतिक रंग देखने को मिलेंगे।

हिंसक राजनीति… Avinash Singh
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