पालाचौरई साइडिंग से मिट्टी पत्थर के नाम पर ढो रहे कोयला
सब एरिया प्रबंधन और केसीसी कंपनी की मिलीभगत
छिंदवाड़ा। जिले में कोयले की दलाली कोई नई बात नहीं है । लेकिन अब इसमें कोल माफिया के साथ-साथ वेकोली प्रबंधन भी पूरी तरह से इंवॉल्व नजर आ रहा है। बंद खदानों से मजदूरों के जरिए कोयला निकालना और बोरियों में भरकर बेचना कोल माफिया का प्रमुख कारोबार है। लेकिन इससे भी बड़ा कारोबार वेकोली प्रबंधन की मिलीभगत से कोयले की डकैती का चल रहा है। बाकायदा मशीनों से कोयला खोद कर हाइवा में भरकर चोरी किया जा रहा है। और यह डकैती खुलेआम हो रही है। हाल ही में अंबाडा सब एरिया के पालाचौरई साइडिंग से कोयले की चोरी शुरू की गई है। बल्कि इस चोरी को चोरी ना कह कर डकैती बोलना ज्यादा बेहतर होगा ।
क्योंकि यह खुलेआम डकैती मामूली से बोरियों में भरकर कोयले की नहीं है। बल्कि डम्पर में भरकर हजारों टन कोयला बाहर करने की है। जिस पर सब एरिया का पूरा वरदहस्त है और एक ठेकेदार कंपनी खुलेआम इस कारोबार को अंजाम दे रही है। अंबाडा सब एरिया के पालाचौरई साइडिंग से हर दिन कई हाईवे भरकर कोयला बाहर जा रहा है। यह कोयला साइडिंग में वर्षों से दबा हुआ कोयला है। जिसे खोदा जा रहा है और बाहर भेजा जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इस बात की जानकारी सब एरिया प्रबंधन को नहीं है। बल्कि इस बात की जानकारी पूरी तरह से सब एरिया प्रबंधन को है। और अधिकारियों पूरी सांठ गांठ के तहत इस डकैती को अंजाम दिया जा रहा है।
मशीनें लगाकर कर रहे कोयले की खुदाई…👇
2021 में बंद की मुआरी खदान और पालाचौरई साइडिंग
सरकार ने मुआरी भूमिगत खदान और पालाचौरई साइडिंग को 2021 में बंद कर दिया था। मुआरी भूमिगत खदान से क्लास वन कोयला निकलता था । और यह कोयला पालाचौरई साइडिंग से ट्रेनों में भरकर बाहर भेजा जाता था। लेकिन 2021 में मुआरी खदान बंद होने के बाद साइडिंग को भी बंद कर दिया गया। Wcl प्रबंधन के अनुसार साइडिंग बंद करते समय वहां कोयला नहीं था। लेकिन इस साइडिंग में बरसों पुराना कोयला अंदर दबा हुआ है। जिसे अब खोद कर बाहर निकाला जा रहा है। इसमें भी बड़ा खेल है। यह खेल अंबाडा सब एरिया के साथ-साथ कोयला खोद कर बेचने वाली कंपनी की मिली भगत से चल रहा है। इस बंद साइडिंग में बाकायदा मशीन लगाकर अंदर से कोयला बाहर निकाला जा रहा है और ट्रकों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है।
गड्ढे भरने का टेंडर दिया, अब करा रहे कोयले की डकैती
पालचौरई साइडिंग से कोयला बाहर निकाल कर इसे बाहर भेजने के लिए बाकायदा बंद खदानों में हुए गड्ढों को भरने का एक टेंडर निकाला गया । अंबाडा सब एरिया ने यह टेंडर 13 लाख 50 हजार रुपए में केसीसी कंपनी को दिया। टेंडर के तहत कंपनी को मिट्टी और पत्थर लाकर बंद खदानों में हुए गड्ढों को भरना है। टेंडर की हकीकत यह है कि गड्ढों को भरने के लिए केसीसी कंपनी को लगभग 5 किलोमीटर का सफर तय करके पाला चौरई आने की जरूरत ही नहीं है। बल्कि मुआरी खदान के आसपास पड़े मलबे से ही गड्ढों को भरा जा सकता है। लेकिन यहां बड़ा खेल है, टेंडर के नाम पर पाला चौरई साइडिंग में वर्षों से दबे कोयले की डकैती डालने के लिए यह पूरा षड्यंत्र रचा गया है। जब कोई सब एरिया से पूछ रहा है तो वह इस उत्खनन को मिट्टी और पत्थर का उत्खनन बता रहे हैं। यहां तक की खनिज विभाग को भी इस बात की जानकारी दी गई है कि मिट्टी और पत्थर निकाल कर गढ़ों में भरा जा रहा है । जबकि हकीकत कुछ और है। हकीकत यह है कि बरसों पुराने दबे कोयले को खोद कर निकाला जा रहा है और उसे बाहर भेजा जा रहा है ।
Next Episode – बंद खदान से गायब कर दिया 10 करोड़ का कोयला।
कोयले की दलाली… Avinaash Siingh
9406725725/7697930555








