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Ideal Personality : एक जिद ने सिर्फ 13 साल में पहुंचाया पार्लियामेंट !

जन्म दिवस विशेष : छिंदवाड़ा – पांढुर्णा सांसद विवेक बंटी साहू

2010 में भाजपा में शामिल हुए, 2024 में बन गए सांसद

छिंदवाड़ा। आज 29 अप्रैल 2026 छिंदवाड़ा – पांढुर्णा जिले के सांसद विवेक बंटी साहू का जन्म दिवस है। पूरे छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले से उनके समर्थकों और भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं सहित उद्यमियों, व्यापारियों और बड़े-बड़े कारोबारी की शुभकामनाएं सांसद विवेक बंटी साहू तक पहुंच रही हैं। और इन दोनों ही जिलों के लोग विवेक बंटी साहू को आज सांसद के रूप में जान रहे हैं । लेकिन सांसद बनने के पीछे विवेक बंटी साहू की जिद का जिक्र उनके पार्लियामेंट में शपथ ग्रहण के बाद से लेकर आज तक दोनों ही जिलों के किसी भी मूर्धन्य विद्वान ने नहीं किया। मैं इंतजार कर रहा था कि शायद विवेक बंटी साहू कि उस जिद का जिक्र उनके सांसद बनने तक के सफर में जरूर होना चाहिए। जिसके जरिए एक सामान्य कारोबारी जिसका राजनीति से बहुत ज्यादा कोई सरोकार नहीं रहा। छिंदवाड़ा पांढुर्णा जिले के आम लोगों की तरह ही कमलनाथ की आईडियोलॉजी पर चलने वाले और कमलनाथ के बाद दूसरे कद्दावर नेता दीपक सक्सेना के दरबार में शामिल एक युवा।

विवेक बंटी साहू आखिर सिर्फ 13 सालों में भाजपा में शामिल होने के बाद सांसद कैसे बने। यह बात आजकल के उन नेताओं के लिए जानना भी बहुत ज्यादा जरूरी है जो छिंदवाड़ा जैसे कठिन राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले जिले में अपनी जमीन तलाश रहे हैं। लेकिन काफी इंतजार के बाद भी जब किसी मूर्धन्य विद्वान ने इस बात की चर्चा नहीं की तो आखिरकार आज संसद विवेक बंटी साहू के जन्मदिवस पर मुझे लगा कि इस बात की चर्चा जरूर होनी चाहिए कि आखिर एक सामान्य कारोबारी सिर्फ 13 साल में पार्लियामेंट तक कैसे पहुंचा। जो आज के युवा नेताओं के लिए एक आदर्श भी है और पुराने नेताओं के लिए एक सीख है। की परिवर्तन लाने की जिद हो तो वह काम भी संभव है जो आपने कभी जीवन में सोचा भी ना हो।

भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष बनते हुआ शुरू हुआ संघर्ष

1980 से लगातार छिंदवाड़ा जिले की राजनीति पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के इर्द-गिर्द ही घूमती रही । शायद लोगों के जेहन में यह बात कभी आई ही नहीं की वह दौर भी आएगा जब एक सामान्य कारोबारी भाजपा में शामिल होगा। और सिर्फ 13 साल के राजनैतिक करियर में छिंदवाड़ा जिले का सांसद बनेगा । खुद कमलनाथ के जेहन में कभी यह बात नहीं रही होगी। क्योंकि 45 साल छिंदवाड़ा के अविभाजित जिले की राजनीति कांग्रेस या बीजेपी दोनों ही कमलनाथ के इर्द-गिर्द घूमते रहे। खुद सांसद विवेक बंटी साहू भी कमलनाथ के समर्थक रहे और पूर्व कैबिनेट मंत्री दीपक सक्सेना के खास लोगों में शामिल रहे। विवेक बंटी साहू खुद एक कारोबारी रहे जिन्होंने अपने पैतृक कारोबार से हटकर ऑटोमोबाइल कारोबार में अपना दखल बढ़ाया। टाटा मोटर्स जैसी देश की बड़ी कंपनी का संचालन छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में विवेक बंटी साहू ने किया।

2010 के पहले किसी घटनाक्रम में सांसद विवेक बंटी साहू ने राजनीति और प्रतिष्ठा में कहीं ना कहीं खुद को कमजोर पाया और उन्होंने निर्णय लिया कि छिंदवाड़ा कांग्रेस सिर्फ कमलनाथ के आसपास ही चलती है। इसमें राजनीति के शिखर पर पहुंचना संभव नहीं है। जिसके चलते संसद विवेक बंटी साहू ने 2010 में भाजपा का दामन थाम लिया और इसके पहले हुए घटनाक्रम की टीस ने जन्म दिया एक जिद को जिसके चलते आज लोग सांसद विवेक बंटी साहू का जन्म दिवस मना रहे हैं। 2010 में भाजपा में आने के बाद उन्होंने प्रयास किया और कुछ दिनों में ही जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बन गए यहां से विवेक बंटी साहू के राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई और शुरू हुआ एक व्यवस्थित संघर्ष।

परिवर्तन का जुनून देखकर भाजपा ने जताया भरोसा

आजकल राजनीति में धन और बल का उपयोग कर पद और प्रतिष्ठा प्राप्त कर ली जाती है। लेकिन केवल धन के भरोसे राजनीतिक शिखर पर नहीं पहुंचा जा सकता। यह बात सांसद विवेक बंटी साहू ने साबित कर दी । वे 2010 के बाद जब पहली बार युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने तभी से सांसद विवेक बंटी साहू ने राजनीति के शिखर पर पहुंचने के वह हर संभव प्रयास किया जो आजकल के नेता नहीं करते। कई नेता तो सिर्फ धन के बल पर राजनीति करना चाहते हैं। जबकि ऐसा करने वालों की संख्या हजारों में हो सकती है लेकिन हर चीज का सही सामंजस्य बनाकर जो संघर्ष करता है वहीं राजनीतिक शिखर पर पहुंचता है। सांसद विवेक बंटी साहू के अंदर एक अपमान ने जिस जिद को जिंदा किया । उस जिद ने आज उन्हें सांसद के रूप में स्थापित कर दिया। राजनीति में 2010 से लेकर 2024 तक सांसद विवेक बंटी साहू जो की एक संपन्न परिवार से आते हैं। उन्होंने सिर्फ संपन्नता या धन के भरोसे राजनीति नहीं की बल्कि लोगों में अपनी जगह स्थापित करने के लिए भी संघर्ष किया । 13 साल की मेहनत यह बात साबित करती है कि यदि आपके अंदर जिद हो तो कोई भी काम असंभव नहीं होता और यही सांसद विवेक बंटी साहू ने किया।

13 वर्षों में युवा मोर्चा के अध्यक्ष से लेकर जिला भाजपा के अध्यक्ष और अब सांसद तक भाग्य ने बंटी साहू का साथ दिया। लेकिन बंटी साहू ने भी संघर्ष का दामन नहीं छोड़ा पूरी शिद्दत से बंटी साहू ने लोगों के बीच और खासकर कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले एक नेता की छवि को पूरी तरह से भाजपा की विचारधारा के नेता की छवि में बदलने में खासी मशक्कत उन्होंने की। जिसके चलते भाजपा ने भी विवेक बंटी साहू पर भरोसा जाता है यही कारण है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने विवेक बंटी साहू को सांसद बनने में कोई कसर नहीं छोड़ी और छिंदवाड़ा में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। यह सिर्फ इसलिए नहीं हुआ कि विवेक बंटी साहू एक संपन्न नेता है और रुपए खर्च करने में सक्षम हैं। बल्कि यह इसलिए भी हुआ कि छिंदवाड़ा में इसके पहले कोई इतना जुनूनी नेता सामने आया ही नहीं जिसमें परिवर्तन लाने की जिद हो।

Happy Birthday mr. सांसद…
Avinash Singh
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