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खबर का असर : गुरैया रोड सिंधी कॉलोनी में 7 मकान सरकारी जमीन पर !

राजस्व की टीम ने सौंपी रिपोर्ट, निगम ने दिया नोटिस

खुद कॉलोनाइजर का मकान सरकारी जमीन पर

छिंदवाड़ा। दिव्य भारत समाचार की एक खबर ने गुरैया रोड स्थित कॉलोनी का एक ऐसा मामला उजागर किया । जिसमें सरकारी जमीन पर कॉलोनी के मकान बने हुए हैं। यहां तक कि कॉलोनाइजर का खुद का मकान सरकारी जमीन पर बना हुआ है। किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। दिव्य भारत समाचार ने यह खबर प्रमुख रूप से प्रकाशित की थी। जिसके बाद हरकत में आई राजस्व विभाग की टीम ने जब जांच की तो पता चला कि इस कॉलोनी का नक्शा ही बदल दिया गया। टीएनसीपी से जो नक्शा कॉलोनाइजर ने पास कराया था। उस नक्शे के आधार पर कॉलोनी का निर्माण कराया ही नहीं गया। बल्कि सरकारी जमीनों पर मकान तान दिए गए। राजस्व विभाग की टीम ने जब जांच की तो पता चला कि कॉलोनाइजर सहित इस कॉलोनी में 7 मकान ऐसे हैं जो सरकारी सरकारी जमीन पर बने हुए हैं।

बाकायदा राजस्व की टीम ने रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी है। और तहसीलदार ने इन सभी अतिक्रमण करियों को नोटिस जारी किया है। बड़ी बात यह है की पक्की कवर्ड कॉलोनी में जिस तरह से कॉलोनाइजर ने सरकारी जमीन को अपनी जमीन में मिला लिया ऐसे कई मामले और शहर में हैं। लेकिन दिव्य भारत समाचार की पहल पर यह पहला मामला उजागर हुआ है। जिसमें 7 मकान पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि फिलहाल नगर निगम के पास राजस्व विभाग की वह रिपोर्ट जिसमें सा मकान को सरकारी जमीन पर बनाया बताया गया है। वह अभी नहीं पहुंची है। लेकिन फिर भी नगर निगम ने सभी 7 मकान मालिकों को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा कॉलोनाइजर महेश वाधवानी को भी नोटिस जारी कर कॉलोनी के समय प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेजों के सहित तलब किया गया है।

दिव्य भारत समाचार की पहली खबर 👇

कॉलोनाइजर ने चुरा ली सड़क बना ली कॉलोनी, कॉलोनाइजर का मकान भी सड़क पर !

अपनो को ही दिया धोखा, कॉलोनी में ज्यादातर सिंधी परिवार

गुरैया रोड पर संचार कॉलोनी के पास स्थित यह कॉलोनी महेश वाधवानी ने काटी और इस कॉलोनी में ज्यादातर सिंधी परिवारों ने जमीन ली और मकान बनाए। बड़ी बात यह है कि जिस नक्शे के आधार पर टीएनसीपी ने कालोनी काटने की परमिशन दी थी। उस नक्शे को साइड पर रखकर प्लाट काट दिए गए। कई प्लाट कॉलोनाइजर की जमीन के साथ-साथ सरकारी जमीन को मिलाकर भी काटे गए। जिसके चलते मकान का ज्यादातर हिस्सा सरकारी जमीन पर आ रहा है। ऐसे 7 मकान है। बड़ी बात यह है कि इन 7 मकान में ज्यादातर सिंधी परिवार रहते हैं। इसका मतलब साफ है कि कॉलोनाइजर ने अपनों को ही धोखा दिया है । खुद की जमीन बता कर सरकारी जमीन बेच दी। सरकारी सड़क चुराकर उस पर पूरी कॉलोनी तान दी। जिसका खामियाजा अब वह मकान मालिक भुगतेंगे जिन्होंने पहले तो महंगी जमीन खरीदी । उस जमीन पर लाखों खर्च कर मकान बनाया और अब इस मकान का ज्यादातर हिस्सा सरकारी जमीन पर आ रहा है। जिसके चलते राजस्व और नगर निगम की टीम का शिकंजा इन सड़क पर बने मकान पर कसता जा रहा है।

दिव्य भारत समाचार की दूसरी खबर 👇

गरीबों के आशियाने उजाड़े, रईसों की कॉलोनी पर कब चलेगा बुलडोजर !

इन 7 मकान मालिकों को जारी हुआ नोटिस, देंगे जवाब

संचार कॉलोनी के पास स्थित यह सिंधी कॉलोनी नोनिया करबल क्षेत्र में आती है। जिसकी जांच राजस्व विभाग की टीम ने की है । अब अतिरिक्त तहसीलदार ने जिन मकान मालिकों के मकान के हिस्से सरकारी जमीन पर आ रहे हैं । उन्हें नोटिस जारी किया है ताकि वे इस अतिक्रमण पर जवाब दे सके। बाकायदा रिपोर्ट आने के बाद तहसीलदार ने महेश माधवानी, मोहन लालवानी, ओम लालवानी, मोहन चुंगलानी, अमित लालवानी, सुनील लालवानी और मनोहर पिता पंजाबराव को नोटिस जारी कर उपस्थित होने का आदेश दिया है। यह सभी वे मकान मालिक है जिनके मकान का काफी हिस्सा सरकारी जमीन पर आ रहा है। यह वही सरकारी जमीन है जो पहले सड़क थी लेकिन कॉलोनाइजर ने सड़क चुराकर कॉलोनी में शामिल कर लिया। और लोगों को प्लाट बेच दीजिए अब कॉलोनाइजर और कॉलोनी वालों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं गई हैं।

Next Episode – क्या रहीसों के मकानों पर चलेगा बुलडोजर !

सरकारी जमीन…Avinaash Siingh
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