Home जिला कोयलांचल : सिरप कांड के बाद, चिल्ड्रन ट्रीटमेंट सिस्टम डिस्ट्रॉय !

कोयलांचल : सिरप कांड के बाद, चिल्ड्रन ट्रीटमेंट सिस्टम डिस्ट्रॉय !

सारणी से लेकर गंगीवाड़ा तक बच्चों का इलाज बंद

सारणी – पाथाखेड़ा से भी छिंदवाड़ा आ रहे बच्चों के परिजन

छिंदवाड़ा। 6 महीने पहले छिंदवाड़ा जिले के कोयलांचल में हुआ सिरप कांड का असर अब तक क्षेत्रवासी झेल रहे हैं। यह कांड इतना बड़ा था कि एक जहरीले सिरप ने 24 मासूम बच्चों की जान ले ली। इस पूरे कार्ड का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने शासन के निर्देश पर कार्रवाई की और तीन डॉक्टर सहित लगभग 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन उसके बाद ना ही प्रशासन ने इस क्षेत्र की सुध ली और ना ही शासन स्तर पर सांसद, विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री तक ने इस बात पर ध्यान दिया । कि इस कांड के बाद कोयलांचल के एक बहुत बड़े क्षेत्र में बच्चों के इलाज का संकट खड़ा हो गया है। और इसकी जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है। सीएमएचओ कार्यालय राजनीति का अखाड़ा बन गया है। जहां पर खुद सीएमएचओ और प्रभारी सीएमएचओ स्तर के अधिकारी राजनीति करते नजर आते हैं।

लेकिन कोयलांचल में खड़े हुए भीषण संकट की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। परासिया में अब तक बच्चों का उपचार किया जाता था । परासिया अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण सोनी बैतूल जिले के सारणी, पाथाखेड़ा, दुनावा सहित नवेगांव, दमुआ, जुन्नारदेव, उमरेड, मोरडोंगरी, झिरपा, तामिया तक के बीमार बच्चों का उपचार करते थे। लेकिन आज के हालात यह है की सारणी से लेकर छिंदवाड़ा तक बच्चों का उपचार करने के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है। दिव्या भारत समाचार की टीम ने जब इस बिहाइंड द सीन मामले में काम किया तो पता चला कि 100 किलोमीटर दूर से भी बच्चों को लेकर छिंदवाड़ा की दौड़ लगानी पड़ रही है तब जाकर बच्चों का उपचार हो रहा है।

पहला मामला – 15 दिन पहले सारणी में रहने वाले चंचलेश के डेढ़ साल के बच्चे की तबीयत खराब हो गई। चंचलेश अपनी पत्नी के साथ बच्चे को लेकर चिलचिलाती धूप में पहले दमुआ फिर जुन्नारदेव और फिर परासिया लेकर आया। लेकिन सारणी से लेकर परासिया तक कहीं पर भी इस डेढ़ साल के मासूम बच्चे का उपचार नहीं हुआ। आखिरकार चंचलेश को सारणी से छिंदवाड़ा तक आना पड़ा । तब जाकर उसके बच्चे को उपचार मिल पाया। तब तक बच्चे की हालत काफी हद तक बिगड़ गई थी लेकिन उपचार के बाद बच्चा ठीक हो गया।

दूसरा मामला – लगभग 1 सप्ताह पहले झिरपा से जिला अस्पताल पहुंचे सुखराम अपनी 2 साल की बेटी को लेकर आया था। उसके साथ भी यही स्थिति उत्पन्न हुई। पहले तामिया और परासिया में बच्चों को इलाज मिल जाता था। लेकिन झिरपा से लेकर तामिया परासिया में भी उल्टी दस्त से गंभीर उसे बच्ची को उपचार नहीं मिला। आखिरकार सुखराम को भी जिला अस्पताल की शरण लेनी पड़ी तब जाकर बच्ची का इलाज हो सका। ऐसे कई मामले हर दिन सामने आ रहे हैं जिसमें पता चलता है कि कोईलांचल में मासूम बच्चों के इलाज की व्यवस्था पूरी तरह से तप हो गई है।

झोलाछाप तो दूर अब MBBS डॉक्टर भी नहीं कर रहे इलाज

सिरप कांड के बाद डॉक्टरों को जेल में डाल दिया गया । तब से लेकर अब तक वे में जेल में ही है। और उनके साथ सिरप बनाने वाली कंपनी का मालिक, केमिस्ट, दवा की एजेंसी संचालक और डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी तक जेल में है। इस कांड ने कोयलांचल में इतना बुरा असर डाला है कि अब बच्चों का इलाज इस पूरे क्षेत्र में मौजूद एमबीबीएस डॉक्टर तक नहीं कर रहे। झोलाछाप डॉक्टर ने तो पहले ही हाथ खड़े कर दिए हैं। पहले तो बच्चों की तबीयत खराब होने पर दवा की दुकानों से ही दवाई मिल जाती थी। लेकिन अब एमबीबीएस डॉक्टर, झोलाछाप डॉक्टर , दवाई की दुकान वाले सभी ने बच्चों के लिए दवा देना बंद कर दिया है।इसका असर यह हो रहा है कि लोगों को 100 किलोमीटर दूर से बच्चों का इलाज करने के लिए छिंदवाड़ा आना पड़ रहा है।

सिविल अस्पताल शोभा की सुपारी, बेहतर इलाज के दावे फेल

बड़ी विडम्बना है कि एक तरफ सरकार दावे कर रही है कि लोगों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर सरकार बड़ी संजीदा है । जिसमें सबसे ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। हर क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बड़ी बात यह है कि यह दावे सरासर खोखले हैं। जिसका नजारा आपको कोयलांचल में दिखाई देगा। कोयलाचल के जुन्नारदेव में सिविल अस्पताल है, इसके अलावा wcl का एक बड़ा अस्पताल है। इतना ही नहीं बड़कूही में wcl का सेंट्रल हॉस्पिटल है। चांदामेटा में सरकार का सिविल अस्पताल है। और परासिया में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन इन किसी भी अस्पतालों में बच्चों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। इतना बड़ा स्वास्थ्य विभाग का सिस्टम होने के बाद भी डॉक्टर यहां मौजूद नहीं है।

आधे से ज्यादा कर्मचारी अपडाउनर बने हुए हैं और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के सरकार के दावे को पलीता लगा रहे हैं। जुन्नारदेव में कांग्रेस विधायक है, परासिया में कांग्रेस विधायक है। छिंदवाड़ा जिले में भाजपा सांसद है। लेकिन आज तक किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया कि जिले के अस्पतालों में डॉक्टर मौजूद ही नहीं है। जनता हलकान हो रही है जबकि दावे कुछ और किया जा रहे हैं।

बिहाइंड द सीन… Episode 01
Avinash Singh
9406725725/7697930555