Home राज्य यूरिया पर सियासत और किसान की हालत : ग्राउंड रिपोर्ट

यूरिया पर सियासत और किसान की हालत : ग्राउंड रिपोर्ट

सत्ता दल और जिला प्रशासन का दावा दोगुना दे दिया यूरिया

हकीकत : किसान को रकबे का आधा भी नहीं मिला

छिंदवाड़ा। यूरिया को लेकर पूरे प्रदेश में सियासत गरमा गई है। छिंदवाड़ा जिले में भी पिछले एक माह से किसानों की लंबी कतारें रात के 2 बजे उड़िया विक्रय केंद्र पर लाइन लगाकर आधी नींद में बैठी महिलाएं और किसान। यह नजारा आम हो गया है । सत्ता दल और जिला प्रशासन का दावा है कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है । और किसानों को दोगुना यूरिया दिया जा चुका है। कांग्रेस का पलटवार की किसान परेशान है और अपना हक मांग रहा है। कुल मिलकर यूरिया पर जिले भर में सियासत चल रही है। लेकिन वास्तव में किसान की हालत क्या है, क्या किसान को वास्तव में 2 गुना उड़िया मिल चुका है। और किसान गेहूं की फसल के लिए यूरिया का भंडारण करने में लगा है। या हकीकत कुछ और है। जिला प्रशासन और सत्ता दल के नेताओं का दावा कितना सच्चा है। इस बात को उजागर करती है दिव्य भारत समाचार के द्वारा तैयार की गई यह ग्राउंड रिपोर्ट ।

ग्राउंड जीरो से किसानों की हकीकत, किसानों को आखिर कितना यूरिया मिला, क्या किसानों ने यूरिया का भंडारण कर लिया या खरीफ के सीजन में जितने रकबे पर किसानों ने मक्के की फसल लगाई उतने रकबे के आधार पर उन्हें यूरिया की आपूर्ति हो गई। इन सारी बातों को लेकर एक ग्राउंड रिपोर्ट ग्राउंड जीरो से तैयार की गई है । जो प्रशासन के दावे, सत्ता दल के नेताओं के दावे, कांग्रेस की सियासत और किसानों की हालत सबसे पर्दा उठाने वाली रिपोर्ट है। इस खबर के साथ डाले गए वीडियो में आपको उड़िया को लेकर चल रही सच्चाई से पर्दा उठाने का प्रयास किया गया।

ग्राउंड जीरो से अविनाश सिंह की रिपोर्ट 👇

यूरिया पर सांसद विवेक बंटी साहू के बयान 👇

कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के यूरिया पर दावे 👇

ग्राउंड जीरो से Avinash Singh –
9406725725/7697930555