भाजपा पार्षद ने जताया अनोखा विरोध, दिया आवेदन
सुविधा में कोई सुधार नहीं, शहर भर में पसरी गंदगी
छिंदवाड़ा। शहर की जनता का ध्यान अब तक नगर निगम के बढ़ाए हुए सफाई टैक्स पर नहीं गया है। जब शहर की जनता का ध्यान इस तरफ जाएगा तो उन्हें पता चलेगा कि नगर निगम ने माह लगने वाला 10 रुपए सफाई टैक्स 10 गुना बढ़कर 120 रुपए कर दिया है। 120 रुपए प्रति माह के हिसाब से लगभग 1200 रुपए सालाना सफाई टैक्स अब शहर के हर मकान मालिक को नगर निगम को देना होगा। यह तुगलकी फरमान भाजपा की परिषद ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। लेकिन भाजपा के पार्षद ही इसका विरोध जताने लगे हैं। वार्ड क्रमांक 22 के पार्षद ने तो नगर निगम के महापौर और कमिश्नर को आवेदन देकर वार्ड से सफाई कर्मियों को हटा लेने के लिए गुहार लगाई है। पार्षद ने साफ कहा है कि हमारे वार्ड में ना सफाई है और ना सफाई कर्मियों का काम दिखाई दे रहा है। इससे बेहतर होगा कि इन सफाई कर्मियों को हटा लिया जाए क्योंकि हमारे वार्ड के लोग 1200 रुपए सालाना सफाई टैक्स नहीं दे पाएंगे।
भाजपा पार्षद ने दिया सफाई कर्मियों को हटाने आवेदन

नगरनिगम का बढ़ाया हुआ टैक्स इतना ज्यादा है कि अब भाजपा पार्षद ही इस बात का विरोध जताने सड़कों पर उतरने लगे हैं। दरअसल यह मामला तब प्रकाश में आया जब वार्ड क्रमांक 22 रानी दुर्गावती वार्ड की पार्षद श्रीमती भगवती राजकुमार बघेल ने अपने लेटर हेड में लिखकर महापौर विक्रम आहके और नगर निगम कमिश्नर सीपी राय को एक आवेदन दिया । उसमें कहा कि उनके वार्ड में 7- 8 सफाई कर्मी तैनात है। लेकिन वार्ड बहुत बड़ा होने के कारण सफाई कहीं नजर नहीं आती और ना ही सफाई कर्मी पूरे वार्ड में सफाई कर पाते हैं । इससे बेहतर होगा कि इन सफाई कर्मियों को वापस नगर निगम बुला लिया जाए । इसके अलावा उनके वार्ड वासी भी नगर निगम का बढ़ाया हुआ 1200 रुपए सालाना सफाई टैक्स नहीं दे पाएंगे । पार्षद ने साफ शब्दों में लिखकर अपना आवेदन नगर निगम तक पहुंचा दिया है।

कवर्ड कॉलोनी से ज्यादा निगम के टैक्स, न सुरक्षा न सफाई
शहर में कई कवर्ड कॉलोनीया मौजूद है जो रेरा है एप्रूव्ड है और इन कवर्ड कॉलोनी में सारी व्यवस्था सफाई, पानी, सुरक्षा जैसी सुविधाएं कॉलोनी खुद उपलब्ध कराती है। और उसके लिए मेंटेनेंस चार्ज लिया जाता है। अब तक नगर निगम के टैक्स कम थे लेकिन जब से नगर निगम ने अपने सफाई , जल और मकान टैक्स को बढ़ाया है। तब से नगर निगम का टैक्स कवर्ड कॉलोनी के मेंटेनेंस चार्ज से बहुत ज्यादा हो गया है। जबकि कवर्ड कॉलोनी में सफाई और बिजली के साथ-साथ सुरक्षा की जवाबदारी भी कॉलोनी की समिति या कॉलोनी के मालिक की होती है। लेकिन नगर निगम इतना टैक्स लेने के बाद भी शहर वासियों को ना सुरक्षा मुहैया करा पा रही है और ना ही सफाई शहर में कहीं दिख रही है। सफाई कर्मी केवल मुख्य सड़कों पर ही झाड़ू लगाते नजर आते हैं। वार्डों में तो झाड़ू एक सप्ताह और 15 दिन में लगती है। कचरा उठाने वाली गाड़ियां कॉलोनी में आती है लेकिन उसके ड्राइवर और एक सफाई कर्मी गाड़ी से बाहर निकल कर सड़कों पर पड़े कचरे को उठाने तक की जहमत नहीं उठाते।
कांग्रेस ने चलाया हस्ताक्षर अभियान फिर भूल गए, कौन सुने फरियाद
नगरनिगम ने सफाई, नल जल और मकान टैक्स बढ़ाने का जो प्रस्ताव रखा वह प्रस्ताव कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया। भाजपा के पार्षदों ने कांग्रेस पार्षदों के वॉकआउट के बाद भी इस प्रस्ताव को पारित कर शहर वासियों पर बढ़ा हुआ टैक्स थोप दिया। इसके लिए कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन तो किया और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया लेकिन उसके बाद कांग्रेस पार्षद और कांग्रेस नेता शहर की समस्या को भूल गए । अभियान बंद कर दिया गया जबकि शहर वासी टैक्स को लेकर परेशान हैं। और चाहते हैं कि इस मामले में नगर निगम के खिलाफ अभियान चले लेकिन सवाल उठ रहा है कि आखिर विपक्ष की भूमिका में बैठी कांग्रेस कब लोगों के ऐसे मूलभूत समस्याओं पर आवाज उठाएगी।
शहर में तुगलकराज… Avinash Singh
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