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लाचार होती राजनीति : जिसको देश की शान बताया उसके अपमान पर मौन सरकारें !

सच्चाई : मुस्लिम महिला के लिए कैसे आदिवासी मंत्री को हटाएं !

मामूली एफआईआर, लाचार राजनीति क्या यही है नया भारत ?

छिंदवाड़ा । देश में राजनीति का एक नया दौर चल पड़ा है। अब राजनीति में वोट मांगने के लिए अपनाए गए पैंतरे और सामाजिक वोटर पर सिमट कर कर रह गई है। चुनाव जीतने के लिए देश में मौजूद राजनैतिक पार्टियां हर स्तर तक जाने के लिए तैयार हैं। वर्तमान में जो दौर देश में चल रहा है । उसके हालात यह है कि राजनीतिक पार्टियां सरकार बनाने के लिए रुपए बांट रही है। अब तक केवल अनाज लोगों को दिया जाता था ताकि वे भूखे ना रहे । लेकिन अब हालात यह है कि देश की राजनीति में एक नया रूप ले लिया है। जो आने वाले समय में आने वाली पीढ़ी के लिए घातक होता जा रहा है। इसका असर भी अब दिखने लगा। जहां एक तरफ घटिया राजनीति वोट मांगने की राजनीति और बड़े समुदाय को नाराज न करने की राजनीति चल रही है। इसका ताजा तरीन उदाहरण यह है कि 10 दिन पहले केंद्र सरकार ने जिस महिला को देश की शान बताया था । महज 5 दिन बाद मध्य प्रदेश शासन का एक मंत्री उस देश की शान का अपमान करता है और केंद्र और राज्य सरकार इतनी लाचार है कि उसे मंत्री पर पिछले 5 दिनों में कार्रवाई तक नहीं कर पाती । यह कहीं ना कहीं वोटो की राजनीति का असर है।

देश में जिस तरह का माहौल बना दिया गया है अब राजनेता उस माहौल से खुद घिर गए हैं। बड़ी बात यह है कि जिस महिला का अपमान किया गया वह मुस्लिम है, उससे भी बड़ी बात यह है कि यह मुस्लिम महिला देश की रक्षा के लिए पिछले कई वर्षों से तैनात है। और पूरी ईमानदारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है। बा वजूद इसके एक मंत्री इस देश की लाडली बेटी और देश की रक्षक बेटी का अपमान करता है। और केंद्र व राज्य सरकार उस मंत्री के खिलाफ बोलने से तक डर रहे हैं। आखिर ऐसा क्यों ऐसा दोहरा चरित्र सरकारों का क्यों है। देश की रक्षा करते हुए एक जवान की मौत होती है तो मंत्री और मुख्यमंत्री उसके जनाजे में शामिल होते हैं उसको शाहिद का दर्जा देते हैं। लेकिन जीते जी देश की रक्षा करने वाले अपमानित हो रहे हैं और उस पर देश के सबसे जिम्मेदार लोग मौन साधे बैठे हैं।

सोफिया कुरैशी को सरकार ने क्यों बनाया ऑपरेशन सिंदूर का मुखौटा ?

5 दिन पहले मध्य प्रदेश के एक मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया और आपत्तिजनक टिप्पणी की । 5 दिन से मंत्री विजय शाह के बयानों पर सरकारों की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। जब हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया तब जाकर मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में मंत्री के किए गए अपराध का कोई जिक्र नहीं किया। और ना ही आज तक मंत्री को पद से हटाया गया। यहां तक की मंत्री के इस्तीफा के लिए भी सरकार रायशुमारी बनाने का प्रयास कर रही है जो की असफल रहा । यह घटनाक्रम तो मध्य प्रदेश में घटित हुआ। लेकिन 10 दिन पहले केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ जो ऑपरेशन सिंदूर चलाया उसमें भारतीय सेना के द्वारा की गई कार्रवाई और हमले को जनता तक पहुंचाने के लिए कर्नल सोफिया कुरैशी को मुखौटा बनाया गया। आखिर क्यों सरकार ने एक मुस्लिम अधिकारी को मुखौटा बनाकर उसे देश की शान बताया । और पूरे देश में एक संदेश देने का प्रयास किया कि भारत सरकार धर्मनिरपेक्ष और उसके लिए देश में रहने वाला हर नागरिक बराबर है। इसके अलावा पहलगाम हमले में जिन महिलाओं का सिंदूर उजड़ा एक महिला को मुखौटा बनाकर इस मामले में भी सरकार ने देश को एक संदेश दिया। लेकिन सरकार ने जिस मुस्लिम महिला को देश की शान बताकर पाकिस्तान पर किए गए हमले को देश के सामने रखा। तो क्या उस मुस्लिम महिला के सम्मान और देश की रक्षा करने वाले एक अधिकारी के सम्मान के प्रति केंद्र सरकार की यह भूमिका सवालों के घेरे में नजर नहीं आती ?

सच बोलने पर राष्ट्र द्रोह और देश के अपमान पर मौन…कमाल है भारत

देश के हालात ऐसे चल रहे हैं कि यहां सच बोलने वालों को राष्ट्र द्रोही बताकर प्रकरण दर्ज कर लिए जाते हैं । तो वही देश का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने में राज्य और देश को चलाने वाले मुखिया मौन साध लेते हैं। एक तरफ एक समाज के खिलाफ टिप्पणी करने पर राहुल गांधी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया जाता है तो दूसरी तरफ देश की शान कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताने पर पिछले 5 दिन से केंद्र और राज्य सरकार रायशुमारी बनाने में अपना समय व्यतीत करती है । आखिर क्यों सीधी कार्रवाई नहीं की जा सकती । जबकि हाई कोर्ट तक ने इस मामले में मंत्री के बयान को गंभीरता से लिया है। उसके बाद भी मंत्री को न ही पद से हटाया गया और ना ही उस पर कोई कार्रवाई करने की बात मध्य प्रदेश सरकार कर रही है। क्या यहां भी वोटो की राजनीति आड़े आ रही है । की एक विशेष सामाजिक समूह से संबंध रखने वाले मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई करना सरकार को भारी पड़ सकता है । क्या वोटो की राजनीति देश का अपमान करने वालों पर कार्रवाई करने से परहेज कर रही है। कई सवाल इस मामले में खड़े हो गए हैं और देश का हर बुद्धिजीवी इस मामले पर नजर गड़ाए बैठा है। कि आखिर ऐसा क्यों देश का अपमान करने वाले के खिलाफ 5 दिन से क्यों कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। यह एक बड़ा सवाल जो आज हर भारतीय हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, बौद्ध, आदिवासी, हरिजन, जैन सबके जेहन में है ।

संपादकीय… Avinash Singh
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