Home जिला कोयलांचल की जमकुंडा ग्राम पंचायत बनी भ्रष्टाचार का अड्डा !

कोयलांचल की जमकुंडा ग्राम पंचायत बनी भ्रष्टाचार का अड्डा !

15 लाख का तालाब, साढ़े 7 लाख निकाले फिर भी नहीं बनाया

दो साल में मनरेगा के तालाब की खुदाई तक नहीं कर पाए

छिंदवाड़ा/ जुन्नारदेव। कोयलांचल इन दिनों भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है । कोयलाचल के हर क्षेत्र में परासिया से लेकर दमुआ तक भ्रष्टाचारियों ने भ्रष्टाचार की हद पार कर दी है। उसके बाद भी कार्रवाई के नाम पर केवल जांच और तारीख पर तारीख जिला प्रशासन दे रहा है। यही हाल जुन्नारदेव जनपद क्षेत्र के जमकुंडा ग्राम पंचायत के भी है। जमकुंडा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार इस हद तक फैला हुआ है कि यहां खुलेआम लाखों रुपए की बंदरबांट ग्राम पंचायत के माध्यम से की जा रही है । उसके बाद भी कार्रवाई न के बराबर होना अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है ।जमकुंडा ग्राम पंचायत के हालात यह है कि मनरेगा से बनने वाले 15 लाख रुपए के तालाब के लिए 2 साल पहले 2023 में ही 7 लाख 40 हजार रुपए निकल लिए गए और तालाब का कहीं पता नहीं है। 2 साल बाद भी तालाब नहीं बन पाया जब शिकायत हुई तो जिम्मेदारों ने मनरेगा के काम में मशीन उतार दी जिसका विरोध ग्रामीणों ने किया।

जुन्नारदेव जनपद क्षेत्र की जमकुंडा ग्राम पंचायत में 2 साल पहले 2023 में मनरेगा योजना के तहत 15 लख रुपए की लागत का एक तालाब स्वीकृत किया गया था। इस तालाब के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव और रोजगार सहायक की मिली भगत से 7 लाख 40 हजार रुपए निकाल लिए गए । लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी तालाब का काम नहीं हुआ। आज भी तालाब नहीं बन पाया। जबकि अब बारिश आने में महज 15 दिन बाकी है । उसके बाद भी तालाब का निर्माण नहीं किया गया । तालाब निर्माण के लिए 2 साल पहले निकली गई 7 लाख 40000 रुपए की राशि आखिर कहां गई यह बात किसी को नहीं पता। शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।

शिकायत हुई तो मशीनों से शुरू कर दी खुदाई

इस मामले में ग्रामीणों ने जब शिकायत की तो आनन – फानन में तालाब की खुदाई के लिए जेसीबी मशीन उतार दी गई और रात के अंधेरे में तालाब की खुदाई शुरू कर दी गई । लेकिन ग्रामीणों ने तत्काल इस मामले को उजागर किया और मोक्ष धाम के पास बन रहे तालाब की खुदाई के दौरान वहां पहुंच गए। तो जेसीबी का चालक जेसीबी छोड़कर फरार हो गया। मनरेगा से बनने वाले इस तालाब में शुरुआत से ही भ्रष्टाचार चल रहा है । उसके बाद अब गरीबों को रोजगार देने की योजना में मशीनों से काम करना पूरी तरह से अवैध काम को बढ़ावा देता नजर आ रहा है।

कागजों में बिछाई नल – जल योजना की पाइप लाइन

जमकुंडा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का यह एक अकेला मामला नहीं है। जबकि यहां कई मामलों में भ्रष्टाचार खुलेआम किया गया। जिसकी शिकायत ग्राम के पांच और ग्रामीण कर रहे हैं। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही । एक अन्य मामले में गांव में नल जल योजना के तहत 2022-23 में 15वें वित्त आयोग से कार्य की स्वीकृति की गई थी। जिसका एक्टिविटी कोड 6718085 है । इस कार्य के तहत गांव में पानी सप्लाई के लिए लगभग 400 मी तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाना था। लेकिन गांव में पाइपलाइन कहीं नहीं है। यह पाइपलाइन केवल कागजों में बिछाई गई और 2 लाख 99 हजार रुपए निकाल लिए गए । केंद्र सरकार की इस हर घर नल जल योजना के तहत यह काम किसी ठेकेदार ने किया। और बड़ी बात यह है कि ग्राम पंचायत में होने वाले काम के लिए जिम्मेदार जनपद पंचायत के अधिकारी कर्मचारी भी ऐसे भ्रष्टाचार में शामिल है। जहां पाइपलाइन तो नहीं बिछाई गई लेकिन पाइपलाइन बिछाने के लिए निर्धारित राशि निकाल ली गई।

भ्रष्टाचार खुलेआम… Avinash Singh
9406725725/7697930555

  • संवाददाता – कय्यूम बेग जुन्नारदेव