न्यायाधीश की उपस्थिति में सीबीआई ने खंगाले दस्तावेज
पिछली बार 4 कॉलेजों की फैकल्टी और स्टूडेंट बुलाकर कराई थी जांच
छिंदवाड़ा। बड़े नर्सिंग कॉलेज घोटाले की जांच सरकार ने सीबीआई को सौंपी है। यह जांच एक बार पहले भी हो चुकी है लेकिन सीबीआई के एक अधिकारी के द्वारा रिश्वत लेने का मामला उजागर होने के बाद पहले की गई पूरी जांच को रद्द कर दिया गया है। अब हाई कोर्ट के निर्देश पर नर्सिंग कॉलेज की दोबारा जांच चल रही है और इस जांच में एक न्यायाधीश की उपस्थिति भी अनिवार्य कर दी गई है। ताकि सीबीआई किसी भी तरीके के लेनदेन और रिश्वत लेकर जांच को अंजाम न दे सके। बुधवार को शहर के सबसे बड़े नर्सिंग कॉलेज एस ए के नर्सिंग कॉलेज में सीबीआई ने जांच की सुबह शुरू हुई जांच देर रात लगभग 11:00 बजे खत्म हुई। एस ए के नर्सिंग कॉलेज में इसके पहले भी सीबीआई ने जांच की है । लेकिन पिछली जांच में एस ए के नर्सिंग कॉलेज को क्लीन चिट मिल गई थी। यह क्लीन चिट कैसे मिली थी यह बात अब सभी जानने लगे क्योंकि पिछली बार सीबीआई के जिन अधिकारियों ने जांच की थी उन पर रिश्वत लेने और लेनदेन कर जांच करने का आरोप लगा है। जिसके चलते हाईकोर्ट ने अब फिर से नर्सिंग कॉलेज की जांच शुरू की है। बुधवार को एस ए के नर्सिंग कॉलेज में की गई जांच के दौरान भोपाल और जबलपुर के सीबीआई अधिकारियों के साथ ही जिला न्यायालय के न्यायाधीश श्री बघेल भी जांच के दौरान उपस्थित रहे। यह जांच लगभग 14 घंटे चली। इस दौरान सीबीआई ने कॉलेज के दस्तावेज खंगालने के साथ ही कॉलेज में एडमिशन, फैकल्टी और अन्य मामलों में भी सघन तफ्तीस की है। अगर यह जांच सही है तो निश्चित रूप से एस ए के कॉलेज पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। क्योंकि एस ए के कॉलेज में स्टूडेंट और फैकेल्टी दोनों ही मामलों में बहुत बड़ा गोलमाल चल रहा है।
फर्जी एडमिशन, फैकल्टी और छात्रवृत्ति का बड़ा खेल
नर्सिंग कॉलेज में फर्जी एडमिशन और फैकल्टी का बड़ा खेल है। दरअसल नर्सिंग कॉलेज एडमिशन देकर स्टूडेंट को कॉलेज बुला ही नहीं रहे और सीधे एग्जाम देने के लिए उन्हें बुलाया जाता है। हालांकि नर्सिंग कॉलेज की जांच पिछले 4 साल से चल रही है। जिसके चलते अब तक एग्जामिनेशन नहीं हुई। लेकिन एडमिशन लगातार जारी हैं। नर्सिंग कॉलेज में जिस तरह की फैकल्टी होनी चाहिए वह भी मौजूद नहीं है 2- 4 फैकल्टी के सहारे पूरा नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहा है। इसके अलावा फर्जी एडमिशन वाले स्टूडेंट को मिलने छात्रवृत्ति भी कॉलेज खुद ही रखता है। जिले में जितने नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं लगभग सभी में यह स्थिति बनी हुई है। पिछली बार एस ए के कॉलेज सहित जितने कॉलेज की जांच की गई उनमें दूसरे कॉलेज से स्टूडेंट बुलाकर बैठाए गए और दूसरे कॉलेजों की फैकल्टी को अपना बताकर सीबीआई के सामने पेश किया गया। यह बात सभी को पता है लेकिन फिर भी सीबीआई ने क्लीन चिट दी। इस बार की जांच में क्या सामने आता है यह बात तो सीबीआई ही बताएगी लेकिन हकीकत यह है कि फर्जी स्टूडेंट और फर्जी फैकल्टी के सहारे जिले के नर्सिंग कॉलेज चल रहा है।
3 नर्सिंग कॉलेज की जांच, आज माधव कॉलेज की बारी
छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में तीन नर्सिंग कॉलेज की जांच के आदेश जारी हुए हैं। जिसमें भोपाल और जबलपुर के सीबीआई अधिकारियों के साथ जांच के दौरान एक न्यायाधीश मौजूद रहेंगे। छिंदवाड़ा जिला न्यायालय से डिस्टिक रजिस्टार और न्यायाधीश श्री बघेल इस टीम के साथ मौजूद है। आज छिंदवाड़ा शहर में स्थित माधव नर्सिंग कॉलेज में जांच चल रही है। इसके बाद पांढुर्ना के एक नर्सिंग कॉलेज में भी जांच होगी । इस बार सभी नर्सिंग कॉलेज की बारीकी से जांच करने के निर्देश जारी किए गए और यह बात दिख भी रही है । बुधवार को एस ए के नर्सिंग कॉलेज में सीबीआई ने 14 घंटे जांच की। जबकि पिछले बार 4 घंटे में सीबीआई अधिकारी चले गए थे। यहां तक की पिछली बार की जांच में सीबीआई अधिकारियों ने मीडिया को तक कोई भी जानकारी नहीं थी । यह तक नहीं बताया कि यह जांच सीबीआई की चल रही है या अन्य किसी विभाग की। हालांकि इस बार भी जांच को गुप्त रखा गया है लेकिन संभावना है कि नर्सिंग कॉलेज की हेरा फेरी इस बार की जांच में उजागर होगी।
सीबीआई जांच…अविनाश सिंह
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