दीपक सक्सेना के पुराने साथी हैं विवेक बंटी साहू
नामांकन भरने पहुंचे तो हालिया भाजपाई ही नजर आए पुराने चेहरे गायब
चुनमुन बने सारथी, जुगनू में सवार होकर निकले
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा में लोकसभा चुनाव 2024 पता नहीं क्या-क्या रंग दिखायेगा । बुधवार को भाजपा के प्रत्याशी विवेक बंटी साहू दो बार नामांकन दाखिल करने जिला अध्यक्ष एवं जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। पहली बार जब उन्होंने अपने परिवार के साथ पर्चा दाखिल किया तब उनके साथ हालिया भाजपाई ही नजर आए। बंटी साहू के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे नेताओं में ज्यादातर वे कांग्रेसी नेता थे जो हाल ही में भाजपा की गोदी में बैठ गए हैं। जिनमे चुनमुन सक्सेना चंद्रभान देवरे , पंकज शुक्ला, नंदू सूर्यवंशी, बंटी सक्सेना जैसे नेता नामांकन दाखिल करते समय बंटी साहू के साथ नजर आए। लेकिन पिछले 5 साल तक उनके साथ घूमने वाला कोई भी नेता इस दौरान नजर नहीं आया। बंटी साहू ने हालिया भाजपाइयों के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया हालांकि नामांकन दाखिल करते समय केवल पांच लोग ही अंदर जा सकते थे। जिसमें उनके परिवार पिता, माता, पत्नी, और वह खुद शामिल थे। बड़ी बात यह है कि जुगनू लिखी जो गाड़ियां अब तक रोहना और शिकारपुर की शोभा बढ़ाती थी। इस जुगनू लिखी मर्सिडीज़ में बंटी साहू जिला निर्वाचन कार्यालय से निकले और चुनमुन उनके सारथी बने।

मुख्यमंत्री ने निभाई औपचारिकता
दरअसल बंटी साहू का नामांकन दाखिल करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव छिंदवाड़ा पहुंचे थे। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गी भी मौजूद थे। लेकिन किसी कारणवश लेट हो जाने के कारण मुख्यमंत्री ने जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर नामांकन की औपचारिकता पूर्ण की है बंटी साहू अपने परिवार के साथ नामांकन पहले ही भर चुके थे। डॉक्टर मोहन यादव ने खुद जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर बंटी साहू के साथ फोटो सेशन करवाया ताकि औपचारिकता पूरी की जा सके।

सक्सेना परिवार से गहरी मित्रता, 13 साल बाद छलक रहा प्रेम
विवेक बंटी साहू ने 2010 में प्रदेश के बड़े भाजपा नेता प्रहलाद पटेल के समक्ष भाजपा के सदस्यता ग्रहण की थी। इन 13 वर्षों में बंटी साहू युवा मोर्चा अध्यक्ष से लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष तक का सफर तय कर चुके हैं। और दो बार विधान सभा और अब लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।लेकिन 13 साल पहले बंटी साहू दीपक सक्सेना के सबसे खास दरबारी में एक थे। लगभग हर दिन उनकी मुलाकात दीपक सक्सेना से होती थी और दीपक सक्सेना के घर के अंदर तक जिन लोगों की पहुंच थी उनमें बंटी साहू भी शामिल थे। बड़ी बात यह है कि 13 वर्षों में बंटी साहू ने कभी भी दीपक सक्सेना के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। यही पुराने रिश्ते अब उजागर हो रहे हैं। एक तरफ चुनमुन सक्सेना बंटी साहू के साथ हर कदम पर नजर आने लगे तो वही दीपक सक्सेना का प्रेम भी कहीं ना कहीं छलकता दिखाई दे रहा है। अब यह पुराने रिश्ते इस लोकसभा चुनाव में एक साथ नजर आएंगे।









