मुख्यमंत्री ने दिखाई वास्तविक संवेदनशीलता
सारे कार्यक्रम रद्द कर सीधे छिंदवाड़ा पहुंचे
छिंदवाड़ा। राजनीति और संवेदनशीलता यह बड़ा ही गंभीर विषय है। छिंदवाड़ा में घटित हुई भीषण दुर्घटना में 10 लोगों की दर्दनाक मौत होने के बाद हर किसी की आंखें नम हो गई । सब ने अपनी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की । नेताओं ने अपनी राजनीति की। लेकिन घटना के दूसरे दिन ही शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा आकर लोगों के सारे गिले शिकवे दूर कर दिए। मुख्यमंत्री चित्रकूट का दौरा कैंसिल कर अपने सारे कार्यक्रम रद्द करके छिंदवाड़ा पहुंचे थे। यहां उन्होंने ग्राम करेर जहां की पांच लोगों की अर्थि एक साथ जली वहां पहुंचकर मृतकों के परिजनों से संवेदनाएं व्यक्त की। इसके अलावा तीन और गांवों में मुख्यमंत्री गए। छिंदवाड़ा जिला अस्पताल पहुंचे पीड़ितों से मिले और भरपूर समय दिया। जो संवेदनशीलता मुख्यमंत्री ने दिखाई व राजनीति से हटकर नजर आई। साफ दिखा कि उन्हें दुख था कि उनके कार्यक्रम में आए ग्रामीण वापस लौटते हुए हादसे का शिकार हो गए।
वही जिले के बेटे सांसद विवेक बंटी साहू और पूर्व सांसद नकुलनाथ केवल दुख व्यक्त कर रह गए। वह जिले की जनता के साथ पीड़ितों के साथ मृतको के परिवार के साथ कहीं नजर नहीं आए । यह मामला सिर्फ एक पार्टी का नहीं है कि कोई कांग्रेसी है और बहुत सारे कांग्रेसी शामिल हो गए। कोई भाजपाई है तो पूरी बीजेपी पीड़ितों के साथ खड़ी हुई।
कल जब चुनाव की बारी आएगी तो हमारे यही जनप्रतिनिधि वर्तमान सांसद और पूर्व सांसद लोगों के पास यह दिखाने पहुंचेंगे कि वह ही उनके सच्चे जनप्रतिनिधि हैं। कोई जिले का बेटा है तो किसी के पास अपने पिता की विरासत है ।लेकिन आज जब जिले को जरूरत है तो यह हमारे दोनों ही नेता गायब हैं। जहां मुख्यमंत्री अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर सकते हैं वहां सांसद विवेक बंटी साहू और पूर्व सांसद नकुलनाथ दोनों को ही ऐसे कौन से महत्वपूर्ण काम है कि वह जिले की जनता के साथ खड़े नहीं हो सकते। यह सवाल आज छिंदवाड़ा जिले के हर व्यक्ति की जुबान पर है ?
संपादकीय…Avinash Singh
Divya Bharat Samachar
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