Home अपराध सराफा व्यापारी से लूट : रईसजादों को भारी पड़ी गुंडई !

सराफा व्यापारी से लूट : रईसजादों को भारी पड़ी गुंडई !

खुलेआम घूम रहे, गिरफ्तारी नहीं कर पाई तमिया पुलिस

रईसजादों ने सराफा व्यापारी से लूटे 4 करोड़ के जेवरात

छिंदवाड़ा। जिले के रईसजादो में गुंडई करने का शौक बेतहाशा बढ़ता जा रहा है। यह करोड़पति रईसजादे पुलिस से लेकर प्रशासन तक सबको खरीदने का दंभ भरते हैं और खुलेआम गुंडई करने से बाज नहीं आते। ऐसी ही एक गुंडई के मामले में जुन्नारदेव और छिंदवाड़ा के 6 रईसजादो इंदौर के एक सर्राफा व्यापारी से 3:45 करोड रुपए की जेवरात लूटने और उसके साथ जमकर मारपीट करने के मामले में पूरे फस गए है। छिंदवाड़ा में पुलिस और प्रशासन को अपनी जेब में रखने वाले यह रईसजादे यह भूल गए की सर्राफा व्यापारी भी खास दम रखता है। मारपीट और लूट की घटना के बाद सर्राफा व्यापारी ने इंदौर में जाकर इन रईसजादो की शिकायत दर्ज कर दी। इंदौर पुलिस ने सर्राफा व्यापारी की शिकायत पर मारपीट लूट की विभिन्न धाराओं के तहत जीरो क्रमांक पर एफआईआर दर्ज कर मामला छिंदवाड़ा पुलिस को भेज दिया है। अब रईसजादो की मुश्किलें बढ़ गई है।

मामला 26 फरवरी का है छिंदवाड़ा और जुन्नारदेव के व्यापारियों के रईसजादे बेटे जिनमें शिवम सोनी, अंकित सोनी, उमंग सोनी, दीपेश सोनी, यश चौधरी और मीत शामिल है। इन रईसजादो ने लूट की एक योजना बनाई और इंदौर से छिंदवाड़ा आए शिव ज्वेलर्स और पोरिया ज्वेलर्स के संचालक सोमेंद्र सोनी को जेवरात खरीदने के लिए अपने साथ तामिया के होटल में लेकर गए। सभी आरोपियों ने पहले तो बंधक बनाकर सोमेंद्र सोनी के साथ जमकर मारपीट की और उसके बाद उसके लगभग पौने 4 करोड रुपए की जेवरात लूट लिए। इस वारदात में गंभीर रूप से घायल सोमेंद्र सोनी ने अपने भाई को घटना की पूरी जानकारी दी और उसके साथ इंदौर चला गया। वहां जाकर सर्राफा व्यापारी ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जिसकी जांच अब कमियां पुलिस कर रही है।

खुलेआम घूम रहे, महीना बीता गिरफ्तारी न कार्रवाई

26 फरवरी को तामिया में हुई यह वारदात जिले के रईसजादो की करतूत को उजागर कर रही है। लेकिन जैसा की रईसजादे दावा करते हैं कि प्रशासन और पुलिस उनकी जेब में है। वैसा ही कुछ छिंदवाड़ा में नजर आ रहा है । 26 फरवरी से लेकर आज 26 मार्च हो गई लेकिन रईसजादो की गिरफ्तारी तक नहीं हुई। बड़ी बात यह है कि जुन्नारदेव और छिंदवाड़ा के रईसजादे खुलेआम घूम रहे हैं। लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी करने और मामले का निकाल करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। तामिया पुलिस ने तो रईसजादो को खुला छोड़ दिया है और ऐसा लगता है कि पुलिस के आला जिला अधिकारी भी इस पूरे मामले में तामिया पुलिस का सहयोग करते नजर आ रहे। क्योंकि अब तक किसी आला पुलिस अधिकारी ने पूरे मामले में गिरफ्तारी और जेवरात बरामद करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। जबकि इंदौर के व्यापारी को 3:45 करोड़ के रुपए की चपत लग चुकी है। और रईसजादो का दावा सही साबित हो रहा है। कि पुलिस और प्रशासन उनकी जेब में हैं वह सब को खरीद सकते हैं।

पहले भी रईसजादों के शिकार हुए बाहर के व्यापारी

जिले में इस तरह की यह पहली वारदात नहीं है। इसके पहले भी कई सर्राफा व्यापारी अपने जेवरात बेचने के फेर में रईसजादो और लुटेरों के शिकार बन चुके हैं। लेकिन सर्राफा व्यापारियों के पास जो जेवरात रहते हैं ज्यादातर जेवरात बिना बिल के रहते हैं। और यही कारण है कि अब तक ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई। क्योंकि कोई शिकायत ही नहीं की गई। सर्राफा व्यापारियों के पास बिल वाउचर ना होने के कारण वह इस बात की शिकायत नहीं कर पाते। कि उनके साथ इस तरह की घटना घटी है। लेकिन इस मामले में मामला उलटा पड़ गया जो जेवरात व्यापारी के पास थे उस जेवरात के पूरे बिल भी उसके पास मौजूद थे। यही कारण है कि इंदौर के सर्राफा व्यापारी ने इस बात की शिकायत इंदौर में कर दी।इंदौर में शिकायत इसलिए की गई क्योंकि उसे डर था कि छिंदवाड़ा की पुलिस उसकी शिकायत दर्ज नहीं करेगी । इसलिए शिकायत को इंदौर में दर्ज कराया गया और मामला खुल गया। अब देखना यह है कि छिंदवाड़ा पुलिस रईसजादो को कब तक संरक्षण में रखती है।

लुटेरों को संरक्षण… Avinash Singh
9406725725/7697930555