हर मिठाई में मिलावट, फूड एडल्ट्रेशन की पहुंच गई डिमांड
त्यौहार पर हर मिठाई एक्सपायरी, महीने भर पुराना मावा इस्तेमाल
Episode – 1
छिंदवाड़ा। दिवाली में 100 करोड़ से ज्यादा का मिठाई का कारोबार छिंदवाड़ा जिले में होता है। और यह पूरा कारोबार टिका है घटिया मावे पर। जो दिवाली के 1 महीने पहले से शुरू हो जाता है और आखिरी दिन तक मावा बाहर से छिंदवाड़ा पहुंचता है। बड़ी बात यह है की दिवाली का यह मावा, मावा होता ही नहीं है। इसमें ना दूध का पता होता है और ना मलाई का। यह मावा केमिकल से बनाया जाता है। कुछ दुकानों को छोड़ दिया जाए तो लगभग सभी दुकानों में केमिकल वाले मावे का उपयोग मिठाई बनाने में किया जाता है । यह मिठाई केवल मीठी होती है इसके अलावा इसमें कोई गुण नहीं होता जो मिठाइयों में होता है। यही घटिया मावा लोग अपने घरों में पूजा पाठ और लोगों में बांटने के लिए खरीदते हैं। जिले में अब तक लगभग 50 हजार क्विंटल मावे का स्टॉक हो चुका है । मिठाई बनाने वाले बड़े-बड़े दुकानदारों ने अपने गोदाम के कोल्ड स्टोरेज में मावा जमा कर लिया है।
इसका उपयोग धनतेरस के दो दिन पहले से शुरू होगा जो दिवाली के दो दिन बाद तक चलेगा । इस 5 दिनों में पूरे जिले में मिठाई का कारोबार 100 करोड़ से ज्यादा पर कर जाएगा। करोड़ों रुपए कमाने वाले यह मिठाई बनाने वाले लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं । बड़ी बात तो यह है कि एक हफ्ते पहले से फूड एडल्टरेशन डिपार्टमेंट सक्रिय हो गया है। फूड एडल्टरेशन डिपार्टमेंट की डिमांड शहर के सभी प्रमुख स्वीट्स की दुकानों सहित ग्रामीण क्षेत्र की मिठाई की दुकानों तक भी पहुंच गई है। मतलब साफ है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने का यह कारोबार अकेले मिठाई वाले नहीं कर रहे बल्कि कोल्डरिफ सिरप की सप्लाई जैसे मामले में ड्रग डिपार्टमेंट की भूमिका सामने आई। वैसे ही भूमिका फूड एडल्टरेशन डिपार्टमेंट की भी है । जो खुलेआम घटिया पदार्थ उपयोग करने की छूट स्वीट संचालकों और मिठाई बनाने वालों को देता है।
15 से ज्यादा स्वीट्स संचालकों की कमाई करोड़ों में
छिंदवाड़ा शहर में ही 15 से ज्यादा ऐसे स्वीट संचालक है जिनकी कमाई दिवाली के एक हफ्ते में करोड़ों के पार पहुंच जाती है। जो आंकड़ा मिठाई के कारोबार का 100 करोड़ के पार बताया जा रहा है वह 200 करोड़ तक भी पहुंच सकता है। और यह पूरा खेल निर्भर करता है मावे की सप्लाई पर अब इतना मावा कहां से सप्लाई होता है। तो छिंदवाड़ा जिले में मावे की सप्लाई के सबसे बड़े सप्लायर है भोमा के जैन मावे वाले। भोमा से सैकड़ो क्विंटल मावा रोज छिंदवाड़ा आता है। यह थर्ड क्लास मावा बस से छिंदवाड़ा पहुंचता है। दूसरे सप्लायर है नागदा के। यह भी जैन है यहां से भी सैकड़ो क्विंटल मावा छिंदवाड़ा आता है। और उच्च क्वालिटी से लेकर सपरेटा तक की सप्लाई जैन मामा वाले करते हैं। इसके अलावा भी छिंदवाड़ा शहर में गुप्ता रेलवे स्टेशन , गोकुल डेयरी, साहू जी और कुशराम मोहखेड़ जैसे कई सप्लायर है जो सैकड़ो क्विंटल मावे की सप्लाई मिठाई की दुकानों में करते हैं ।
24 घंटे की एक्सपायरी और एक महीने से मावा का स्टॉक
मावेका स्टॉक एक महीने पहले से शुरू कर दिया जाता है । लेकिन इसका उपयोग दिवाली के एक हफ्ते पहले ही होता है । जबकि फूड एडल्टरेशन एक्ट के तहत मावे से बनी मिठाइयों की एक्सपायरी डेट केवल 24 घंटे की होती है । लेकिन यहां तो मावा ही महीने भर पहले से स्टॉक किया जा रहा है । धनतेरस के लिए मिठाइयां बनाना भी एक हफ्ते पहले से शुरू कर दिया जाता है । इसका मतलब साफ है की एक्सपायरी मिठाइयां लोगों को बेची जाती है। सरकार ने नियम निकाला है कि हर मिठाई पर उसकी एक्सपायरी डेट लिखना जरूरी है। लेकिन त्यौहार के समय किसी मिठाई पर एक्सपायरी डेट दिखाई नहीं देती। दुकानों में दिखाई देता है केवल ग्राहक जो अपने परिवार की सेहत से खिलवाड़ कर बाजार से एक्सपायरी मिठाई खरीदता है।
केमिकल से बनता है सेपरेटा, दूध या दूध पावडर भी नहीं
त्योहारों के समय मावे की सबसे ज्यादा खपत होती है। लेकिन इतना मावा आखिर बनता कैसे है। यह सबसे बड़ा सवाल है क्योंकि छिंदवाड़ा जैसे एक छोटे से जिले में जहां हजारों क्विंटल मावे की खपत केवल एक हफ्ते के दौरान हो रही है। तो ऐसे हर शहर में मावे की खपत होती है फिर हर शहर में मावे की सप्लाई कहां से होती है। बड़ी बात यह है कि ज्यादातर मावा त्योहारों के समय जो आता है वह सेपरेटा कहलाता है यह मावा दूध या दूध पाउडर से नहीं बनाया जाता। बल्कि केमिकल से तैयार किया जाता है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके अलावा घटिया मावे को सफेद करने के लिए भी एक केमिकल का उपयोग किया जाता है जिसका नाम है हाइड्रो। इस केमिकल के जरिए मावे को सफेद किया जाता है और यह दोनों ही केमिकल मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। फूड एडल्टरेशन डिपार्मेंट कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की यह हिमाकत कोल्ड्रिफ सिरप जैसी घटना को जन्म दे सकती है।
Episode – 2 एक्सपायरी मिठाइयां : कोई 50 तो कोई 1 लाख तक देगा। (With audio recording)
भंडाफोड़ एपिसोड…Avinash Singh
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