Home जिला सौसर जुआ फड़ : हर रोज लाखों के दांव, पुलिस खुद कर...

सौसर जुआ फड़ : हर रोज लाखों के दांव, पुलिस खुद कर रही सुरक्षा !

एक पुलिस अधिकारी ने शुरू करवाया, अब पूरा तंत्र सक्रिय

छिंदवाड़ा, नागपुर, जबलपुर, सिवनी, बैतूल से आ रहे खिलाड़ी

छिंदवाड़ा । छिंदवाड़ा से टूटकर अलग हुआ पांढुर्णा जिला अपराध का पर्याय बन गया है। इस जिले में अपराधियों ने अपने पैर पसार लिए हैं । इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि आपको जो भी अवैध कारोबार करना है पांढुर्णा जिला उसके लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित क्षेत्र है। यहां पुलिस खुद अपराधियों को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करती है। चाहे मामला रेत के कारोबार का हो या फिर तंबाकू के अवैध कारोबार का पांढुर्णा जिला हर किसी अवैध कारोबार के लिए अनुकूल है । इसके अलावा और भी कई कारोबार है जो पांढुर्णा जिले में फल फूल रहे हैं । इन कारोबार को हर तरह की सुरक्षा और संरक्षण दिया जा रहा है। सौसर में चल रहा जुआ फड़ भी अवैध कारोबारों का एक फलता फूलता उदाहरण है । जिसे सौसर के कुछ पुलिसकर्मी खुद संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। जिसमें पुलिस अधिकारियों की भी मौन स्वीकृति साफ जाहिर है। यही कारण है कि पिछले 6 महीने से बेखौफ सिलवानी – रमाकोना से लेकर लोधीखेड़ा तक के क्षेत्र में चल रहे जुआ फड़ पर आज तक पुलिस सायरन बजाने भी नहीं पहुंची। नाल कट छिंदवाड़ा से सौसर पहुंचते हैं और सौसर के अपने साथियों के साथ मिलकर पूरा कारोबार संचालित करते हैं। इस जुआ फड़ पर हर दिन लाखों के दांव लग रहे और नाल कटो की कमाई भी लाखों में है।

4 पुलिस कर्मी खुद हैं फंटर, अधिकारियों की भी मौन स्वीकृति

सौसर क्षेत्र में चल रहे इस जुआ फड़ पर आखिर पुलिस इतनी मेहरबान क्यों है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सौसर क्षेत्र के चार पुलिसकर्मी खुद जुआ फड़ चलाने वालों के फंटर है। और उन्हें हर जानकारी उपलब्ध कराते हैं । इतना ही नहीं यह चार पुलिसकर्मी जुआ से मिलने वाले रुपए सिपाही से लेकर अधिकारी तक पहुंचते हैं । इन चार पुलिसकर्मियों में एक तो सौसर क्षेत्र के आला पुलिस अधिकारी का ड्राइवर है और उसके साथ ही तीन अन्य शातिर पुलिसकर्मी इस पूरे जुआ फड़ के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पिछले दिनों एक अधिकारी के स्थानांतरण के बाद दूसरे अधिकारी ने जब जुआ बंद करने की बात कही तो इन्हीं पुलिस कर्मियों ने बड़े अधिकारियों से कहकर नए आए अधिकारी का भी सेटअप करा दिया और जुआ बेखौफ चल रहा है। यह पुलिसकर्मी पल पल की खबर जुआरियों और जुआ खिलाने वालों तक पहुंचाते हैं। और सुरक्षा और संरक्षण देने का पूरा ठेका भी इन पुलिस कर्मियों ने ले रखा है।

भूल गए अधिकारी छिंदवाड़ा DIG रेंज में आता है पांढुर्णा जिला

पांढुर्णा जिला अलग होने के बाद यहां तैनात किए गए पुलिस अधिकारी खुद को खुदा समझ बैठे हैं। यह अधिकारी क्षेत्र में हर तरह के अवैध कारोबार संचालित करने में अवैध कारोबारी के संरक्षक बने हुए हैं। पांढुर्णा जिले में अवैध कारोबार को लेकर कोई बात नहीं होती। लेकिन पुलिस अधिकारी भूल गए हैं कि पांढुर्णा जिला भी छिंदवाड़ा डीआईजी रेंज में आता है। इन मामलों में अब छिंदवाड़ा डीआईजी की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे कि आखिर पांढुर्णा जिले में इतनी बेखौफ तरीके से अवैध कारोबार कैसे संचालित हो रहा है। और पुलिस अधिकारियों पर डीआईजी का नियंत्रण क्यों नहीं है। पांढुर्णा जिले में इसी तरह से अपराध और अपराधी फलते फूलते रहे तो पांढुर्णा जिला कुछ दिनों में केवल अपराधों के लिए जाना जाएगा। हालांकि अब नए डीआईजी के आने के बाद उनसे ही पांढुर्णा जिले के अपराधों को लेकर बात की जाएगी।

छिंदवाड़ा के दो पटेल , एक दाई के साथ, नेता जी के साले का साला भी

सौसर का जुआ फड़ संचालित करने वाले कहीं और के नहीं बल्कि छिंदवाड़ा के दो पटेल एक दाई और सौसर के कुछ पार्टनर शामिल है । इस जुआ का पूरा कंट्रोल किसी एक का नहीं है। बल्कि सबकी अलग-अलग भूमिका तय है । कौन लाइजनिंग करेगा, कौन रुपए बंटेगा, किसके मार्फत पुलिस अधिकारियों से बात होगी और कौन जुआ फड़ निगरानी करेगा । यह सब पांच – छह लोगों की एक टीम को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस जुआ फड़ पर जुआरी भी नागपुर, सिवनी, जबलपुर, बैतूल जैसे बड़े जिलों से आ रहे हैं । और खिलाड़ियों को फड़ की लोकेशन भी हर दिन शेयर की जाती है। ताकि अलग-अलग स्थान पर चलने वाला यह जुआ फड़ पर खिलाड़ी आसानी से पहुंच सके।

Episode 2- कौन हैं दो पटेल, दाई और बड़े नेता के साले का साला जो बेखौफ चला रहे फड़।


Episode 3- कौन से 4 पुलिस कर्मी हैं फंटर और टी आई से लेकर एसपी तक किसकी क्या भूमिका।

अवैध कारोबार पांढुर्णा… Avinash Singh
9406725725/7697930555