Home जिला Health industry : डर का कारोबार, बीमारी का डर अस्पतालों की चांदी...

Health industry : डर का कारोबार, बीमारी का डर अस्पतालों की चांदी !

हर महीने निजी अस्पतालों में 2 से 3 हजार एंजियोग्राफी

सीने में दर्द की शिकायत, निजी अस्पताल में हार्ट अटैक

छिंदवाड़ा । हेल्थ इंडस्ट्री के दूसरे एपिसोड के पार्ट 2 में हम बात कर रहे हैं दिल की बीमारी के गंभीर इलाज की । जो आजकल छिंदवाड़ा के कुछ निजी अस्पतालों में चल रहा है । इन अस्पतालों ने एंजियोग्राफी मशीन खरीद ली है और डर का कारोबार शुरू कर दिया है। सीने में दर्द की शिकायत लेकर शहर के चर्चित निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीज में से 99% को हार्ट की बीमारी बताई जा रही है। और उनके एंजियोग्राफी और एनजीओ प्लास्टि तक कर दी जा रही है। जबकि किसी को पता ही नहीं है कि सीने में दर्द जब हुआ तो वह हार्ट का दर्द था या उस दर्द का कारण कुछ और था। लेकिन निजी अस्पताल मतलब डर का कारोबार ।

कैसे चल रहा डर का कारोबार, सुने पूरा वीडियो…👇

दरअसल निजी अस्पतालों में सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीज के साथ अस्पताल अपनी दुकान चलाने का कारोबार कर रहे हैं। पहले तो ऐसे मरीजों की ईसीजी करने के बाद ही उन्हें डरा दिया जाता है कि तुम्हें सीवियर अटैक आ सकता है। कई मरीजों को सीधे आईसीयू में भर्ती किया जाता है। तो कई मरीजों को हजारों रुपए की दवाइयां देकर अगले हफ्ते की वह तारीख दी जाती है जिस तारीख पर उनके अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट आने वाला है । मतलब साफ है की एंजियोग्राफी मशीन खरीदी है तो उसका उपयोग भी करना पड़ेगा । और उसके खर्च भी निकालने पड़ेंगे। यह डर का कारोबार शहर के दो से तीन अस्पतालों में चल रहा है। हर महीने दो से 3 हजार एंजियोग्राफी हो रही है और लोगों की जेब ढीली की जा रही है।

नीम हकीमों के भरोसे मरीज, नागपुर चला जाता है कार्डियोलॉजिस्ट

शहर के दो से तीन निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी मशीन लगातार काम कर रही है । दिल की बीमारी के मरीजों की एंजियोग्राफी करने के साथ ही लगभग 95% मरीजों की एनजीओ प्लास्टि भी इसी टेबल पर कर दी जाती है । और उनकी जान के साथ खिलवाड़ किया जाता है। बड़ी बात तो यह है की एंजियोप्लास्टी करने के बाद कार्डियोलॉजिस्ट रात में नागपुर चला जाता है। और मरीज नीम हकीम खतरे जान चिकित्सकों की देखरेख में अस्पताल में भर्ती रहता है। इससे भी बड़ी बात यह है कि इन अस्पतालों में जहां हार्ट की सर्जरी हो रही है उन अस्पतालों में ट्रेंड स्टाफ तक मौजूद नहीं है । अनट्रेंड नर्सें और आयुर्वेदिक डॉक्टर रात में ड्यूटी पर रहते हैं। जिन्हें हार्ट सर्जरी का H भी पता नहीं होता। ऐसे डॉक्टरों के भरोसे दिल के मरीजों को छोड़ा जाता है । इन हालात में अब तक कई मरीजों की जान जा चुकी है लेकिन फिर भी डर का कारोबार जारी है।

स्पेशल एपिसोड एंजियोग्राफी… Avinash Singh
9406725725/7697930555