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यूरिया संकट : किसानों के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता सोनू मागो पर एफआईआर

परासिया रोड पर किसानों ने यूरिया के लिए किया था चक्का जाम

जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, शहर कांग्रेस कोई नजर नहीं आया

छिंदवाड़ा। जिले के किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है और पिछले 1 महीने से किसान लगातार आधी रात को कतारों में लगकर यूरिया के लिए अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। इन हालात में बुधवार को जब परासिया रोड स्थित यूरिया विक्रय केंद्र से किसानों को यूरिया देने की बजाय 10 – 12 दिन बाद का टोकन देना शुरू किया गया तो किसानों ने इस बात को लेकर हंगामा शुरू कर दिया । किसान आंदोलन शुरू हो गया किसान सड़क पर उतर आए और यूरिया देने की मांग जिला प्रशासन से करने लगे। इस दौरान किसानों के समर्थन में धरने पर बैठे नगर निगम के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता सोनू मागो के खिलाफ प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर दी है।

बड़ी बात यह है कि किसानों का यह आंदोलन लगभग 6 से 8 घंटे तक लगातार चलता रहा और देर रात तक किसान सड़कों पर रहे यहां तक की परासिया रोड लगभग 3 घंटे के लिए जाम हो गया। लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस से केवल सोनू मांगो ही किसानों के समर्थन में नजर आए। इसके अलावा कांग्रेस या भाजपा का कोई नेता आंदोलन के दौरान दिखाई नहीं दिया। जबकि सोनू मांगो ने किसानों से कंधा से कंधा मिलाकर प्रशासन से बात की और यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की इसके लिए उन्होंने किसानों के साथ सड़क पर धरना दिया और प्रदर्शन किया।

किसान नेता गगन चौधरी को किया गिरफ्तार

बुधवार को हुए किसान आंदोलन में जहां कांग्रेस नेता सोनू मागो ने किसानों के साथ उनके समर्थन में सक्रिय प्रदर्शन किया। वही यूरिया ना मिलने की बात को लेकर किसानों के साथ शुरुआत से खड़े रहे किसान नेता गगन चौधरी ने भी इस आंदोलन में पूरी भागीदारी दिखाई। लेकिन गगन चौधरी को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर धरना प्रदर्शन और आंदोलन करने का आरोप लगाया गया है। गगन चौधरी ने किसानों के हक में आंदोलन किया और यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की जिसके चलते गगन चौधरी के खिलाफ देहात थाने में एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

भाजपा – कांग्रेस के नेताओं ने नहीं ली किसानों की सुध

यूरिया के लिए जिले में हाहाकार पिछले एक माह से चल रहा है। किसान विक्रय केंद्रों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हैं। जबकि किसानों को यूरिया की सतत आवश्यकता पड़ रही है । लेकिन इस एक महीने के दौरान जहां कलेक्टर ने केवल एक बयान जारी किया है कि यूरिया की कही कमी नहीं है, जबकि किसान लगातार यूरिया के लिए परेशान होते नजर आ रहे हैं । उसके बाद भी सत्ता दल के नेताओं ने आज तक किसानों की सुध नहीं ली और ना ही उन्हें इस बात का आश्वासन दिया कि सरकार उनके लिए यूरिया उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास कर रही है। कांग्रेस के भी हाल लगभग ऐसे ही है कांग्रेस के नेता भी किसानों के साथ नजर नहीं आ रहे। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले के 6 विधायक कांग्रेस के हैं लेकिन चौरई विधायक सुजीत चौधरी को छोड़ दिया जाए तो कोई विधायक अब तक किसानों के साथ खड़ा नजर नहीं आया है। बुधवार के आंदोलन में भी केवल सोनू मागो ही नजर आए जबकि जिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, शहर कांग्रेस सब गायब रहे।

मक्का की फसल में तीन बार डालना पड़ता है यूरिया

जिले में मक्के का रकबा लगभग साढे 4 से 5 लाख हैक्टेयर भूमि पर है। और मक्के की फसल में पूरे सीजन के दौरान लगभग तीन बार यूरिया डालने की आवश्यकता पड़ती है। सरकारी नियमों के अनुसार एक एकड़ मक्के की फसल में एक बार में केवल आधा बोरी यूरिया डाला जाना चाहिए। कुछ किसान ज्यादा यूरिया डालते हैं। लेकिन उसके बाद भी तीन बार यूरिया डालने के लिए किसानों को एक एकड़ की फसल के लिए लगभग दो बोरी यूरिया की आवश्यकता पड़ती है। मक्का की फसल उगने के बाद लगातार उसे देखरेख की आवश्यकता होती है। हर बार प्रशासन ने किसान को कम यूरिया दिया है। जिसके चलते किसान परेशान हो रहे हैं। अब तीसरी बार का यूरिया डालने का समय है और बारिश की संभावना के चलते किसान को एक दो दिन में ही यूरिया चाहिए। लेकिन प्रशासन 10 से 12 दिन का टोकन दे रहा है। 10 – 12 दिन बाद यूरिया मिलता है तो वह मक्के की फसल के काम नहीं आएगा।

किसान आंदोलन… Avinash Singh
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