सड़क पर कालोनियों के करीब फेंक रहे बायो मेडिकल वेस्ट
लोगों में हो सकता है लाइलाज बीमारियों का संक्रमण
छिंदवाड़ा। निजी अस्पताल और निजी क्लिनिको की मनमानी लगातार चरम पर है। एक तरफ इलाज के नाम पर लोगों की जेब काटने का धंधा निजी अस्पतालों और प्राइवेट क्लिनिको ने शुरू कर दिया है । तो वहीं दूसरी तरफ नियमों की अनदेखी खुलेआम की जा रही है जिस पर ना ही स्वास्थ्य विभाग सख्त है और ना नगर निगम का स्वास्थ्य हमला इस मामले में कार्रवाई कर रहा है नुकसान हो रहा है आम जनता का । आज हम बात कर रहे हैं बायो मेडिकल वेस्ट की जो ऐसा अनजान खतरा है जो लोगों के आसपास बिखरा हुआ है। और इस बायोमेडिकल वेस्ट में कई तरह के ला इलाज बीमारियों के संक्रमण फैलाने की ताकत भी है। इस बायो मेडिकल वेस्ट में कैंसर के मरीज के ब्लड सैंपल हो सकते हैं। इस बायो मेडिकल वेस्ट में एड्स के मरीजों की लगाई हुई सुईया हो सकती है । और इस बायो मेडिकल वेस्ट में कई तरह की गंभीर बीमारियों और संक्रमण फैलने वाली बीमारियों के बैक्टीरिया हो सकते हैं जिसे निजी अस्पताल और प्राइवेट क्लीनिक कॉलोनी के करीब फेंक रहे हैं । यह सिलसिला कई महीनो से चल रहा है।
दिव्य भारत समाचार को वार्ड नंबर 12 के जागरूक नागरिकों ने एक सूचना भेजी की निजी क्लीनिक और अस्पतालों से निकलने वाला कचरा उनके घरों के आसपास फेंका जा रहा है । अब बारिश में यह कचरा संक्रमण फैला सकता है। दिव्य भारत समाचार की टीम ने जब मुआयना किया तो पता चला कि भारी मात्रा में बायो मेडिकल वेस्ट कॉलोनीयों के निकट सड़क पर पड़ा हुआ है। वार्ड नंबर 12 में यह कचरा लगातार डंप किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि कचरे को ठीक से देखने पर उसमें डॉक्टर की पर्ची भी मिली है । जिसमें क्लीनिक का नाम और डॉक्टर का नाम साफ-साफ लिखा हुआ है । लेकिन विडंबना इस बात की है कि इस अनजान खतरे से स्वास्थ्य विभाग अनजान है। और लोगों को गंभीर बीमारियों के संक्रमण की तरफ धकेल रहा है। ताकि निजी अस्पतालों का फायदा हो और लोग परेशान हो जाए।
क्या है बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का नियम ?
जिला अस्पताल से लेकर सभी निजी अस्पताल और क्लिनिको के लिए बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की एक विशेष व्यवस्था और नियम है। इस नियम के तहत बायो मेडिकल वेस्ट को खुले में नहीं फेंका जा सकता। बायोमेडिकल वेस्ट के लिए एक निश्चित एजेंसी को जिला अस्पताल, निजी अस्पताल या निजी डाक्टर अपने क्लीनिक से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट के लिए निर्धारित करते हैं । और उसका सर्टिफिकेट भी लेते हैं। यह एजेंसी समय-समय पर डॉक्टरों के क्लीनिक, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों से बायो मेडिकल वेस्ट जमा करके अपने डिस्पोजल स्थल तक लेकर जाती है। तब तक जिला अस्पताल से लेकर सभी निजी और प्राइवेट क्लीनिक को इस बायो मेडिकल वेस्ट को रखने की व्यवस्था स्वयं के यहां करना पड़ता है । और केवल एजेंसी को ही यह बायोमेडिकल वेस्ट दिया जाना चाहिए।
हमारे शहर में स्वास्थ्य अमला जैसे सोया हुआ है सैकड़ो निजी क्लीनिक दर्जनों निजी अस्पताल होने के बावजूद बायोमेडिकल वेस्ट का निर्धारण किस तरह से किया जा रहा है इस बात की तरफ स्वास्थ्य विभाग का कोई ध्यान नहीं है । यहां तक की बायोमेडिकल वेस्ट की जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी जिम्मेदार है । जबकि कोई भी शहर में यह नहीं देख रहा की कॉलोनी के करीब ही एक कचरा फेंका जा रहा है जिससे लोगों में संक्रमण का खतरा भरा हुआ है।
अनजान खतरा…अविनाश सिंह
9406725725/7697930555
Special thanks – Dr Yogi miglani astrologer









