धरमटेकरी में छोड़ गया कोई अपना ऊंट
कई संगठन कर रहे पौधारोपण, ऊंट से नही बचा पा रहे
छिंदवाड़ा। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जिले भर में पौधारोपण किया जा रहा है। इस पौधारोपण को करने के बाद सबसे बड़ी चुनौती इन पौधों को बचाने की है। लोक पौधारोपण तो कर देते हैं लेकिन उन्हें बचाने का कोई प्रयास नहीं करते। ऐसा ही हाल शहर के धर्म टेकरी में भी देखने को मिल रहा है जहां कई सामाजिक संगठन और सशकीय संगठन पौधारोपण तो कर रहे हैं। लेकिन धरमटेकड़ी में छोड़े गए एक ऊंट ने अब तक किए गए पौधारोपण को चट कर दिया है। इसकी तरफ ना ही सामाजिक संगठनों का ध्यान है और ना ही प्रशासन का। धरमटेकड़ी में कौन अपना ऊंट छोड़ गया यह बात भी कोई बताने को तैयार नहीं है। सरकार के एक पेड़ मां के नाम अभियान को भारी प्रतिशाद मिल रहा है। पूरे जिले में पौधारोपण करने वालों की बाढ़ आ गई है हर तरफ पौधारोपण किया जा रहा है। शहर के धर्म टेकड़ी में भी लोग पौधारोपण कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है। लेकिन इस पौधारोपण का दुश्मन धरमटेकरी में छोड़ा गया एक ऊंट बन गया है। जो पौधारोपण करने के बाद पौधों की कोमल कोपलों को खा जाता है। जिसके कारण पौधे लगने के बाद ही खराब हो रहे हैं। धरमटेकरी में रोज घूमने आने वालों की माने तो जितने पौधे अब तक लगाए गए हैं। सभी पौधों को यह ऊंट चट गया। इस बात से लोग परेशान भी लेकिन इसकी शिकायत किस करें यह बात लोगों को समझ नहीं आ रही है। धरमटेकरी में ऊंट छोड़ने की अनुमति किसने दी और यह ऊंट किसका है। या बात भी प्रशासन नहीं बता पा रहा है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लगे धरमटेकड़ी परिसर में पूरे क्षेत्र में यह ऊंट घूम रहा है और नए पौधारोपण के साथ ही पुराने पेड़ों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
घूमने आने वाले परेशान, ऊंट से कैसे बचाएं नए पौधे
धरमटेकरी में हुए पौधारोपण को बचाने सबसे ज्यादा परेशान यहां रोज घूमने आने वाले शहरी हो रहे हैं। क्योंकि उनके सामने ही ऊंट इस पौधारोपण को चट कर रहा है। रोज धरमटेकड़ी में सैर करने जाने वाले अधिवक्ता जेपी राय ने बताया कि अब तक जितना पौधारोपण हुआ है। उसमें से ज्यादातर ऊंट चट कर चुका है। पौधारोपण करने के बाद लोग इस तरफ ध्यान भी नहीं दे रहे हैं कि यह पौधे सुरक्षित रहें। पौधों को पानी तो मिल रहा है लेकिन धरमटेकरी में छोड़े गए ऊंट के कारण इन पौधों को बचाना मुश्किल हो रहा है।
गंभीर समस्या…अविनाश सिंह
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