दर्जन भर गाड़ियों से पहुंचे पुलिस कर्मी, घर खेतों की जांच की
पांडूर्णा विधायक पर था बीजेपी में शामिल होने का दबाव !
छिंदवाड़ा। पांढुर्णा विधायक निलेश उईके के घर दर्जनों भर गाड़ियों में भरकर पुलिस और आबकारी की टीम ने रविवार की शाम दबिश दी। पांढुर्णा विधायक के घर और खेतों के आसपास बने घरों में सघन जांच की गई और पुलिस अधिकारी कर्मचारी पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कर खड़े रहे। पांढुर्णा विधायक निलेश उईके गांव में अचानक पुलिस और आबकारी की दर्जनों गाड़ियां एक साथ पहुंची। डीएसपी बंजारा के नेतृत्व में पुलिस और आबकारी की टीम ने विधायक निलेश उईके के घर घेराबंदी की और फिर लगभग एक घंटे तक विधायक के घर और आसपास के घरों के अलावा खेतों में भी जांच की गई। लेकिन पुलिस और आबकारी के हाथ कुछ भी नहीं लगा पांढुर्णा विधायक पर की गई यह कार्रवाई दबाव की राजनीति से प्रेरित प्रतीत हो रही है। इसका कारण यह है कि इस कार्रवाई में एस एस टी और एफ एस टी की टीम शामिल नहीं थी। जबकि पुलिस और आबकारी की टीमों ने यह जांच की है। देर रात तक जब डीएसपी से इस संबंध में जानकारी मांगी जाती रही तो डीएसपी बंजारा ने पहले तो साफ कह दिया कि वह पांढुर्णा विधायक के घर पहुंचे ही नहीं थे। जबकि पुलिस और आबकारी की टीमों के वीडियो देर शाम ही वायरल हो गए थे।
विधायक निलेश उईके के भाजपा में जाने की चली थी चर्चाएं
दलबदल की राजनीति में एक आदिवासी विधायक कमलेश शाह तो भाजपा में शामिल हो गए। इसी दौरान एक और विधायक पांढुर्ना के नीलेश उईके के भाजपा में जाने की अटकलें जोरों पर थी। की एक और आदिवासी विधायक निलेश उईके भाजपा में चले जाएंगे। लेकिन नीलेश ने नकुलनाथ का साथ छोड़ने से साफ इनकार कर दिया था । और यह कह दिया था कि मैं आखिर तक नकुलनाथ के साथ रहूंगा। कहीं यह करवाई इसी बात से प्रेरित तो नहीं है? पांढुर्णा क्षेत्र में इन दिनों टसल की राजनीति दोनों ही पार्टियों में चल रही है एक तरफ नए कांग्रेसी जो भाजपा में गए हैं वह अपनी जमीन भाजपा में तलाशने की कोशिश कर रहे हैं इसके लिए आदिवासी नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश भी की जा रही है।
मुझ पर बनाया जा रहा भाजपा में जाने का दबाव: नीलेश उईके

पुलिस और आबकारी की दबिश के बाद पांढुर्णा विधायक निलेश उईके का कहना है कि उन पर पहले भी भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया जाता रहा है। और इस कार्रवाई में भी उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह भाजपा में शामिल हो जाए और नकुलनाथ और कमलनाथ को कमजोर करें। लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे वह आदिवासी नेता है और इस तरह की करवाई आदिवासियों का अपमान है। हम स्वतंत्र हैं जिसके साथ भी रहे। जनता ने हमें एक कांग्रेस विधायक के रूप में चुना है इसलिए हम जनता के साथ धोखा नहीं कर सकते और ना ही कमलनाथ नकुलनाथ के साथ धोखा कर सकते हैं।
किसने कराई आदिवासी नेता के घर दबिश ?
छिंदवाड़ा की राजनीति में दबाव और विद्वेष यह दोनों ही कभी नजर नहीं आए। लेकिन पिछले 5 सालों में छिंदवाड़ा की राजनीति अचानक दबाव विद्वेष और दुश्मनी की बनती जा रही है। इसके पहले कई चुनाव छिंदवाड़ा में हुए लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि या किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति पर किसी तरह की अपमान जनक करवाई न ही कांग्रेस पार्टी ने करवाई और ना ही भाजपा ने। लेकिन अचानक जिले में जिस तरह की राजनीति शुरू हो गई है इससे लगता है कि अब छिंदवाड़ा बदल रहा है। और यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर एक आदिवासी विधायक के घर पुलिस और आबकारी की इतनी भारी टीम किसके कहने पर पहुंची और क्यों ?
विश्लेषण….अविनाश सिंह
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