Home अपना शहर एल्डरमैन नियुक्ति छिंदवाड़ा शहर की जनता से एक और मजाक !

एल्डरमैन नियुक्ति छिंदवाड़ा शहर की जनता से एक और मजाक !

34 पार्षद उनमें 10 सभापति और अब 10 एल्डरमैन का बोझ

नालिया बजवाजा रही, सीवरेज फेल, सफाई, साफ पानी गायब

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए जिस तरह से इन दिनों हलकान है। उससे साफ दिखता है कि नगर निगम कहीं है ही नहीं। नगर निगम केवल टैक्स वसूल रही है। एक गाड़ी हर मोहल्ले में गुजरती है और गाना गुनगुनाती है ग्रीन छिंदवाड़ा क्लीन छिंदवाड़ा। इसके अलावा नगर निगम का कोई काम शहर में दिखाई नहीं दे रहा। पिछले एक महीने से हालात यह बने हुए हैं की शहर में दो बार हफ्ते हफ्ते भर नल नहीं आया। और आज की स्थिति है की एक दिन के बाद नाल आ रहा है। और यह हालत पिछले 50 सालों में पहली बार बने हैं। जब बारिश का आधा सीजन गुजर चुका है। और नल पानी तक नहीं उगल रहे। उस पर छिंदवाड़ा नगर निगम में मध्य प्रदेश शासन ने 10 एल्डर मेन नियुक्त कर दिए। इसके पहले भाजपा के 34 पार्षद है जिनमें से 10 सभापति है। जो छिंदवाड़ा की जनता की समस्याओं का हल नहीं निकल पा रहा है। यहां तक की भाजपा के ही कई पार्षद अपने वार्डों में समस्याओं का अंबार लिए बैठे है और निगम को कोस रहे हैं। हाल ही में पूर्व पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता लठ्ठ लेकर नगर निगम पहुंच गए थे।

इन हालात में 10 और एल्डरमैन का बोझ नगर निगम पर डाल दिया गया। इससे बड़ी हास्यास्पद बात क्या होगी कि भाजपा शहर की समस्याओं को दूर करने की योजना पर काम करने की बजाय राजनीति करने के लिए और 10 लोगों को नगर निगम में शामिल कर देती है। जिनका बोझ नगर निगम को हर महीने उठाना है। और अब इसके बाद नगर निगम की राजनीति भी दोगुनी स्तर पर चलेगी। लेकिन जनता के बीच हाहाकार यूं ही मचा रहेगा । हाल ही में भाजपा ने पिछले 4 साल से पेंडिंग नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति को हरी झंडी दी और 10 एल्डरमैन की नियुक्ति कर दी। यह एल्डरमैन 12 महीने के लिए नियुक्त किए गए यानी की 1 साल के लिए नियुक्त किए गए । अब यह बात समझ से परे हैं की जो काम पिछले 4 साल से बिना एल्डरमैन के नियुक्ति के चल रहा था। उस काम को केवल एक साल के लिए क्यों अंजाम दिया गया । आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी मध्यप्रदेश शासन की थी की नगर निगम जो कि पहले से ही गरीबी, लाचारी, बेबसी और निकम्मापन से जूझ रही है। उसे नगर निगम पर 10 और एल्डरमैन का भोज डाल दिया गया है।

कांग्रेस से महापौर लाये, 14 पार्षद लाए फिर भी काम नहीं चला

छिंदवाड़ा नगर निगम के चुनाव 2022 में हुए। महापौर कांग्रेस के विक्रम आहके चुने गए और और शहर के 28 वार्डों में कांग्रेस पार्षदों ने जीत हासिल की। भाजपा जो कि पिछले 7 सालों से नगर निगम में काबिज थी उसको केवल 18 पार्षद मिले। और दो प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव जीतकर पार्षद बने। यह स्थिति 2022 की है। 2023 में विधानसभा चुनाव हुए 2024 में लोकसभा चुनाव हुए। विधानसभा चुनाव से ही नगर निगम को तोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था। महापौर और 14 पार्षद कांग्रेस के भाजपा के बड़े नेताओं ने तोड़ लिए। और भाजपा में शामिल कर लिये। अब स्थिति यह हो गई की नगर निगम में भाजपा के 34 पार्षद है।

जिनमें से 14 कांग्रेस से गए हैं। और दो निर्दलीय । इसके अलावा महापौर विक्रम आहके भी भाजपा में शामिल हो गए । सभी ने हवाला दिया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है, शहर का विकास कांग्रेस की परिषद होने के कारण रुका हुआ है। इसलिए वह भाजपा ज्वाइन कर रहे हैं। ताकि छिंदवाड़ा शहर में विकास की कमी ना रहे । लेकिन पिछले 3 सालों में हालत यह है कि विकास के अलावा छिंदवाड़ा शहर में सब कुछ नजर आ रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे बिना सरकार के परिषद चल रही है। उसके बाद भी भाजपा रुक नहीं रही । सरकार ने फिर 10 नए नेता नगर निगम में खड़े कर दिए जो नगर निगम के चुनाव तक शहर में राजनीति करते नजर आएंगे।

सीवरेज फेल, नलजल योजना फेल अब पानी को तरसेगा शहर

शहर में नगर निगम में जो सबसे महत्वपूर्ण काम अपने कार्यकाल में किया है। वह यह किया है कि छिंदवाड़ा शहर में संपत्ति कर और जलकर सहित व्यवस्था कर भी बढ़ा दिया । एकमात्र महत्वपूर्ण काम नगर निगम ने इस पूरे सत्र में किया और जनता पर बोझ डाल दिया। यह कहकर की पुराना टैक्स बहुत ही मामूली था इसलिए उसमें 10 गुना की वृद्धि कर दी गई। यह काम किया भाजपा के महापौर विक्रम आहके के और नगर निगम की परिषद ने। लेकिन जैसी की उम्मीद की जा रही थी की नगर निगम ट्रिपल इंजन की सरकार के सहारे छिंदवाड़ा शहर को बेहतर सुविधाएं देने में कामयाब होगी। वैसा कुछ भी पिछले 4 सालों में नजर नहीं आया। आज हालात यह है कि पिछले 10 सालों से बन रही सीवरेज लाइन का काम अब तक पूरा नहीं हुआ।

जितना काम पूरा हुआ वह भी फेल हो गया। 10 साल पहले शहर में डाली गई नल जल योजना की पाइपलाइन का आज भी पता नहीं है। करोड़ों रुपए का बंटाधार हो गया। इस साल बारिश को देखते हुए अगले साल नगर निगम शहर को 10 दिन में एक बार पानी दे पाए यह भी मुश्किल नजर आ रहा है। लेकिन इसके लिए कोई योजना ना नगर निगम के अधिकारियों के पास है और न भाजपा के नेताओं के पास। बड़ी विडंबना है कि एक तरफ शहर की जनता परेशान हो रही है और दूसरी तरफ नियुक्तियां की जा रही है । बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तैयारी की जा रही है आने वाले चुनाव की जो कि शहर की जनता के साथ एक खुला मजाक है।

व्यंग्य… Part 01
Avinaash Siingh
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