हास्यास्पद जांच टीम, उपकरण में आग की जांच डॉक्टरों को
डॉ अंशुल लांबा, एनआईसीयू इंचार्ज ने किया था वेरिफिकेशन
छिंदवाड़ा। स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही की हद का एक और खुलासा हुआ है। पता चला है कि जिस वार्मर में आग लगी उस वार्मर का मेंटेनेंस ठीक 15 दिन पहले 8 अगस्त को भोपाल की AOV इंटरनेशनल कंपनी ने किया था । यह कंपनी पूरे मध्य प्रदेश में जिला अस्पताल और सिविल अस्पताल के उपकरणों का मेंटेनेंस करती है। इस कंपनी को सीधे सरकार के स्वास्थ्य महकमें से ठेका मिला है। अब सवाल यह है कि 15 दिन पहले जिम मशीन का मेंटेनेंस किया गया। आखिर उस मशीन में आग कैसे लगी और जो तीन बच्चे झुलसे, जिनमें से एक की मौत हो गई, इसका जिम्मेदार कौन है ? क्या मेंटेनेंस करने वाली कंपनी जिम्मेदार है । या मशीन की खरीदारी में कोई झोल हुआ है। यह बहुत बड़ा सवाल छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा कक्ष में हुए हादसे के बाद उठकर खड़ा हो गया है। क्योंकि इस बात की कोई गारंटी अब तक नहीं दी गई है कि ऐसा हादसा दोबारा नहीं हो सकता। जबकि इस यूनिट को फिर से शुरू कर दिया गया है। बच्चे वार्मर में रखे जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल और सिविल अस्पताल में मौजूद ऐसे उपकरणों के मेंटेनेंस के लिए सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एओवी इंटरनेशनल कंपनी को ठेका दिया है। यह कंपनी पूरे मध्य प्रदेश के सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल में उपकरणों का मेंटेनेंस करती है। छिंदवाड़ा में भी 8 अगस्त को इस कंपनी के टेक्नीशियन ने जिला अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में मशीनों का मेंटेनेंस किया था। मेंटेनेंस के वेरिफिकेशन फॉर्म पर वार्ड इंचार्ज और डॉ अंशुल लांबा ने दस्तखत किए हैं । लेकिन ठीक 15 दिन बाद 22 अगस्त की दरम्यानी रात वार्मर में आग लग गई। जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई । अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या मेंटेनेंस में खाना पूर्ति की जा रही है। या मेंटेनेंस के नामपर कंपनी और कंपनी के दलाल सरकार से उगाही कर रहे हैं। जो एक बड़ा सवाल है। यह जानना अब जरूरी है। क्योंकि सरकार के स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे के बीच एक मासूम की जान जा चुकी है।
शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ ! वार्मर के फिलामेंट में हुआ स्पार्क
इस पूरी घटना के बीच एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जिस मामले में अब तक या माना जा रहा था कि शॉर्ट सर्किट की वजह से मशीन में आग लगी। अब यह बात भी अब साफ हो गई है कि उस वार्ड में कोई शार्ट सर्किट नहीं हुआ। बल्कि इस वार्मर मशीन के फिलामेंट में स्पार्क हुआ । जिसके कारण मशीन के अंदर आग लग गई। यह पूरा मामला मशीन की गुणवत्ता को लेकर अब दिखाई देने लगा है। मशीन की खरीदी मध्य प्रदेश सरकार ने खुद की है। और इसका मेंटेनेंस भी राज्य स्तर पर दिए गए ठेके के अनुसार किया जा रहा है। लेकिन इस घटना के बाद मशीन की खरीदी और मेंटेनेंस के काम को लेकर भी सवाल उठने लगे है।
क्योंकि अब तक यह कहा जा रहा था कि शॉर्ट सर्किट की वजह से मशीन में आग लगी। यह बात गलत साबित हो गई है। दरअसल जिस वार्मर में आग लगी है उस वार्मर के फिलामेंट में स्पार्किंग हुई है। फिलामेंट बहुत ही सुरक्षित तरीके से बनाए जाते हैं । और ऐसे मामलों में गंभीरता बरती जाती है ताकि ब्रांडेड उपकरणों का उपयोग किया जाए । लेकिन अब सरकार की उपकरण खरीदी और मेंटेनेंस के ठेके को लेकर बड़ी जांच की जरूरत आन पड़ी है। हो सकता है कि इस पूरे मामले में पर्दा डालने का प्रयास किया जाए। लेकिन हकीकत तो यह है कि एक बच्चे की जान इस पूरी घटना में चली गई है।
हास्यास्पद : डॉक्टरों से इलेक्ट्रॉनिक वार्मर के स्वास्थ्य की जांच
जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड में एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में लगी आग के मामले में एक और हास्यास्पद बात जिला प्रशासन की सामने आई है। इस पूरे मामले में जिला प्रशासन ने एक जांच टीम गठित की है । यह जांच टीम हादसे की घटना के पहलुओं की जांच करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस टीम में मेडिकल कॉलेज के सिम्स अधीक्षक डॉक्टर विपिन जैन, जिला अस्पताल के डॉ चंद्रशेखर दुबे, डॉ सुधीर शुक्ला और डॉ संजय जैन को शामिल किया गया है। अब अगर घटना पर नजर डाली जाए तो यह पूरा मामला गलत इलाज से संबंधित नहीं है। या इलाज से संबंधित है ही नहीं। यह पूरा मामला एक इलेक्ट्रिक उपकरण में आग लगने का है। जांच जिन अधिकारियों को सौंपी गई है, वह सभी चिकित्सक है।
जांच टीम का कोई भी मेंबर चाहे वह सिम्स का हो , चाहे जिला अस्पताल का हो इस मामले में अपनी कोई स्थापित राय नहीं दे सकता । ना ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकता है। जिला प्रशासन की जांच टीम में एक टेक्निकल इंजीनियर की आवश्यकता थी। जो वार्मर में लगी आग के कारणों का पता लगा सके। और यह भी बता सके की मेंटेनेंस हुआ था या नहीं। या उपकरण घटिया क्वालिटी का खरीदा गया । लेकिन जांच टीम में सभी डॉक्टर है जो शायद वार्मर के स्वास्थ्य की जांच करेंगे।
गजब छिंदवाड़ा…गजब मध्यप्रदेश
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