सन्मति शिक्षण संस्थान की 20 हजार वर्ग फुट भूमि गायब
बड़े प्लेयर : जैन समाज के साथ अपनो ने ही किया धोखा
छिंदवाड़ा। शुक्ला ग्राउंड पहले से खेल मैदान ही रहा। यह खाली भूमि का उपयोग बड़बन और सिविल लाइन एरिया के बच्चों के लिए खेल मैदान था। दरअसल यह जमीन पुनर्गठित मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल के परिवार की जमीन थी। और खाली पड़ी इस भूमि का उपयोग भी खेल मैदान के रूप में होता था । इसलिए इसका नाम शुक्ला ग्राउंड पड़ गया । बाद में जमीन बिकी और अलग-अलग लोगों के नाम पर दर्ज हुई। लेकिन शुक्ला ग्राउंड का नाम आज भी शुक्ला ग्राउंड ही विख्यात है । यह एक महत्वपूर्ण जानकारी है लेकिन मुद्दा यह नहीं है की शुक्ला ग्राउंड कैसे शुक्ला ग्राउंड बना । असल मुद्दा यह है कि सम्मत सागर जी महाराज जो कि जैन समाज के बड़े महान संत हुए और वह 1989 में छिंदवाड़ा आये। उनके कहने पर एक शिक्षण संस्थान के लिए जैन समाज ने चंदा करके जो जमीन खरीदी। वह जमीन अब गायब है।
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राजस्व दस्तावेजों में 2025 तक तो सन्मति शिक्षण संस्थान के नाम से जमीन दिखाई दे रही है। लेकिन 2025 के बाद एक बड़ा खेल हुआ और यह जमीन नगर निगम के नाम पर दर्ज हो गई । यह पूरा मामला शहर के बड़े प्लेयर्स का है। जिन्होंने जैन समाज की भूमि के साथ करोड़ों का खेल कर लिया । जैन समाज की भूमि को ही गायब कर दिया। यह बड़ा खेल पिछले 35 सालों में बड़े प्लेयर्स ने अंजाम दिया। जिसके चलते आज सन्मति शिक्षण संस्थान के नाम पर दर्ज भूमि नगर निगम के नाम पर दर्ज है। हालांकि इस पूरे मामले मैं जिन लोगों की भूमिका है उन लोगों ने पूरे समाज के साथ अमानत में खयानत का काम किया है। जो आने वाले दिनों में उजागर होंगे। और यह भी पता चलेगा कि आखिर सम्मत सागर जी महाराज के द्वारा खरीदी गई 20000 वर्ग फुट जमीन कहां गई।
खुलासा… बिहाइंड द सीन
Avinaash Siingh
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