निगम ने बिना अनुमति गोदाम निर्माण पर की कार्रवाई
लीज रिन्युअल कराए बिना बेच दी जमीन, गोदाम भी बना दिया
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा शहर में जमीनों का खेल बड़ी तेजी से चल रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि रसूखदार और भू माफिया दोनों ही नियम और कानून दोनों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नियम कानून की रक्षा करने का जिम्मा उठाए बैठे हमारे विभाग आंख बंद किए बैठे हैं। शहर में ऐसा ही एक मामला उस समय सामने आया जब एक गोदाम निर्माण के बाद, नगर निगम ने एक नोटिस जारी किया और 7 दिन में इस गोदाम को तोड़ने के आदेश दिए। नगर निगम ने यह कार्रवाई बिना अनुमति गोदाम बनाने के मामले में की है। लेकिन इस पूरे मामले में इससे भी बड़ा कांड हुआ। वह यह हुआ कि जिसने शहर के सत्कार परिसर क्षेत्र में या गोदाम बनाया उसने हाल ही में जमीन खरीदी है।
यह जमीन फिलहाल किसी के नाम पर नहीं है। यह नजूल की जमीन है और आज तक इस जमीन की लीज रिन्यूअल नहीं की कराई गई है। उसके बाद भी जमीन बेच दी गई और नजूल की जमीन पर गोदाम भी तान दिया गया । नगर निगम के पास इस पूरे मामले में बिना अनुमति निर्माण का मामला नहीं पहुंचता तो शायद यह बात सामने भी नहीं आती। कि जिस जमीन पर गोदाम बनाया गया वहां पर मामला केवल बिना अनुमति के गोदाम बनाने का नहीं है। बल्कि नजूल की जमीन पर अतिक्रमण करके गोदाम बनाने का भी है। जिस पर अब तक नगर निगम और जिला प्रशासन दोनों की ही नजर नहीं पहुंची है।
वीडियो में देखें…कैसे हुआ गोलमाल 👇
लीज रिन्यूअल का मामला छिंदवाड़ा से खारिज जबलपुर में पेंडिंग
जिस जमीन पर गोदाम बनाया गया और अब उसे तोड़ा जा रहा है । वह जमीन सत्कार ग्रुप के मेंबर की है। और सत्कार ग्रुप के इस मेंबर ने इस जमीन को बेच दिया है। जबकि जमीन की लीज कई सालों पहले ही खत्म हो चुकी है । ना ही जमीन बेचने वाले ने नजूल से इसकी एनओसी ली और नाही जमीन की लीज को रिनुअल कराया। बल्कि जमीन बेचने के बाद इस लीज को रिनुअल करने के लिए आवेदन दिया गया। जो छिंदवाड़ा से खारिज हो चुका है। फिलहाल जबलपुर में लीज रिन्यूअल का या मामला लंबित है। यह लीज रिन्युअल का मामला पुराने मालिक के नाम से ही लंबित है। जिसने जमीन को पहले ही बेच दिया है। इस पूरे मामले में बड़े झोल सामने आए। लेकिन फिलहाल नगर निगम ने केवल गोदाम तोड़ने की कार्रवाई की है। अब देखना है की नजूल विभाग इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है।
जब तक लीज नहीं मिलती तब तक जमीन पर नजूल का अधिकार
सत्कार परिसर में मौजूद इस जमीन का मामला खुलने के बाद इस बात की पड़ताल भी की गई कि आखिर किसी व्यक्ति को लीज पर दी गई जमीन की लीज खत्म हो जाए तो उस जमीन पर पर किसका अधिकार होगा। क्योंकि लीज के रहते तो मालिकाना हक लीज धारक के पास ही होता है। लेकिन लीज खत्म होने के बाद यह जमीन स्वतः ही नजूल के पास चली जाती है। फिर इस जमीन को खरीदा या बेचा नहीं जा सकता । इस जमीन पर पूरी तरह से नजूल का अधिकार होता है। जब तक की लीज को दोबारा रिन्यूअल न कराया जाये। लीज खत्म होने के बाद पुराने लीज धारक को जमीन को बेचने का भी अधिकार नहीं है। और बेचने के लिए भी नजूल की अनुमति लेना आवश्यक है। लेकिन इस पूरे कांड में सारे नियम कानून को दरकिनार करके जमीन की खरीद फरोख्त भी हो गई। और इस जमीन पर निर्माण भी कर लिया गया। वह भी नगर निगम की अनुमति के बगैर एक रिहायसी क्षेत्र में गोदाम बनाया गया।
गोलमाल… Avinaash Siingh
9406725725/7697930555







