आबकारी और शराब ठेकेदारों की मिलीभगत
एक महीने से सुर्खियों में आबकारी महकमा
छिंदवाड़ा। जिला आबकारी विभाग पिछले 1 महीने से सुर्खियों में चल रहा है। दरअसल जिला आबकारी अधिकारी के बदलने के बाद से ही आबकारी विभाग में कार्रवाई करने और न करने को लेकर सामंजस्य दिखाई नहीं दे रहा। कहीं आबकारी महकमा शराब ठेकेदारों की तीमारदारी करता नजर आ रहा है। तो कहीं कुछ शराब ठेकेदारों को टारगेट किया जा रहा है। यह लगातार पिछले एक माह से जारी है। अब आबकारी विभाग एक नए आरोप से घिर गया है। जिसमें ढाबे से शराब के साथ पकड़े गए एक ढाबा संचालक के साथ आबकारी के कंट्रोल रूम में हुई मारपीट का मामला सुर्खियों में है। दरअसल 3 दिन पहले जिला आबकारी की टीम ने लावा गोगरी थाना क्षेत्र में एक ढाबे से अवैध शराब पकड़ी और इस अवैध शराब के साथ ढाबा संचालक को हिरासत में ले लिया गया आबकारी ने ढाबा संचालक को छिंदवाड़ा के कंट्रोल रूम में हिरासत में रखा था।
लेकिन दूसरे ही दिन सुबह ढाबा संचालक के परिजन और कुछ ग्रामीणों ने उसे कंट्रोल रूम से छुड़ाकर ले गए यहां आबकारी विभाग तमाशा बिन बना देखता रहा लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने पूरे सिस्टम की कलई खोल कर रख दी की किस तरह आपका ही महक में और शराब ठेकेदारों की मिली भगत के करनामें चल रहे हैं। हालांकि पूरे मामले में आबकारी विभाग ने ढाबा संचालक और उसे छुड़ाकर ले जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है। लेकिन जिस तरह से ढाबा संचालक के साथ मारपीट की गई। उससे यही सवाल उठकर खड़ा हो गया है कि क्या आरोपी को मरने के लिए कंट्रोल रूम में छोड़ दिया जाता।
ठेकेदार के गुर्गों पर कंट्रोल रूम में आरोपी से मारपीट का आरोप
आबकारी महकमे ने लवघोगरी थाना क्षेत्र में एक ढाबे पर दबिश देकर शराब पकड़ी और ढाबा संचालक को हिरासत में लेकर छिंदवाड़ा कंट्रोल रूम में रख दिया। इस दौरान दूसरे दिन सुबह जब आरोपी परिजन कंट्रोल रूम में पहुंचे तो पता चला की रात भर ढाबा संचालक के साथ मारपीट की गई है । यह मारपीट आबकारी के संरक्षण में ठेकेदार के गुर्गों ने की है। यह बात आरोपी ढाबा संचालक ने अपने परिजनों को बताई। इस बात से परिजन और ग्रामीण जमकर भड़क गए और हंगामा खड़ा कर दिया। इसी बीच परिजन ढाबा संचालक को कंट्रोल रूम से छुड़ा कर ले गए। इस मामले में आबकारी विभाग ने इस बात के लिए प्राथमिक की दर्ज कराया है। लेकिन सवाल वही है कि जिस तरह से ढाबा संचालक के साथ रात भर मारपीट की गई । तो क्या आबकारी भी विभाग यह चाहता था कि उसे मारने के लिए कंट्रोल रूम में छोड़ दिया जाए। ताकि ठेकेदार के गुर्गे फिर से आकर ढाबा संचालक के साथ मारपीट करें और उसे अधमरा कर दे। अब यह सवाल जिले के आला अधिकारियों से भी है। जो जिले भर में अवैध शराब बिक्री के लिए जिम्मेदार हैं।
किसी पे मेहरबानी किसी से शिकायत किसका है खेल !
जिला आबकारी विभाग पिछले एक महीने से सुर्खियों में है। जिले भर में करवाई और मिलीभगत दोनों ही मामलों में आबकारी विभाग के चर्चे चल रहे हैं। पांढुर्णा में 700 पेटी शराब पकड़े जाने और फिर छोड़ दिए जाने का मामला। आबकारी महकमें पर दाग लगा रहा है। कि आखिर किसके कहने पर शराब पकड़ी गई और फिर किसके कहने पर शराब छोड़ दी गई। सौसर में भी ऐसा ही मामला सामने आया। इसके अलावा जिले भर में आबकारी महकमें और शराब ठेकेदारों की मिली भगत किसी से छुपी नहीं है। उस पर अब कंट्रोल रूम से एक आरोपी को छुड़ा ले जाना आबकारी महक में की कार्यप्रणाली पर धब्बा लग रहा है। तो वही कंट्रोल रूम में आबकारी की कैद में एक आरोपी के साथ ठेकेदार के गुर्गों के द्वारा मारपीट करना आबकारी महक में की कर गुजरी दिख रहा है । कि किस तरह आबकारी महकमा ठेकेदारों के इशारे पर नाच रहा है।
शराब का खेल… Avinash Singh
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