निर्माणाधीन होटल के मालिक ने सरकारी जमीन पर तान दी बाउंड्री
बड़े होटल और महंगी कॉलोनी के सामने बनेगी नगर निगम की दुकानें
छिंदवाड़ा। शहर में भूमाफिया हर तरह से सक्रिय है। कहीं सरकारी जमीनों पर भूमाफिया नजर गड़ाए बैठा है। तो कहीं अपनी जमीनों की कीमत बढ़ाने के लिए सरकारी जमीनों पर बनने वाले प्रोजेक्ट को अटका दिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला खजरी रोड पर भी सामने आया है। दरअसल खजरी रोड में शिक्षक कॉलोनी के आगे से ही सड़क के किनारे लगी नगर निगम की सरकारी जमीन है और उसके पीछे निजी जमीन मौजूद है। जब तक नगर निगम अपनी सरकारी जमीन का उपयोग नहीं करता। तब तक इन निजी जमीनों की कीमत बेशकीमती है। लेकिन जैसे ही नगर निगम सरकारी जमीन का उपयोग अपने किसी काम के लिए करना शुरू कर दे। उसके बाद से उसके पीछे मौजूद बेसकीमती जमीनों की कीमत आधी से भी कम रह जाएगी। यही कारण है कि वे रसूखदार जिनकी जमीन खजरी रोड पर मौजूद है वह नगर निगम के प्रोजेक्ट को अटका रहे हैं।
मामला है खजरी रोड पर नगर निगम के द्वारा बनाए गए एक शॉपिंग कंपलेक्स प्रोजेक्ट का। नगर निगम ने खजरी रोड पर बनने वाले एक होटल के सामने से ही वर्तमान फ्लोरेंस पार्क के आगे तक आबादी क्षेत्र में खुद की जमीन पर दुकान बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया था। जिससे नगर निगम को खासा फायदा हो सकता है। लेकिन जिन रसूखदारों की जमीन यहां मौजूद है वह रसूखदार सरकारी जमीन पर दुकानें बनने नहीं दे रहे हैं। फिलहाल यह मामला कलेक्टर कार्यालय में अनुमति के लिए अटका हुआ है। सूत्रों की माने तो इस मामले को यहां पर अटकाने के पीछे रसूखदारों का हाथ है । जिन्होंने प्रदेश के कुछ पुराने नेताओं का दबाव इस मामले में बनाया है जिनसे इन रासुकदारों के पुराने संबंध है।
वीडियो में देखें प्रोजेक्ट की पूरी कहानी कौन सा होटल कौन सी कॉलोनी 👇
कर्ज में नगर निगम, गिरवी रखी है बेशकीमती जमीनें
नगरनिगम इन दिनों गरीबी के दौर से गुजर रहा है। इनकम इतनी नहीं हो रही कि खर्चा पूरा कर सके । कर्मचारियों का वेतन देने तक के लिए नगर निगम को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके अलावा नगर निगम ने कई ऐसी जमीनों को गिरवी रखा हुआ है जिन जमीनों की कीमत करोड़ों अरबो रुपए तक जा सकती है। लेकिन बैंक लगातार मुनादी कर रहे हैं और नगर निगम इन जमीनों को गिरवी रख कर लिए गए कर्ज का भुगतान भी नहीं कर पा रहा है ।ऐसी स्थिति में नगर निगम शहर में ऐसे प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है जिससे नगर निगम की कमाई हो सके और बैंकों के कर्ज चुकाया जा सके। क्योंकि जो जमीन बैंकों के पास गिरवी रखी हुई है । उन जमीनों पर शहर के बड़े भूमाफियाओं की भी नजर है। भू माफिया चाहते हैं कि नगर निगम इन जमीनों का कर्ज़ न चुका पाए और यह जमीनें कौड़ियों के दाम बैंक से नीलाम हो जाए। और नीलामी में भूमाफिया ही इन जमीनों को खरीद ले।
रसूख का खेल…Avinash Singh
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