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Mysterious death : जुन्नारदेव विधायक के अस्पताल में नर्स है सहेली, पति साल भर से नहीं था साथ !

WCL की महिला कर्मी की मौत का रहस्य

पुलिस बता रही घर में मिला सुसाइड नोट

छिंदवाड़ा। 19 अक्टूबर की रात जुन्नारदेव के गुड़ी अंबाडा की 38 वर्षीय महिला की मौत का रहस्य अब तक नहीं सुलझा पाया है। महिला की मौत को लेकर पूरे क्षेत्र में आक्रोश है और लोग पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। बड़ी बात यह है कि महिला की जिस सहेली का फोन आखरी बार उसे आया और उसके फोन आते ही लता घर से निकली। बचपन की यह सहेली उसी अस्पताल में नर्स है । जिस अस्पताल में उसने आखिरी बार wcl कर्मी महिला को भर्ती कराया। महिला की मौत के कई सवाल आज भी अनसुलझे हैं। पुलिस एक सुसाइड नोट मिलने का दावा कर रही है जिसमें महिला ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपने पति को ठहराया है। हालांकि यह सुसाइड नोट पुलिस को महिला के घर से बरामद हुआ ऐसा पुलिस का कहना है। लेकिन महिला ने अपने घर में कोई पत्र नहीं लिखा ऐसा महिला के बच्चों का कहना है। महिला की मौत का यह रहस्य अब भी बरकरार और उसकी मौत कैसे हुई इसको लेकर क्षेत्र में कई तरह के चर्चे हैं।

जुन्नारदेव विधायक के कथित अस्पताल में नर्स है सहेली

मृतिका लता मडवार को 19 अक्टूबर की दोपहर 3:00 बजे अपनी बचपन की सहेली मयूरी श्रीवास्तव का फोन आया । यह कहानी हम पिछले एपिसोड में आपको बता चुके हैं। सहेली का फोन आते ही लता खाना अधूरा छोड़कर घर से निकल गई। उसके बाद वह कहां रही उसके साथ क्या हुआ सहेली से उसकी क्या बात हुई इस बारे में पुलिस कोई जानकारी देने को तैयार नहीं है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में जरूर लिया है। लेकिन कहीं ना कहीं पुलिस की अनदेखी इस रहस्यमई घटनाक्रम को कमजोर करती दिखाई दे रही है। मृतका की सहेली मयूरी श्रीवास्तव आखरी बार लता के साथ थी और उसी ने उसे उस अस्पताल में भर्ती कराया जिस अस्पताल में मयूरी खुद नर्स का काम करती है। परासिया का यह प्राइवेट अस्पताल जुन्नारदेव विधायक सुनील उईके का अस्पताल बताया जा रहा है। और मयूरी ने लता को संदिग्ध हालत में इसी अस्पताल में भर्ती कराया आखिर क्यों ? लता wcl कर्मचारी थी। और उसके लिए wcl के वेलफेयर हॉस्पिटल बड़कुही में भी इलाज की उचित व्यवस्था हो सकती थी। लेकिन मयूरी ने लता को wcl अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। और ना ही परासिया के सरकारी अस्पताल में लता को भर्ती कराया गया। बल्कि उसने लता को अस्पताल में भर्ती कराया जहां वह खुद नर्स का काम कर रही है। इस बात पर इस पूरे घटनाक्रम का संदेह गहरा गया है। कि आखिर मयूरी के साथ लता के वह आखरी 5 घंटे क्या हुआ जो लता को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा या फिर लता किसी षड्यंत्र का शिकार हुई।

भर्ती करने और मौत की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी

लता की रहस्यमई मौत के मामले में एक और बहुत बड़ा सवाल इस पूरे घटनाक्रम में खड़ा हुआ है। वह सवाल है की अस्पताल प्रबंधन ने लता के जहर के सेवन से भर्ती होने, फिर इसकी मौत हो जाने की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी। ऐसे मामलों में अस्पताल प्रबंधन को इलाज शुरू करने के साथ ही ऐसी घटनाओं की जानकारी तत्काल पुलिस को देनी होती है। ताकि व्यक्ति के जीवित रहते तक पुलिस उसके मजिस्ट्रियल बयान करा सके। या मौत हो जाने पर पुलिस तत्काल इसकी पड़ताल में जुट सके। लेकिन परासिया की जिस अस्पताल को जुन्नारदेव विधायक सुनील उईके का अस्पताल बताया जा रहा है। उस अस्पताल ने लता के गंभीर हालत में भर्ती होने और फिर उसकी मौत हो जाने पर रात ढाई बजे तक कोई सूचना पुलिस को नहीं दी। मृतिका लता का मुंह बोला भाई रंजीत जब अस्पताल पहुंचा और उसने पूछताछ की उसके बाद रंजीत ने ही पुलिस को इस बात की सूचना दी। आखिर तक अस्पताल प्रबंधन ने इस पूरे मामले में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी । क्या इस दौरान अपने ही अस्पताल की नर्स के समर्थन में साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। या कोई और षड्यंत्र रचा गया यह किसी को नहीं पता।

सुसाइड नोट पर संदेह, पति से एक साल से अलग रह रही थी लता

महिला की मौत के बाद पुलिस ने जांच में एक सुसाइड नोट का जिक्र किया है। बताया जा रहा है कि यह सुसाइड नोट मृतिका के अपने घर से बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मृतिका के घर की तलाशी ली। इस दौरान एक सुसाइड नोट बरामद हुआ इस सुसाइड नोट में महिला ने अपने घर जमाई पति के द्वारा लगातार मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर यह कदम उठाने की बात कही है। पुलिस इसी सुसाइड नोट को महिला की मौत का आधार मानकर जांच कर रही है। यह कहना पुलिस का है कि सुसाइड नोट मिला लेकिन महिला के बच्चों से पूछताछ करने पर पता चला कि उसने ऐसा कोई पत्र घर में लिखा ही नहीं । जब वह घर से निकली तब वह खाना खा रही थी और अचानक फोन आने के बाद खाना अधूरा छोड़कर घर में निकल गई। तो सवाल यह उठता है कि आखिर सुसाइड नोट कब लिखा गया। इस सुसाइड नोट पर एक और बड़ा सवाल खड़ा हुआ है और वह यह है कि पिछले 1 साल से महिला अपने पति ब्रजेश से अलग रह रही थी। एक साल पहले लता के पति ने उसके साथ जमकर मारपीट की थी और उसके बाद से ही लता ने उसे घर से निकाल दिया था। तब से महिला अपने तीनों बच्चों के साथ अकेली रह रही थी।

Mysterious death… पार्ट 2
Avinash Singh
9406725725/7697930555