Home अपराध Mysterious Death : wcl की महिला कर्मी की मौत का रहस्य, हत्या...

Mysterious Death : wcl की महिला कर्मी की मौत का रहस्य, हत्या या आत्महत्या !

दिवाली के एक दिन पहले सहेली के घर गई फिर नहीं लौटी

दिवाली के लिए बनवाए थे पकवान, फिर अचानक क्या हुआ ?

छिंदवाड़ा। दीपावली की चकाचौंध और चारों ओर पटाखों की तेज आवाज के बीच कोयलांचल में हुई एक महिला की रहस्यमई मौत का राज लगभग दफन हो गया। यह मामला न अखबार की सुर्खियां बन सका और ना पुलिस ने अब तक इस पूरे मामले में कोई खुलासा किया। मामला है जुन्नारदेव के गुडी अंबाडा का। यहां रहने वाली एक Wcl की कर्मचारी महिला की दिवाली के एक दिन पहले अचानक रहस्यमई मौत हो गई। महिला को उसकी सहेली ने परासिया के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां वेंकोली कर्मी इस महिला ने आखिरी सांस ली और इसके बच्चे अपनी मां के बंद मोबाइल में फोन लगाते रहे। आखिरकार जब बच्चों को पता चला तब तक मां इस दुनिया से जा चुकी थी। यह कहानी जितनी मार्मिक है उतनी ही रहस्यमय भी। कि आखिर यह महिला अचानक एक फोन कॉल आने के बाद घर से निकली और फिर वापस नहीं लौटी। महिला अपनी एक सहेली के घर गई थी और उस सहेली के घर आकर ऐसा क्या हुआ जिससे महिला की मौत हो गई। इस रहस्य से आज पांच दिन बाद भी पर्दा नहीं उठ सका है।

बचपन की सहेली ने किया कॉल, तुरंत घर से निकली लता

रहस्यमई मौत की यह सच्ची कहानी है अंबाडा चौकी क्षेत्र के ग्राम गुडी के ए टाइप कॉलोनी में रहने वाली 38 साल की लता मंडवार की । लता कन्हान एरिया के मोहन कलारी कार्यालय में कार्यरत थी । और अपने तीन बच्चों के साथ रहती थी। लता मडवार की बड़ी बेटी लगभग 14 साल की है। उससे छोटी भी एक बेटी है और एक चार साल का बेटा है । यह बात है 19 अक्टूबर दीपावली के ठीक 1 दिन पहले की। दोपहर लगभग 3:00 बजे लता के मोबाइल फोन पर एक कॉल आता है। उस समय लता दोपहर का खाना खा रही थी। मोबाइल की घंटी बजते ही लता की बड़ी बेटी जो 14 साल की है उसने कॉल रिसीव किया और यह कहकर अपनी मां को फोन दिया कि बुआ का फोन है। यह बुआ कोई और नहीं बल्कि लता की बचपन की सहेली है। लता ने बेटी से फोन हाथ में लेकर बात की और खाना अधूरा छोड़कर ही घर से निकल गई।

जाते-जाते अपने बच्चों को लता यह बता कर गई की शॉपिंग करने के लिए परासिया जा रही है। लेकिन उसके बाद लता वापस नहीं लौटी। हालांकि शाम लगभग 6:30 बजे लता की बेटी ने उसे कॉल किया । तब उसने कहा था कि मैं 15- 20 मिनट में घर आ रही हूं । लेकिन रात 8:00 बजे तक भी लता घर नहीं पहुंची तो एक बार फिर बच्चों ने लता को कॉल किया तब आखरी बार लता की अपने बच्चों से बात हुई। और लता ने कहा कि वह अब कभी नहीं आएगी यह बात लता ने पूरी गंभीरता से कही थी। लेकिन शायद बच्चों ने इसे मजाक समझ लिया और ज्यादा ध्यान नहीं दिया। उसके बाद सीधे रात 1:30 बजे लता के मुंह बोले भाई रंजीत जो की कॉलोनी में ही रहता है को किसी गोविंद मामा का कॉल आता है। और वह बताता है कि लता की मौत हो गई है और वह विधायक के अस्पताल परासिया में है।

ए टाइप से ऑटो से निकली बस स्टैंड पर उतर गई

बच्चों के अनुसार लता को उसकी सहेली मयूरी श्रीवास्तव का फोन आया था और उसके बाद खाना अधूरा छोड़कर लता ने सबसे पहले अपने ऑटो रिक्शा वाले को फोन किया जो अक्सर उसे ऑफिस तक छोड़ना था। उसके ऑटो में बैठकर लता लगभग 3:15 बजे गुड़ी बस स्टैंड तक पहुंची और वहीं पर उतर गई। उसके बाद लता किसके साथ गई कहां गई या बात किसी को नहीं पता। 1:30 बजे रात को जब रंजीत को गोविंद मामा का कॉल आया तो रंजीत तुरंत ही अपनी पत्नी को लेकर परासिया स्थित विधायक के उस अस्पताल में पहुंच गया जहां पर लता को भर्ती कराया गया था। रंजीत अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि लता की मौत हो चुकी है और लता अस्पताल के वार्ड में बेड पर पड़ी हुई है।

रंजीत ने पूछताछ करने की कोशिश की लेकिन किसी ने भी रंजीत को कोई खास जानकारी नहीं दी। लेकिन रंजीत जब लता के पास पहुंचा तब उसके पलंग पर दो लेडिस पर्स रखे हुए थे। एक पर्स खुद लता का था जिसे रंजीत और उसकी पत्नी पहचानते थे। रंजीत ने वार्ड में देखा कि यहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है। इस बात से आश्वस्त होकर रणजीत ने सीसीटीवी कैमरे के सामने लता का पर्स खोला लेकिन उसमें कुछ भी नहीं था। इसके बाद रंजीत ने दूसरा पर्स किसका है यह जानने का प्रयास किया लेकिन किसी ने भी दूसरे पर्स की जानकारी नहीं दी। आखिरकार जब अस्पताल के स्टाफ से रंजीत ने पूछा की लता को अस्पताल कौन लेकर आया तो अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि मयूरी लता को लेकर अस्पताल आई थी। मयूरी को बुलाया गया तो उसने बताया कि वह दूसरा पर्स उसी का है।

दूसरे पर्स से निकली सलफास और लता का बंद मोबाइल

रात लगभग 2:30 बजे जब रंजीत को पता चला कि दूसरा पर्स मयूरी का है। तो उसने सीसीटीवी कैमरे के सामने दूसरा पर्स भी खोला। यहां पूरा मामला बड़ा चौंकाने वाला और रहस्यमय है। एक तरफ Wcl की कर्मचारी की जान चली गई। जिसका पर्स खाली था और दूसरी तरफ उसको अस्पताल लेकर आने वाली उसकी सहेली के पर्स से सल्फास की गोलियों की दो डिबिया मिली । एक डिब्बी पैक थी और दूसरी डिब्बी से तीन गोलियां गायब थी । इसके साथ ही दूसरे पर्स से मृतिका लता का मोबाइल भी मिला जो बंद था। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम में रात लगभग 10:30 बजे मृतिका लता को अस्पताल लाया गया फिर अचानक उसकी मौत हो गई।

अस्पताल प्रबंधन ने लता को एडमिट करने से लेकर उसकी मौत तक की जानकारी रात ढाई बजे तक भी पुलिस को नहीं दी थी । रंजीत ने यह जानकारी पूरा मामला जानने के बाद पुलिस को दी और परासिया पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर लता का शव अपने कब्जे में लिया। लता की रहस्यमई मौत कई सवाल छोड़ गई कि आखिर लता की मौत कैसे हुई। यह एक आत्महत्या है या हत्या ? क्या किसी ने लता को जबरदस्ती सल्फास खिलाया या फिर कोई ऐसा मामला लता के सामने आ गया जिसने उसे आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया।

खुश थी लता ! घर में बनवाए दिवाली के लिए पकवान

लता इस दिवाली खुशियां मनाना चाहती थी और वह बहुत खुश थी। इसका एक कारण यह भी था कि लता के मामा का लड़का पहली बार उसके घर आया था । और सभी बच्चों के साथ अच्छे से अच्छे तरीके से दीवाली मनाना चाहते थे । यही कारण था कि लता ने खानसामा बुलवाकर घर में ही पकवान बनवाए थे । ताकि त्योहार पर मिठाइयां और पकवान अपने परिजनों और परिचितों के साथ साझा किया जा सके । 19 अक्टूबर की दोपहर 3:00 बजे तक लता बहुत खुश थी और उसके बाद अचानक लता अधूरा खाना छोड़ कर घर से निकल गई। यह बात साफ है कि लता अपनी सहेली से मिलने गई। और वहां क्या हुआ या खुलासा घटना के 5 दिन बाद भी पुलिस नहीं कर पाई है । इस रहस्यमई मौत ने कई सवाल खड़े किए जिन पर हम आने वाले एपिसोड में चर्चा करेंगे फिलहाल मामला जांच में है।

रहस्यमई मौत के अगले एपिसोड में…

  • क्या है लता की मौत का विधायक के अस्पताल से कनेक्शन ?
  • लता को Wcl के अस्पताल वेलफेयर हॉस्पिटल बड़कुही क्यों नहीं ले जाया गया ?
  • सलफास और मोबाइल मयूरी के पर्स से क्यों मिला ?
  • लता ने आत्महत्या की या उसकी हत्या की गई ?

Mysterious Death…Avinash Singh
9406725725/7697930555