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किडनी फेलियर : 14 बच्चों की मौत, डॉक्टर और दवा कंपनी पर एफआईआर

डॉ प्रवीण सोनी गिरफ्तार, अब एसआईटी करेगी जांच

छिंदवाड़ा में भी केमिस्ट और स्टाकिस्ट के यहां से लिए सैंपल

छिंदवाड़ा। कोयलांचल में पिछले 1 महीने से लगातार हो रही बच्चों की मौत के मामले में अब जाकर सरकार जागी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद दवा कंपनी और बच्चों का इलाज करने वाले डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वहीं देर रात डॉक्टर प्रवीण सोनी शिशु रोग विशेषज्ञ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले की जांच अब एक एसआईटी करेगी जो तमिलनाडु जाकर दवा कंपनी प्रबंधन के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में भी कार्रवाई करेगी। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे ने बताया कि अब तक लगभग 12 बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं। जिसके चलते दवा कंपनी पर पूरे प्रदेश में बैन कर दिया गया है। वही दवा कंपनी प्रबंधन और सभी बच्चों का उपचार करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है । उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन सवाल अभी वही है कि आखिर इतने बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है । क्या सिर्फ दवा कंपनी और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई काफी है। या फिर अमानक दवा के मामले में पूरे सिस्टम को ठीक किया जाना जरूरी है।

चिकित्सकों में दहशत, बच्चों का इलाज करने में कतरा रहे

जिले में 12 बच्चों की मौत के बाद जिला प्रशासन और पुलिस के द्वारा एक चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने से चिकित्सकों में खौफ है। बड़ी बात यह है कि डॉक्टर पर करवाई से अब अन्य चिकित्सक बच्चों की इलाज करने से कतरा रहे हैं। रविवार को ही कई चिकित्सकों ने अपने क्लीनिक और अस्पताल से बच्चों का इलाज करने से साफ मना कर दिया । इसका असर परासिया में पिछले एक सप्ताह से देखा जा रहा है जहां डॉक्टर ठाकुर और डॉक्टर प्रवीण सोनी ने पहले ही बच्चों का इलाज करने से साफ मना कर दिया था। और उन्हें छिंदवाड़ा जाने की सलाह दे रहे थे । लेकिन डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार करने के बाद अब इसका असर छिंदवाड़ा शहर के चिकित्सकों पर भी पड़ रहा है । एक चिकित्सक पर एफआईआर के मामले में बच्चों का इलाज खासा प्रभावित हुआ है। और यह स्थिति आने वाले समय में और ज्यादा बिगड़ने की संभावना दिखाई दे रही है।

चिकित्सक नाराज़ प्रभावित हो सकती है स्वास्थ्य सेवाएं

डॉ प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी चिकित्सक खासे नाराज हैं। इंडियन मेडिकल एसोसियेशन ने भी इस मामले में गंभीरता से लिया है। चिकित्सकों का कहना है कि वह दवा लिखने के लिए ऑथराइज्ड है। और मरीज की बीमारी के हिसाब से दवा लिखते हैं। अब उस दवा में क्या मिला हुआ है इस बात की जानकारी चिकित्सकों को नहीं होती। बल्कि इस बात के लिए केवल दवा कंपनी, केमिस्ट और दवा बनाने और बेचने वाले जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर की गिरफ्तारी को लेकर छिंदवाड़ा शहर और छिंदवाड़ा जिले के लगभग सभी चिकित्सकों ने इस मामले में नाराजगी जताई है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में छिंदवाड़ा जिले में चिकित्सा सेवा प्रभावित हो सकती है । इस बात के संकेत IMA परासिया ने पुलिस और प्रशासन को दिए अपने ज्ञापन में साफ कहा है कि डॉक्टर प्रवीण सोनी को छोड़ा नहीं जाता तो सभी चिकित्सक इलाज करना बंद कर देंगे । और अपने क्लीनिक और अस्पताल पर ताला लगा देंगे। हालांकि अब तक जिले में बच्चों का इलाज प्रभावित हुआ है लेकिन आगे यह मामला और गंभीर हो सकता है।

डॉक्टर के भतीजे की दवा दुकान और स्टाकिस्ट भी वही

परासिया और आसपास के क्षेत्र में बीमार हुए बच्चों का उपचार डॉक्टर प्रवीण सोनी ने किया और जहरीली दवा के चलते लगभग 12 बच्चों की मौत छिंदवाड़ा जिले में और दो बच्चों की मौत बैतूल जिले में हुई। बैतूल जिले में हुई मौत के मामले में भी बच्चों का उपचार परासिया में हुआ । इन सभी बच्चों का उपचार डॉक्टर प्रवीण सोनी ने किया था और लगभग सभी बच्चों को कोल्ड्रिफ सिरप दिया गया था । अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस पूरे मामले में डॉक्टर की क्या जिम्मेदारी थी जिसके चलते पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया । बड़ी बात यह है कि जिस दवा की दुकान से डॉक्टर प्रवीण सोनी के लिखे सिरप बेचे गए वह दवा की दुकान भी डॉक्टर प्रवीण सोनी के भतीजे की है। इसके अलावा छिंदवाड़ा में जिस स्टॉकिस्ट के यहां से दवा सप्लाई हुई वह स्टाकिस्ट भी प्रवीण सोनी के परिवार से जुड़ा हुआ है ।

यह गंभीर मामला है कि एक डॉक्टर चिकित्सक होते हुए हेल्थ इंडस्ट्री के पूरे कारोबार में लिप्त हैं। स्टॉकिस्ट से लेकर दवा दुकान तक डॉक्टर का पूरा रैकेट चल रहा है। इसके अलावा परासिया क्षेत्र में लगभग हर बच्चे का उपचार डॉक्टर प्रवीण सोनी के द्वारा किया जाता है । क्योंकि वह शिशु रोग विशेषज्ञ हैं। अब जांच का विषय यह है कि जो सिरप की खेप छिंदवाड़ा पहुंची वह केवल परासिया के उस केमिस्ट के यहां से ही क्यों बेचा गया। जो कि खुद डॉक्टर प्रवीण सोनी के भतीजे का है। इस पूरे मामले में दवा बेचने का एक बड़ा खेल सामने आ सकता है।

मौत का कारोबार… Avinash Singh
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