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अवैध कोल उत्खनन : बंद ओपन कास्ट में पत्थर धसकने से दो मौत एक गंभीर

हिंगलाज मंदिर के पास मुआरी ओपनकास्ट में हादसा

माफिया मजदूरों से कर रहा अवैध कोल उत्खनन

छिंदवाड़ा। कोयलांचल के अंबाडा क्षेत्र में मुआरी की एक बंद ओपन कास्ट खदान में मिट्टी और पत्थर धसकने से दो लोगों की मौत हो गई। वही एक गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। यह हादसा उस समय हुआ जब बुधवार – गुरुवार की दरम्यानी रात बंद ओपन कास्ट से कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। इसी दौरान मिट्टी और पत्थर ऊपर से गिर गए और दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीसरा गंभीर रूप से घायल है । जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। बताया जा रहा है की मुआरी की यह ओपन कास्ट का पांचवा फेस है। जो कई साल पहले बंद कर दिया गया है। लेकिन माफिया अब भी इन बंद ओपन कास्ट से मजदूरों के माध्यम से अवैध उत्खनन कर रहा है और लाखों करोड़ों रुपए का मुनाफा कमा रहा है । जबकि इन मजदूरों को अपनी जान जोखिम में डालने के 100 से 500 रुपए ही मिलते हैं।

मजदूरों को एक बोरी कोयले के हिसाब से मिलते हैं रुपए

WCL अपनी भूमिगत खदानों को बंद कर वहां ओपन कास्ट खदानें खोल रहा है। मुआरी का भी यही हाल है। मुआरी में पूरे क्षेत्र में अब तक कई जगह ओपन कास्ट खोल – खोलकर कोयला निकाला जा चुका है। कई खदानों को बंद किया जा चुका है। लेकिन खजाने बंद करने के बाद wCL ने आज तक इन खदानों में भराव नहीं किया। ना ही यहां पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था की है। जिसके चलते कोल माफिया लगातार मजदूरों के माध्यम से कोयला निकलवा कर बाजार में बेचता है । जिसकी भारी कीमत उन्हें मिलती है । बुधवार – गुरुवार की दरम्यानी रात जो हादसा हुआ उसमें मरने वाले मजदूर है। जो कोयला निकालकर माफिया के हवाले करते हैं । माफिया उन्हें बोरी के हिसाब से कोयले के रुपए अदा करता है।

मौत का जिम्मेदार कौन ? WCL, माफिया, प्रशासन या NGT?

ओपन कास्ट खदानों से कोयला उत्पादन बंद होने के बाद उन्हें पूर्व डालकर बंद करना व की जिम्मेदारी है लेकिन ऐसा जिले भर में कहीं नहीं कियाजा रहा । प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बंद ओपन कास्ट खदानों को पूरा समतल किया जाना चाहिए। इसमें प्रशासन और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की भी जिम्मेदारी है। ओपन कास्ट खदानों को खोदने के बाद जब उन्हें बंद किया जाता है तो उसका पुराव किया जाना चाहिए। लेकिन बंद ओपन कास्ट खदानों को खुला छोड़कर वहां से अवैध कोयले का उत्खनन कराया जा रहा है। अब जिन दो लोगों की मौत हुई है उनकी मौत का जिम्मेदार कौन है …WCL , कोल माफिया, प्रशासन या नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल। सबसे बड़ा सवाल यही है।

घटनास्थल पर लाशों के साथ मिली कोयले से भरी सैकड़ों बोरियां

ओपन कास्ट खदान में हुए हादसे के बाद जब प्रशासन को इसकी सूचना मिली तो पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। यहां कोयला निकालने के दौरान हुए हादसे की जानकारी उन्हें लगी। इतना ही नहीं मौके पर कोयले से भरी कई बोरियां रखी थी इसका मतलब साफ है कि व इस पूरे कांड में wCL के अधिकारी शामिल है और माफिया को संरक्षण दे रहे है। जिसके चलते ओपन कास्ट खदानों से जान जोखिम में डालकर लोग कोयला निकल रहे हैं और माफिया को बेच रहे हैं। यह करोड़ों का खेल है जिसमें सब शामिल है । बताया जा रहा है कि जुन्नारदेव क्षेत्र से हजारों तन अवैध कोयला बाहर भेजा जा रहा है।

Episode – 2= कान्हान क्षेत्र में कौन है कोल माफिया ?
करोड़ों का खेल… Avinash Singh
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