अंतर्राज्यीय जुआ फड़ बना, जबलपुर – नागपुर तक के खिलाड़ी
दीपू, प्रजीत, बिज्जू के साथ नागपुर का माफिया भी शामिल
पांढुरना। छिंदवाड़ा जिले से टूटकर अलग जिला बना पांढुरना, जिला बनने के साथ ही अवैध कारोबार और अपराध का गढ़ भी बन गया। सौसर और पांढुर्णा रेत कारोबार के लिए पहले से बदनाम थे। लेकिन अब यहां शराब माफिया, और अलग-अलग तरह के अपराध में लिप्त लोग कई अवैध कारोबार संचालित करने लगे हैं। सौसर क्षेत्र इन दिनों अंतरराज्यीय जुआ फड़ के लिए चर्चाओं में है। यहां रमाकोना से लेकर नागपुर महाराष्ट्र बॉर्डर तक अलग-अलग जगह पर जुआ फड़ संचालित किया जा रहे हैं। जुआ फड़ चलाने के लिए नागपुर और छिंदवाड़ा के साथ-साथ सौसर क्षेत्र के कुछ रसूखदारों का नाम भी इस अंतर्राज्यीय जुआ फड़ में सामने आ रहा है। जो पूरी एक टीम बनाकर फड़ का संचालन कर रहे हैं। इस अपराध सौसर और लोधीखेड़ा पुलिस की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। सौसर के चार पुलिस कर्मी इस फड़ में भी सन लिप्त है। जिसमें से एक पुलिस अधिकारी का ड्राइवर भी शामिल है।
यह जुआफड़ फिलहाल की सूचना तक लोधी खेड़ा क्षेत्र में सांगाखेड़ा के जंगलों में संचालित हो रहा है। इस पूरे मामले में पांढुर्णा पुलिस की आंखों में पट्टी बंधी नजर आ रही है। इस जुआ फड़ को चालू करवाने में कई पुराने और नए पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। जिनके बारे में आगे समझेंगे। फिलहाल सौसर का यह जुआ फड़ जबलपुर, नागपुर, बैतूल मुलताई जैसे कई निकटतम जिलों और क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए वरदान बन गया है। हर दिन 50 लाख से ज्यादा के दांव इस जुआ फड़ पर लगाते हैं। बाकायदा छिंदवाड़ा, नागपुर के दलालों के साथ-साथ पुलिस का हिस्सा भी तय हो जाता है। इस काम में सौसर के भी कुछ दलाल शामिल है। लेकिन अवैध कारोबारों का गड़ पांढुर्णा जिले में अवैध कारोबार और अपराध दोनों सुरक्षित हैं।
दीपू, प्रजीत और बिजु मसाला के साथ नागपुर का माफिया भी
जुआ फड़ के संचालन की कमान छिंदवाड़ा और नागपुर के शातिर माफिया ने संभाला हुआ है। इस पूरे मामले में मैनेजमेंट अलग-अलग लोगों के हाथ में है। प्रजीत बाहर का काम संभालता है, बीजू मसाला नाल काटता है। और दीपू जैसे लोग इस पूरे मामले में सारा सेटअप बिठाते हैं। यह पूरा एक रैकेट अंतर्राज्यीय जुआ फड़ संचालन के लिए संगठित होकर काम कर रहा है। छिंदवाड़ा जिले की सीमा से लेकर नागपुर जिले की सीमा तक यानी की मध्य प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र की सीमा तक सौसर अनु विभागीय क्षेत्र में यह जुआ पर किसी भी जगह संचालित किया जा सकता है। जिस जगह जुआ फड़ जमने वाला है। उसकी सूचना खिलाड़ियों को बड़े ही सुरक्षित अंदाज में दी जाती है। और फिर लाखों रुपए लाकर बाहर से आए खिलाड़ियों को पूरी सुरक्षा के साथ फड़ पर पहुंचाया जाता है। जहां शुरू होता है 52 पत्तों का खेल । इस फड़ पर हर दिन 25 से लेकर 50 लख रुपए के दांव लग रहे हैं। सौसर पुलिस को पूरी जानकारी है, लेकिन उसके बाद भी फड़ का लगातार संचालित होना इस बात की तरफ इशारा कर रहा है कि पुलिस इस पूरे मामले में सन लिप्त है।
अब तीन महीने बरसेंगे रुपए, रहमत के महीने शुरू हुए
अंतरराज्यीय जुआ फड़ पिछले दो-तीन महीनों से चल रहा है। लेकिन आने वाले 3 महीने इस जुआ फड़ के लिए रुपयों की बरसात करने वाले साबित होंगे। इसका कारण यह है कि रक्षाबंधन के बाद से ही जुआ – सटा जैसे कारोबारों में रहमत की शुरुआत होना माना जाता है। जो की दीपावली के बाद तक चलता है । पूरे साल में सबसे ज्यादा खिलाड़ी इन तीन महीनों में ही जुआ फंडों पर पहुंचते हैं। और करोड़ों रुपए का हेर फेर जुआ फड़ में होता है। लोगों का मानना है कि इन दिनों में उनकी जीत होती है। यही कारण है कि सौसर क्षेत्र का यह जुआफड़ अब अंतरराज्यीय से अंतरराष्ट्रीय भी बन सकता है। क्योंकि यहां लगातार नए खिलाड़ी पहुंच रहे हैं। जो की लाखों रुपए अपने गाड़ी में भरकर लाते और जुआ फड़ में लुटाते हैं। इसका मतलब साफ है कि सौसर क्षेत्र में चल रहा है यह जुआ फड़ हर तरह से सुरक्षित है और खिलाड़ी वही आते हैं जहां पर उन्हें पूरी सुरक्षा मिलने का भरोसा होता है। यही कारण है कि इस फड़ में लाखों रुपए के दाव रोज लग रहे हैं। क्योंकि सिलवानी से लेकर महाराष्ट्र की सीमा तक जुआ फल संचालन करने वालों का पूरा सेटअप है।
Episode – 2= चार पुलिस कर्मी रखते हैं पूरी नजर, किस अधिकारी ने करवाया शुरू( दूसरे episode में)
अवैध कारोबार …Avinash Singh
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