Home अपना शहर अवैध निर्माण : हाई कोर्ट ने काम रोकने कहा तो दोगुने तेजी...

अवैध निर्माण : हाई कोर्ट ने काम रोकने कहा तो दोगुने तेजी से कराया निर्माण !

निर्माण पर नगर निगम के अधिकारी देखते रहे तमाशा

अब अवधि भी खत्म फिर भी चुप्पी साधे बैठा निगम

छिंदवाड़ा। शहर में बन रही अवैध इमारतों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को लेकर नगर निगम उदासीन है। दिव्य भारत समाचार के द्वारा उठाई गई एक खबर परासिया रोड स्थित आदर्श नगर गृह निर्माण समिति की भूमि पर अवैध कंपलेक्स। के मामले में नगर निगम ने नोटिस तो दिया लेकिन अब नगर निगम चुप्पी साधे बैठा है । इसका कारण यह है कि नोटिस मिलने के बाद निर्माणाधीन शोरूम का मालिक हाई कोर्ट चला गया । लेकिन हाईकोर्ट ने संतुलन बनाते हुए केवल 15 दिन का समय दिया कि 15 दिनों में शोरूम का मालिक अपने सारे दस्तावेज और शोरूम वेद रूप से बनाने के लिए नगर निगम के पास जाए। इस दौरान किसी भी तरह का निर्माण कार्य न किया जाए । नगर निगम को यह हिदायत दी गई की दिए गए नोटिस पर आगामी 15 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी ।

15 दिन की अवधि पूरी हो चुकी है और नगर निगम ने हाई कोर्ट के निर्देश का पूरी तरह से पालन किया । लेकिन निर्माणाधीन शोरूम के मालिक ने नगर निगम और हाईकोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए इन 15 दिनों में अपने निर्माण कार्य की गति दोगुनी कर दी और धड़ाधड़ निर्माण कार्य कर लिया । बड़ी बात यह है कि इस पूरे मामले में नगर निगम के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे रहे। आखिर नगर निगम के अधिकारियों ने हाई कोर्ट की अवहेलना पर किसी तरह की कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। क्योंकि यह मामला सीधे-सीधे कंटेंप्ट आफ कोर्ट का है । वह भी हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना का । अब देखना यह है कि परासिया रोड के आदर्श नगर गृह निर्माण समिति की भूमि पर बन रहे इस अवैध शोरूम के मामले में क्या नगर निगम अपने अधिकारों का उपयोग करती है। या फिर हमेशा की तरह नोटिस देकर अधिकारी भूल जाते हैं।

हर मामले में नेता हो रहे बदनाम, किसका खेल ?

अक्सर अतिक्रमण का मामला हो, अवैध निर्माण का मामला हो या अवैध शोरूम या गुमटियों का मामला हो। जब भी कोई कार्रवाई होती है और फिर अचानक कार्रवाई रोक दी जाती है तो किसी न किसी नेता का नाम सामने आता है । कि फला नेता ने इस कार्रवाई को रुकवा दिया । फला नेता का फोन अधिकारी के पास चला गया, फला नेता का फोन कमिश्नर के पास चला गया और कार्रवाई रोक दी गई। लेकिन क्या यह बात सच है ? यह एक बड़ा सवाल है। क्या शहर के नेता शहर में हो रहे अवैध कार्यों पर अंकुश लगाने में किसी तरह की रोक-टोक करते हैं या शहर के नेता और जनप्रतिनिधि केवल बदनाम होते हैं । पूरा मामला अधिकारी अपने हिसाब से निपटा लेता है । यह एक बड़ा सवाल कि आखिर क्यों हर बार नेताओं को बदनाम किया जाता है । जबकि कार्रवाई करने का पूरा अधिकार और पूरा दारोमदार नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के पास है।

अवैध निर्माण…Avinash Singh
9406725725/7697930555