शहर में कीमती जमीनों पर भी माफिया की नजर
कई जमीनों का लीज रिनुअल नहीं होने दे रहे भू माफिया
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिला रेत माफिया और शराब माफिया की तरह ही भू माफिया के लिए भी जाना जाता है। छिंदवाड़ा जिले में भू माफिया पिछले लगभग 10 सालों से सक्रिय है और अब भू माफिया का गठजोड़ भूमिया, गुंडे नेता और अधिकारियों के बीच हो गया है। इन हालात में भू माफिया आपकी जमीनों को आपसे छुड़ाने साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाने में सक्षम हो गया है। अगर आप शहर की कीमती जमीनों के मालिक है तो सावधान हो जाए कहीं आपकी जमीनों में थोड़ा बहुत भी कागजों का हेर फेर हुआ तो आपकी जमीन भी भूमिया अपने कब्जे में ले सकता है। यह स्थिति अब छिंदवाड़ा और पांढुर्णा दोनों जिलों में शुरू हो गई है। माफिया इतना सशक्त हो गया है कि अब उसे किसी का डर नहीं है। आपको ही सावधान रहना पड़ेगा ताकि आपकी जमीन उचित कीमत पर बिके और आपके साथ कोई धोखा न हो। शहर में कीमती जमीनों के मालिक अब सावधान हो जाए कहीं आपकी जमीन पर भी भूमिया की नजर तो नहीं है। कई जमीनों के मालिकों से अब तक भूमिया संपर्क कर चुके हैं और उनकी जमीनों को कौड़ियों के दाम खरीदने की पेशकश भी कर चुके हैं। अब यह भू माफिया गधजोड़ और तेजी से काम करेगा और कई जमीनों पर अवैध कब्जे के साथ ही जमीनों के मालिक को जमीन बेचने के लिए मजबूर करने जैसी घटनाएं आम हो जाएगी।
बेशकीमती जमीनों की लीज रोककर कर सकते हैं बर्बाद
शहर में ज्यादातर जमीनों की लीज अब खत्म हो चुकी है। पहले जमीनों की लीज 99 साल के लिए मिलती थी लेकिन अब केवल 30 साल के लिए लीज रिन्यूअल होता है। शहर में कई ऐसी जमीन है जिनकी लीज या तो खत्म हो चुकी है या खत्म होने वाली है। भूमिया की नजर अब ऐसी जमीनों पर गड़ गई है। क्योंकि जमीन खरीद कर बेचना में उतना मुनाफा नहीं है जितना दूसरों की जमीन हड़प कर बेचने में है। शहर में भू माफिया ऐसी जमीनों पर नज़रें गड़ाए बैठा है। शहर के परासिया रोड और नागपुर रोड की कई बेस कीमती जमीन ऐसी है जिनकी लीज रिन्यूअल नहीं हो रही। इसका कारण प्रशासनिक देरी तो हो सकता है लेकिन इसका एक कारण और भी हो सकता है कि भू माफिया ने आपकी लीज रिन्यूअल ना होने देने के लिए अपना सेटअप जमा लिया है और आगे जाकर यही जमीन भू माफिया हथियाने की फिराक में लग जाएगा । शहर के एक बड़े परिवार की एक बड़ी जमीन की यही हालत है। जहां जमीन के मालिक ने बड़े कांप्लेक्स के निर्माण के लिए पुराना निर्माण तोड़त तो दिया लेकिन अब भू माफिया ने इसकी लीज रिन्यूअल होने से रोक दी। क्योंकि रिलीज रिनुअल करने में थोड़ी देरी हो गई। ऐसी कई घटनाएं अब सामने आएंगे जब भूख माफिया करोड़ अरबों की जमीनों पर दबाव बनाकर जमीन हड़प्पना चाहेगा।
पहले कराते हैं एग्रीमेंट फिर शुरू होता है धमकियों का दौर
प्रॉपर्टी डीलर्स का भूमिया का गठजोड़ शहर में बहुत पुराना हैं। यहां किसी कीमती जमीन का एग्रीमेंट मामूली सी रकम देकर कराया जाता है। उसके बाद शुरू होता है धमकियों का दौर। एग्रीमेंट की तय तारीख पर वह जमीन नहीं बिकी तो उस एग्रीमेंट को बढ़ाने के लिए दबाव बनाया जाता है। जमीन मालिक नहीं मानता है तो उसे नामचीन अपराधियों के साथ बैठाया जाता है। ताकि जमीन का मालिक अपनी जमीन किसी और को ना बेच सके और जब तक जमीन बिकती नहीं तब तक वही पुराना एग्रीमेंट एक्टिव रहता है। जिसकी कीमत मकान मालिक को मिलती है। जबकि प्रॉपर्टी डीलर और भू माफिया लगभग 2 गुना मुनाफा कमा लेते हैं। यह स्थिति शहर के हर प्रॉपर्टी के विवाद में है लेकिन जमीन मालिक की आवाज उठाने से पहले ही उसकी आवाज को दबा दिया जाता है। बड़ी बात यह है की प्रॉपर्टी के हर विवाद में तीन-चार चेहरे ही सामने आते हैं जो पहले तो जमीन मालिक से लुभावने बातें कर उसकी जमीन का एग्रीमेंट कर लेते हैं। यही एग्रीमेंट बाद में जमीन मालिक की बर्बादी का कारण बनता है।
करोड़ों की जमीनों पर बचा लेते हैं लाखों का रजिस्ट्री शुल्क
भूमाफिया केवल जमीन हथियाने और उन जमीनों पर मोटा मुनाफा कमाने का ही काम नहीं कर रहा है। बल्कि भू माफिया और प्रॉपर्टी डीलर मिलकर लाखों करोड़ों रुपए का रजिस्ट्री शुल्क भी बचा लेते हैं। शहर की कई जमीनों में ऐसा हुआ है जब वास्तविक रजिस्ट्री से कम कीमत देकर रजिस्ट्री करा ली गई है। इसके लिए भी एक पूरा माफिया काम करता है। रजिस्ट्री कार्यालय की मिलीभगत भी इसमें शामिल है। शहर के नागपुर रोड की एक जमीन पर लगभग दो करोड रुपए का रजिस्ट्रेशन शुल्क बचाया गया। यही स्थिति बोदरी पुल के आगे की एक जमीन की भी है। जहां लाखों की रजिस्ट्री में कौड़ियों के दाम देकर रजिस्ट्री करा ली गई। बड़ी बात यह है कि इस पूरे मामले में रजिस्ट्री कार्यालय की भूमिका संदिग्ध है। और एक पूरा रैकेट इसके लिए काम कर रहा है। जहां जमीन मालिको की मुश्किलें बड़ी हुई है वही शासन को भी करोड़ों रुपए का चूना हर साल लगाया जा रहा है।
अपराध विवेचना….अविनाश सिंह 9406725725









