Home राज्य पांढुर्णा डायरी : क्या एसपी के ट्रांसफर से थम जाएंगे पुलिस के...

पांढुर्णा डायरी : क्या एसपी के ट्रांसफर से थम जाएंगे पुलिस के विवाद !

महिला पुलिस अधिकारी हो रही थी लगातार प्रताड़ना का शिकार

ट्रांसफर की रात 4 बजे तक पूर्व एसपी घनघनाते रहे फोन

छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक दो दिन बाद पांढुर्ना के एसपी का तबादला कई सवाल खड़े कर गया है। पुराने एसपी प्रकाश चंद परिहार की कार्यप्रणाली और पांढुर्णा जिला पुलिस में चल रही अंदरुनी कलह है इस तबादले के बाद खुलकर सामने आ गई। पांढुर्ना में अकेले एसपी ही इस पूरे मामले के जिम्मेदार नहीं है। बल्कि चर्चा यहां तक है कि माइक 2 भी अपने विवादित बयानों को लेकर इन दोनों ट्रोल हो रहे है। यह बात आईजी तक भी पहुंच गई है। आखिर तबादले का सच क्या है ? यह कोई एक मामला नहीं बल्कि कई मामले पांढुर्णा पुलिस के सामने आ रहे हैं। जिसमें महिला अधिकारियों को तरह-तरह से प्रताड़ित करने के अलावा पुलिस अधिकारी कर्मचारियों की पोस्टिंग रद्द करने का मामला हो। या फिर जांच उठाने का मामला हो । पांढुर्णा पुलिस पिछले कई महीनो से अंतर कलह से गुजर रही है। लेकिन क्या एसपी के तबादले से पांढुर्णा पुलिस की अंतर कलह थम जाएगी और क्या नवागत एसपी विदिता धनकड़ पांढुर्णा जिला पुलिस में सामंजस्य बना पाएंगे अभी यह सवाल गहराने लगा है।

महिला अधिकारियों ने खोला था एसपी के खिलाफ मोर्चा

पांढुर्ना के पूर्व एसपी प्रकाश चंद्र परिहार के खिलाफ पांढुर्णा जिले में पदस्थ महिला पुलिस अधिकारियों ने पहले ही मोर्चा खोल दिया था। जिन में तीन टी आई स्तर की अधिकारी एक डीएसपी स्तर के अधिकारी और दो महिला सब इंस्पेक्टर शामिल है । जिन्होंने अपनी शिकायत आईजी और फिर डीजी तक की। यहां तक की आईजी ने इन महिला पुलिस अधिकारियों से उनकी शिकायत के संबंध में चर्चा भी की थी। जिसमें एसपी के द्वारा घंटो खड़े रख कर बातें करना। महिला पुलिस अधिकारियों के सामने ही अभद्र भाषा का प्रयोग करना। जैसी शिकायत शामिल है। इन्हीं शिकायतों के चलते पांढुर्णा एसपी पहले से ही विवादों में चल रहे थे। इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के दौरान किसानों का उनके काफिले को रोकना भी एक कारण बन गया। जिसके चलते पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार को तत्काल हटा दिया गया।

जिले में कौन है असली विवादों की जड़, नई एसपी की चुनौती !

पांढुर्णा जिला पुलिस में पूर्व एसपी अकेले इस पूरे विवाद की जड़ नहीं है। बल्कि अभी भी पांढुर्णा जिले में जिला पुलिस बल के अंदर चल रहा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। जिस तरह से एसपी प्रकाश चंद्र परिहार के ट्रांसफर के बाद रात 4:00 तक उन्होंने अलग-अलग लोगों को फोन कर ट्रांसफर का ठीकरा फोड़ा और इसी दौरान उन्होंने अपने ट्रांसफर का ठीकरा पांढुर्णा जिला पुलिस के एक और आला अधिकारी पर फोड़ा है। इसका मतलब साफ है कि पांढुर्णा पुलिस का विवाद अभी खत्म होने की स्थिति में दिखाई नहीं दे रहा है। यह तभी हो सकता है जब नई एसपी पूरी तरह से जिला पुलिस की कमान अपने हाथ में रखें। और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए कम करें। क्योंकि पूर्व एसपी का कई पुलिस अधिकारियों की जांच खोलना और ड्यूटी में सख्ती के कारण भी विवादों में थे। लेकिन यह तो पुलिस की ड्यूटी का एक हिस्सा है। जिससे साफ दिखाई देता है कि कोई एक पक्ष इस मामले में पूरा जिम्मेदार नहीं है।

एक और अधिकारी का विवादित बयान आईजी तक पहुंचा

पांढुर्णा पुलिस एसपी के तबादले के बाद भी चर्चाओं में है। इसके पीछे का कारण यह है कि पांढुर्णा जिला पुलिस में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों को तरह-तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था। जिसके पीछे अकेले एसपी जिम्मेदार नहीं थे। बल्कि एक और अधिकारी का बयान इन दिनों चर्चाओं में है जो पांढुर्णा आना नहीं चाहते थे। लेकिन पांढुर्णा आने के बाद उन्होंने साफ कहा कि 90 दिन में वापस हो जाएंगे या तो इतना प्रताड़ित कर देंगे की खुद ही उनका तबादला हो जाएगा। यह बयान पुलिस के कई अधिकारी कर्मचारियों के मोबाइल में कैद है। अब यह बात आईजी जबलपुर तक भी पहुंच गई है। अब देखना यह है कि मध्य प्रदेश पुलिस के आला अफसर पांढुर्णा जैसे छोटे से जिले में चल रहे पुलिस के विवादों को कैसे सुलझाएंगे।

पांढुर्णा डायरी पुलिस… Avinaash Siingh
9406725725
7697930555