पान मसाला के पाउच में हो रही MD की सप्लाई, खुलेआम बना रहे आदी
नागपुर टैक्सी से लिफ़ाफ़ों में आ रही MD ड्रग्स, इंदौर, सिवनी से सप्लाई
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा शहर अब महानगरों की तर्ज पर बदलने लगा है। इस बदलाव के लिए शहर में रहने वाले शांत और पारिवारिक लोगों को भी तैयार रहना चाहिए। क्योंकि उनके बच्चे अब उतने स्वच्छ वातावरण में छिंदवाड़ा में नहीं रह रहे हैं। जितना स्वच्छ वातावरण 5- 10 साल पहले छिंदवाड़ा का हुआ करता था। आज छिंदवाड़ा में न सिर्फ शराब की बिक्री बढ़ी है बल्कि गांजा,एमडी ड्रग्स और ऐसे कई सूखे नशे का जाल छिंदवाड़ा शहर में फैल गया है। जिसकी चपेट में शहर का एक बहुत बड़ा समूह युवाओं का आ गया है। इन बच्चों को सूखे नशे की आदत पड़ गई है। सूखे नशे का कारोबार करने वालों को करोड़ों रुपए कमाने का जरिया मिल गया है।
इस नशे के कारोबार में शहर के अलग-अलग क्षेत्र के माफिया लिप्त हैं जो लगातार नागपुर इंदौर और सिवनी जैसे शहरों से ड्रग्स और गांजा बुलाकर शहर के युवाओं को परोस रहे हैं। भरोसा करना मुश्किल है लेकिन शहर के पुराने मोहल्ले में जिनमें खास तौर सर से पूरा मुस्लिम इलाका, छोटी बाजार, छापाखाना, लालबाग, गुलाबरा , नरसिंहपुर नाका क्षेत्र इस सूखे नशे की चपेट में है। यहां का युवा पान मसाले के पाउच में भरकर खुलेआम इस नशे का उपयोग कर रहा है। एमडी ड्रग्स और गांजा के साथ-साथ नशे की कुछ दवाइयां और सॉल्यूशन जैसे नशे भी शहर और पूरे जिले में प्रचलित है। जिनसे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है।
नागपुर – छिंदवाड़ा चलने वाली टैक्सियों से हो रही ड्रग्स सप्लाई
छिंदवाड़ा शहर में एचडी ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क है। यह काम शहर का कोई एक गैंग नहीं कर रहा, बल्कि शहर के कई क्षेत्रों में अलग-अलग माफिया मौजूद है। जो ड्रग्स का कारोबार जोरों पर कर रहे हैं। लगभग हर क्षेत्र में कोई ना कोई ऐसा माफिया है जो ड्रग्स का कारोबार कर रहा है। ड्रग्स सप्लाई का मुख्य स्रोत नागपुर है। नागपुर से सीधे छिंदवाड़ा एमडी ड्रग्स पहुंच रही है। ड्रग्स सप्लाई के लिए नागपुर से छिंदवाड़ा बड़ा आसान जरिया भी मौजूद है। नागपुर में ड्रग्स को लिफाफा में भरा जाता है और फिर नागपुर – छिंदवाड़ा चलने वाली टैक्सियों में ड्राइवर को देकर यह ड्रग्स छिंदवाड़ा पहुंचा दी जाती है। यहां पर संबंधित माफिया के लोग टैक्सी से लिफाफा ले लेते हैं। यानी बड़ी ही आसानी से नागपुर से छिंदवाड़ा ड्रग्स का कारोबार संचालित हो रहा है। इसके अलावा इंदौर और सिवनी से भी एचडी ड्रग्स छिंदवाड़ा पहुंच रही है। यहां से भी अलग-अलग माध्यमों से ड्रग्स का नेटवर्क बना हुआ है।
पान मसाला के पाउच में भर लेते हैं ड्रग्स, खुलेआम हो रहा उपयोग
एमडी ड्रग्स का प्रयोग बड़ी ही आसानी से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा है। ड्रग्स को पहले पान मसाला के पाउच में भर लिया जाता है। आजकल पान मसाला के दो रुपए से लेकर 10 और 20 रुपए तक के पाउच पान ठेलो पर मौजूद है। इन पाउच से पान मसाला निकालकर इसमें ड्रग्स भर ली जाती है। फिर इस ड्रग्स का उपयोग खुलेआम किया जाता है। क्योंकि देखने वाले को यह ड्रग्स दिखाई नहीं देती, पान मसाले का पाउच दिखाई देता है। आमतौर पर एमडी ड्रग्स को नाक से सूंघा जाता है। लेकिन आजकल शहर का युवा एमडी ड्रग्स सीधे मुंह में डालकर उसे लार के साथ जमा करके रखता है। जिस तरह से पाउच खाने के बाद लोग थूकते नहीं है और निगलते भी नहीं है। इस तरह ड्रग्स भी मुंह में डालकर रख ली जाती है। नाक से सूंघने के अलावा यह तरीका भी पान मसाला के पाउच के माध्यम से ड्रग्स लेने का आसान तरीका बन गया है।
छिंदवाड़ा से पढ़ने के लिए बाहर गए बच्चों को भी हो रही सप्लाई
ड्रग्स के कारोबार के जाल सिर्फ छिंदवाड़ा शहर में नहीं फैला है। बल्कि छिंदवाड़ा शहर से पढ़ाई करने के लिए इंदौर, भोपाल नागपुर या अन्य शहरों में गए बच्चों को भी शहर का माफिया ड्रग्स की सप्लाई कर रहा है। इन बच्चों को लगातार ड्रग्स मिल रहा है। एमडी ड्रग्स के अलावा गांजा भी इन बच्चों की पसंद बना हुआ है। क्योंकि इन बच्चों को ड्रग्स की आदत डाल दी गई है। यह आदत छिंदवाड़ा से लगी है लेकिन अब छिंदवाड़ा के माफिया इन बच्चों को जहां पर वह रह रहे हैं वहां तक ड्रग्स और गांजा की सप्लाई कर कर रहे हैं। बच्चे जब भी छिंदवाड़ा अपने घर आता है तो वह अपने साथ ड्रग्स और गांजा की पर्याप्त मात्रा लेकर जाता है। ताकि उसे नशा करने में कोई दिक्कत ना आए। यह भी अब शहर की एक बड़ी समस्या बन गई।
Episode 01 – नशे के इस कारोबार को दिव्य भारत समाचार एक मुहीम की तरह चलाएगा और हर क्षेत्र के ड्रग्स माफिया को उजागर करेगा।
नशे का कारोबार… Part 01
Avinaash Siingh
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