सुपारी कांड में कोतवाली पुलिस के हांथ रंगे
50 हजार रिश्वत लेते सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा पुलिस के हौसले इतने बुलंद है कि बुधवार को ही प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने अधिकारियों की बैठक लेकर छिंदवाड़ा में कानून व्यवस्था और सरेआम हो रही हत्या के मामले में पुलिस कप्तान को जमकर फटकार लगाई और कानून व्यवस्था बनाने बेहतर काम करने की हिदायत दी। और दूसरे ही दिन गुरुवार को कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर को लोकायुक्त की टीम ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते धर दबोचा। बड़ी बात यह है कि जिस मामले में कोतवाली पुलिस ने रिश्वत मांगी वह मामला पिछले एक सप्ताह में शहर का सबसे चर्चित मामला रहा है। जिसमें एक भाजपा नेता को की हत्या की सुपारी देने की शिकायत हुई है और पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया है। इसी मामले में सबसे पहले पकड़े गए आरोपी की जमानत के लिए कोतवाली थाने के एक सब इंस्पेक्टर ने 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। और 25000 आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके घर जाकर वसूल कर लिए। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार की दोपहर लगभग 12:00 बजे चंदन गांव में राजा की बगिया के पास एक दुकान से कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव को ट्रैक किया जितेंद्र यादव के पास से 50 हजार नगद बरामद किए गए जो उसने दिनेश सोनी से रिश्वत में लिए थे। लोकायुक्त की टीम ने पहले ही नोटों पर केमिकल लगा दिया था। जिसका रंग सब इंस्पेक्टर के हाथों मैं लग गया।
चंदनगाँव की एक दुकान में पकड़ा गया सब इंस्पेक्टर..देखें
सुपारी कांड में जमानतीय अपराध, 151 में जेल भेजा
शहर के चर्चित भाजपा नेता रवि मालवी ने कोतवाली थाने में एक शिकायत दर्ज कराई । जिसमें उसने यह बताया कि उसे मारने के लिए तीन लोगों ने चांदामेटा के एक अपराधी को सुपारी दी है। रवि मालवी ने सुपारी लेने वाले पुराने आदतन अपराधी को भी पुलिस के सामने पेश कर दिया। कोतवाली पुलिस ने इस शिकायत के बाद जीतू नारंग, दिनेश सोनी सहित तीन लोगों पर भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। कोतवाली पुलिस ने जिन धाराओं के तहत प्रकरण बनाया है वह धाराएं जमानतीय अपराध के तहत आती है। इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद कोतवाली थाने से ही जमानत दे दी जानी थी। लेकिन पुलिस ने जमानतीय अपराध दर्ज करने के बाद पहले आरोपी दिनेश सोनी को हिरासत में लिया। उससे रिश्वत की मांग की और ₹25000 एडवांस लेने के बाद रविवार के दिन धारा 151 के तहत आरोपी को एसडीएम कोर्ट में पेश किया और वहां से जमानत भी करा दी। जबकि इसी मामले में बाद में पकड़े गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। बड़ी बात तो यह है कि जिस अपराधी को हत्या की सुपारी देने की बात की गई है उसके खिलाफ पुलिस ने कोई भी कार्रवाई नहीं की।
किसके इशारे पर ली गई रिश्वत, उठे गंभीर सवाल
भाजपा नेता की हत्या की सुपारी देने वाले मामले में भाजपा नेताओं के प्रेशर के बाद कोतवाली पुलिस ने बिना जांच के ही प्रकरण दर्ज कर लिया। लेकिन उसके बाद आरोपियों से किसके इशारे पर रिश्वत की मांग की गई इस बात को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। पहले तो यह मामला एक भाजपा नेता से जुड़ा था जिसके कारण तत्काल प्रकरण दर्ज किया गया और उसके बाद जमानती अपराध में भी आरोपियों को जेल भेजने के लिए धारा 151 का उपयोग किया गया। जिसका उपयोग अदतन अपराधियों और गुंडो के लिए किया जाता है । लेकिन जिन लोगों पर सुपारी देने का आरोप है वह आदतन अपराधी नहीं है। और ना ही पूर्व में किसी अपराध में लिप्त रहे हैं। उसके बाद भी पुलिस ने धारा 151 के तहत कार्रवाई कर जेल भेजने का प्रयास किया और बाद में रिश्वत की मांग की ।
पहले से चर्चित है सब इंस्पेक्टर, दर्ज है अपराध
जबलपुर लोकायुक्त के द्वारा पकड़ा गया सब इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव पहले से चर्चित है। जितेंद्र यादव के खिलाफ पांढुर्णा थाने में गो तस्करों से एक स्कॉर्पियो वाहन लेने के आरोप में अपराध दर्ज किया गया है। यह मामला उस समय का है जब जितेंद्र यादव बढ़ चिचोली चौकी प्रभारी था। वहां गौ तस्करों से पकड़ा गया एक स्कॉर्पियो वाहन सब इंस्पेक्टर ने सांठ गांठ कर ले लिया और उसका उपयोग कर रहा था। इस बात की शिकायत के बाद तात्कालिक एसपी विवेक अग्रवाल के निर्देश पर छिंदवाड़ा सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने मामले की जांच की थी और बाद में पांढुर्णा थाने में जितेंद्र यादव के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया था। यह प्रकरण अभी भी लंबित है।
बेखौफ पुलिस…अविनाश सिंह
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