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28 एकड़ जमीन रोड पर लाने काट दिया छोटे का जंगल और पहाड़ !

कुकड़ा चिमन ग्राम पंचायत में हुआ बड़ी जमीन का बड़ा खेल

सो रहे पटवारी तहसीलदार, खनिज अधिकारी और प्रशासन

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा में जमीनों का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। कृषि भूमि, ग्रीनलैंड को भी अब कीमती बनाने के चक्कर में सरकारी जमीनों और जंगल पहाड़ को खोद दिया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि पूरे जिले में भूमि का अवैध उत्खनन इतने जोरो पर है की साल भर बाद किसी रोड पर निकले तो पूरा एक भरा पूरा पहाड़ गायब हो जाता है। ऐसा ही कुछ शहर से महज 5 किलोमीटर दूर इमली खेड़ा से रिंग रोड बाईपास पर देखने को मिला। यहां कुकड़ा चिमन ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाली एक जमीन को सड़क पर लाने के लिए खरीदार ने छोटे जंगल का पहाड़ खोद डाला। और एक 50 60 फीट चौड़ी बाईपास से खेत तक पहुंचा दी। इसपूरे मामले की जानकारी ग्राम पंचायत और पटवारी को है। लेकिन हाल वही है कि जब धनलाल जी जेब में आ जाए तो फिर सरकारी धरोहर हो या सरकारी संपत्ति सरकारी नुमाइंदों को इन बातों से कोई लेना देना नहीं रहता।

किस तरह किया सरकारी संपत्ति का दोहन देखिये वीडियो 👇

मामला है इमली खेड़ा चौक से रिंग रोड की तरफ जाने वाली बाईपास का इमली खेड़ा चौक से कुछ दूरी पर ही एक 50 से 60 फीट चौड़ी सड़क बाईपास से ऊपर खेत तक पहुंचाई गई दरअसल यहां एक 28 एकड़ जमीन है जिसका 2 महीने में दो बार सौदा हुआ और दूसरी बार जिसने इस जमीन को खरीदा उसने जमीन को सड़क पर लाने के लिए पहले सड़क से लगी कुछ 20 फीट निजी जमीन खरीदी और उसके बाद छोटे झाड़ के जंगल युक्त पहाड़ को खोज कर पूरी 50 60 फीट चौड़ी सड़क खेत तक पहुंचा दी। यहां हुए अवैध उत्खनन और सरकारी धरोहर के नुकसान पर किसी का कोई ध्यान नहीं है या मामला है मोहखेड़ तहसील का जिसकी सीमा छिंदवाड़ा शहर तक आती है।

ग्राम पंचायत सचिव और पटवारी ने क्यों साधी है चुप्पी

जमीन की खरीद फरोख्त मामले तक तो सब ठीक है। लेकिन जब बात सरकारी जमीन और छोटे झाड़ जंगल के पहाड़ को खोदने की आती है, तो यहां पर ग्राम पंचायत में काम कर रहा सचिव, और क्षेत्र के पटवारी की जिम्मेदारी बनती है, कि इस बात पर अपने अधिकारी को सूचित करें। और तहसीलदार के माध्यम से इस पूरे मामले में कार्रवाई करें। इसके साथ ही खनिज विभाग के अधिकारी जो मुरम ले जा रहे डंपरों के पीछे दौड़ लगा रहे हैं। उनका काम है कि जहां पर अवैध उत्खनन हो रहा है वहां जाकर कार्रवाई करें। लेकिन यहां तो ग्राम पंचायत के सचिव, सरपंच और पटवारी ने चुप्पी साध रखी है। ना ही खनिज विभाग को अब तक खोदे गए पहाड़ की जानकारी मिली है। जबकि पूरा पहाड़ खोदकर सड़क बनाई गई है जो की बाईपास रोड से साफ-साफ नजर आ रही है।

एन जी टी, राजस्व, वन विभाग, खनिज विभाग सब जिम्मेदार

वन विभाग की नजर से देखे तो छोटे झाड़ का जंगल अति महत्वपूर्ण क्षेत्र होता है। इस क्षेत्र में ना ही अतिक्रमण किया जा सकता है और ना ही उत्खनन। यहां तक की छोटे झाड़ के जंगल को किसी अन्य प्रयोजन के लिए भी उपयोग नहीं किया जाता। इसे अत्यधिक उपयोगी माना जाता है। लेकिन यहां तो पहाड़ के साथ-साथ इस छोटे झाड़ के जंगल में लगे सैकड़ो पेड़ और झाड़ियां साफ कर दी गई। यह मामला प्रदूषण विभाग, राजस्व विभाग, खनिज और वन विभाग का भी है। क्योंकि इस क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का की अनदेखी की गई है। राजस्व क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया गया है । प्राकृतिक खनिज का दोहन हुआ है। और वन विभाग का जंगल गायब कर दिया गया है। मतलब सभी विभाग जिम्मेदार हैं।

जमीन का खेल… Avinaash Siingh
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