Home अपना शहर नेताजी की शराब दुकान खोलने, सरकारी जमीन पर कब्जा !

नेताजी की शराब दुकान खोलने, सरकारी जमीन पर कब्जा !

पूरा तंत्र नेताजी की मुट्ठी में, आबकारी खुद भरवा रही गड्डे

गरीबों की 20 गुमठियां हटाकर, नेताजी के लिए अतिक्रमण

छिंदवाड़ा। शहर में प्रशासन नगर निगम और पूरे प्रशासनिक तंत्र की करगुजारियों की बातें जितनी की जाए उतनी ही कम पड़ रही है। नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता गरीबों के ठेलो पर कब्जे जमा रहा है । सड़के खाली कर रहा है और उनकी रोजी-रोटी छीन रहा है। तो दूसरी तरफ यही मला नेताओं की जी हुजूरी में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करवा रहा है। यह कोई मजाक नहीं है या कोई ऐसा आरोप नहीं है जो दिखाई ना दे रहा हो या जिसका कोई अस्तित्व ना हो। हम बात कर रहे हैं परासिया रोड पर मौजूद परतला शराब दुकान की। जिसे आबकारी महकमे ने आगे ले जाने का आदेश पारित किया है। और इसके लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र एक सरकारी जमीन पर कब्जा करवा रहा है। ताकि वहां पर शराब दुकान खोली जा सके। सबसे बड़ी बात यह है कि इस शराब दुकान से जिस नेताजी का नाम जुड़ रहा है। पूरा तंत्र उनकी मुट्ठी में नजर आ रहा है। आबकारी के अधिकारी खुद नगर निगम की उस जमीन पर कब्जा करने के लिए खड़े नजर आ रहे हैं। जबकि यह काम उनका नहीं है।

मामला है संजू ढाबे के आगे स्थित परतला शराब दुकान का। आदर्श नगर शराब दुकान और परतला शराब दुकान दोनों पर परतला 1 और परतला 2 शराब दुकान है। और इन दोनों दुकानों की दूरी बहुत कम है। इसीलिए संजू ढाबे के आगे स्थित इस शराब दुकान को और आगे ले जाने का आदेश आबकारी विभाग ने दिया है। यह शराब दुकान वैसे तो एक मामूली से आदमी के नाम पर ली गई है। लेकिन इसके पीछे जो नेताजी है वह आजकल शहर में सत्ता पक्ष के खासम खास पदाधिकारी है। उनकी इतनी चलती है कि अपनी शराब दुकान के लिए उन्होंने एक सरकारी जमीन पर ही कब्जा करने की योजना बना ली। जिसमें पूरा प्रशासनिक तंत्र नेताजी का सहयोग कर रहा है।

वीडियो में देखें कैसे नेताजी के लिए तैयार हो रही सरकारी जमीन 👇

ऐतिहासिक परतला मोक्षधाम की जमीन पर हो रहा कब्जा

दरअसल शहर में परासिया रोड पर अकॉर्ड होटल के आगे एक मोक्ष धाम स्थित है। जिसे परतला मोक्षधाम के नाम से जाना जाता है। और इस मोक्ष धाम के नाम है नगर निगम की लगभग 7 एकड़ जमीन। यह वही मोक्ष धाम है जिसमें 5 साल पहले सैकड़ो लाचे प्रशासन के द्वारा जलाई गई । कोरोना काल में इस मोक्ष धाम में सैकड़ो लाशों को जलाया गया। और लोगों के अंतिम संस्कार किए गए । इस नजरिए से यह मोक्ष धाम में इस सदी का सबसे महत्वपूर्ण मोक्षधाम बन गया है। जिसे ऐतिहासिक मोक्ष धाम भी कहा जा सकता है। क्योंकि एक साथ एक महीने में सैकड़ो लाशें मोक्षधाम में जलाई गई है। लेकिन अब इसी मोक्षधाम की जमीन पर नेताजी का की शराब दुकान के लिए कब्ज हो रहा है। जिसके लिए बाकायदा सड़क पर व्यापार करने वाले अतिक्रमण करियों को तो हटाया गया और उनकी रोजी-रोटी छीन ली गई। लेकिन नेताजी के लिए प्रशासन खुद इस जमीन पर अतिक्रमण करवा रहा है। मोक्षधाम की जमीन का गड्ढा भरवा दिया गया है और यहां समतलीकरण किया जा रहा है। ताकि टीन शेड बनाकर एक बड़ी दुकान बनाई जा सके। इस दुकान में नेताजी की वही शराब दुकान को शिफ्ट किया जाएगा जो संजू ढाबे के आगे से हटाई जा रही है।

गरीबों पे सितम…नेताओं पे रहम, प्रशासन का असली चेहरा

पिछले लगभग 2 महीने से शहर में अतिक्रमण विरोधी दस्ता सक्रिय है। और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कर रहा है। एक तरफ गरीबों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। उनकी गुमठियां जप्त की जा रही है। और उनका कारोबार बंद कराया जा रहा है। और दूसरी तरफ नेताओं के लिए सरकारी जमीन पर कब्जा कराया जा रहा है। नगरीय प्रशासन और जिला प्रशासन का यह दोहरा चेहरा दिखाई दे रहा है। जिसमें गरीबों पर बुलडोजर चल रहे हैं, और वही बुलडोजर नेताओं के लिए सरकारी जमीन खाली करा है। अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन जनता के लिए काम करता है या नेताओं के लिए । यह बात इस कांड के बाद साफ नजर आ रही है, कि गरीबों के लिए तो कानून बराबर काम करता है। लेकिन नेताओं और रईसों के लिए कानून के नुमाइंदे खुद कानून तोड़कर आशियाने बना कर देते हैं।

सत्ता की धौंस…Avinash Singh
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