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चोरों से लूट : जंगल से चोरी हो रही सागौन लूटने साले – जीजा की जुगलबंदी !

गाड़ी निकलते ही करते हैं पीछा, लूट लेते हैं चोरो की सागौन

हर महीने 8 से 10 वारदात, पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध

छिंदवाड़ा । चोर पर मोर वाली कहावत तो सभी ने सुनी होगी की कैसे चोरी का सामान लुटेरे लूट लेते हैं। वैसे ही घटनाएं अब जिले के बिछुआ, मोहखेड़, उमरानाला, सांवरी, लावागोगरी क्षेत्र में हो रही है। इन क्षेत्रों में जंगल बेतहाशा कट रहे हैं सागौन की तस्करी लगातार हो रही है। चोर सागौन काटते हैं या कटवाते हैं और फिर उसे पिकअप वाहनों में भरकर तस्करी करते हैं। लेकिन इन चोरों पर अब मोहखेड़ क्षेत्र के कुछ लुटेरे हावी हो गए हैं। यह लुटेरे गाड़ी निकलते ही उनका पीछा करते हैं और गाड़ी रोक कर ड्राइवर से मारपीट करने के बाद पुरी की पूरी गाड़ी लूट लेते हैं। यह बड़ी सनसनीखेज वारदात है जो अब तक खबरों से छिपी हुई है। इसके पीछे का कारण यह है कि आज तक किसी चोर ने इस मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई। और ना ही पुलिस ने इस लूट और चोरी के मामलों में ध्यान दिया है । हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में मोहखेड़ पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है कि आखिर कैसे हर महीने 8 से 10 लूट की वारदात हो रही है। इससे भी बड़ी बात यह है कि बिछुआ के जंगल, सिलवानी के जंगल, लावाघोगरी के जंगल और सांवरी के जंगल में हर दिन चोरों की आरी और कुल्हाड़ी कीमती सागौन पर चल रही है। और वन विभाग के आल्हा अधिकारी गांधी जी के तीन बंदरों की तरह आंख, कान और मुंह बंद करके बैठे हैं।

आज बात कर रहे हैं हम चोरों पर मोर की वारदातों की दरअसल जंगल से चोरी होने वाली सागवान की कटाई के बाद उनके लट्ठे बनाकर पिकअप वाहनों से तस्करी की जाती है। चोर सागौन काटते और कटवाने वाले सागौन के लट्ठे बनाते हैं । फिर पिकअप वाहनों में भरकर बड़ी सफाई से इसकी तस्करी खरीदारों तक कर दी जाती है। लेकिन पिछले कुछ महीनो से यह सागौन खरीददारों तक पहुंच ही नहीं पा रही है। इसके पीछे का कारण यह है कि मोहखेड़ क्षेत्र के साले -जीजा की जुगलबंदी बीच में ही पिकअप वाहनों में भारी सागवान लूट लेते हैं। फिर अपने तरीके से उसे बेचते हैं। ऐसी वारदात पिछले कई महीनो से चल रही और अचानक साले जीजा के रहन-सहन का तरीका बदल गया है। इस पूरे कांड में मोहखेड़ क्षेत्र और छिंदवाड़ा क्षेत्र के साले जीजा और उनके साथी शामिल है। जो चोरों से उनकी सागवान लूट लेते हैं और फिर उसे दूसरे को बेच देते हैं।

पहले पिकअप वाहन सहित लूटते थे सागवान

साले- जीजा की इस जोड़ी ने चोरों से उनकी सागवान लूटने का कारोबार बड़ी सोची समझी साजिश के तहत शुरू किया है। पहले तो साले- जीजा सागौन से भरी पिकअप वाहन का पीछा कर पूरी पिकअप सहित सागवान लूट लेते थे। लेकिन शुरुआत में चार-पांच वारदात करने के बाद ही किसी ने पिकअप वाहन चोरी की शिकायत कर दी। क्योंकि साले जीजा की यह जोड़ी पिकअप वाहन भी महाराष्ट्र में बेच देते थे। लेकिन चोरी की शिकायत के बाद साले – जीजा सतर्क हो गए और अब वे सागौन से भरी पिकअप को रोकते हैं। और उस पिकअप से अपनी गाड़ियों में पूरी सागवान खाली कर लेते हैं। और पिकअप वाहन को वहीं छोड़ देते हैं। ताकि फिर से चोरी की शिकायत ना हो। बड़ी सफाई से साले – जीजा यह कारोबार कर रहे हैं। और इस बात की जानकारी मोहखेड़ पुलिस को है। लेकिन मोहखेड़ पुलिस भी अपने आंख, कान और मुंह बंद किए बैठे है। जिससे मोहखेड़ पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है।

पुलिस सायरन का भी उपयोग, नहीं होती शिकायत

सागवन चोरी कैसे सनसनीखेज मामले में लुटेरे पुलिस सायरन का भी उपयोग करते हैं। और पुलिस सायरन बजाकर ही सागवान ले जा रही पिकअप का पीछा किया जाता है। जब गाड़ी रोक ली जाती है तब ड्राइवर के साथ मारपीट कर उसे भगा दिया जाता है। क्योंकि ज्यादातर तस्करी के मामले में पिकअप में केवल एक या दो लोग ही सवार होते हैं। और यह दो लोग ही सागौन की तस्करी कर खरीददार तक सागवन पहुंचाते है। लेकिन लुटेरे पहले ही पुलिस सायरन का उपयोग कर इस सागवन को लूट लेते हैं। बड़ी बात यह है कि सागवन लूट की शिकायत भी थानों में नहीं होती। इसके पीछे का कारण यह है कि सागवान की तस्करी खुद चोर करते हैं। चोरी की सागवान लूटने की शिकायत नहीं की जा सकती। इसलिए साले जीजा की जुगलबंदी चोरों की मेहनत पर डकैती डाल रहे हैं।

नेक्स्ट एपिसोड : कौन है मोहखेड़ और छिंदवाड़ा क्षेत्र के सेल जीजा ?

चोरों से लूट… Avinash Singh
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